New
GS Foundation (P+M) - Delhi : 23rd March 2026, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 15th March 2026 GS Foundation (P+M) - Delhi : 23rd March 2026, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 15th March 2026

प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना

(प्रारंभिक परीक्षा: लोकनीति, अधिकारों संबंधी मुद्दे, आर्थिक और सामाजिक विकास)
(मुख्य परीक्षा, सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र- 2: सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिये हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय; शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय)

संदर्भ 

प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (PMIS) की सीमित सफलता अब केवल नीतिगत बहस का विषय नहीं रही है बल्कि इसका प्रभाव सीधे सरकारी व्यय के आँकड़ों में भी साफ़ दिखाई देने लगा है। वित्त वर्ष 2025–26 के दौरान योजना के कमजोर क्रियान्वयन ने कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय के बजट उपयोग को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। अप्रैल से नवंबर 2025 के बीच मंत्रालय अपने कुल बजटीय आवंटन का महज़ लगभग 4% ही व्यय कर सका है। 

आवंटन एवं व्यय में बड़ा अंतर

  • लेखा महानियंत्रक (CAG) के आँकड़ों के अनुसार, मंत्रालय को वित्त वर्ष 2026 के लिए 11,500 करोड़ रुपए से अधिक का बजट आवंटन मिला था। इसके मुकाबले पहले आठ महीनों में वास्तविक खर्च 500 करोड़ रुपए से थोड़ा अधिक ही रहा।
  • इस कुल आवंटन का लगभग 94%, यानी 10,800 करोड़ रुपए से अधिक केवल प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के लिए निर्धारित था। ऐसे में बजट का कम उपयोग सीधे तौर पर पी.एम.आई.एस. के कमजोर प्रदर्शन की ओर संकेत करता है।
  • वित्त वर्ष 2025 में भी मंत्रालय बड़े पैमाने पर अपने आवंटित बजट का उपयोग नहीं कर पाया था। इसके चलते अगले बजट में मंत्रालय के आवंटन में 2,667 करोड़ रुप की भारी कटौती की गई और इसे घटाकर 1,078 करोड़ रुप कर दिया गया।

उम्मीदवारों और कंपनियों दोनों के स्तर पर चुनौती

  • प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (PMIS) के आंकड़े यह स्पष्ट करते हैं कि उम्मीदवारों और कंपनियों दोनों के स्तर पर चुनौती मौजूद है।
  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 15 दिसंबर, 2025 को संसद में लिखित उत्तर में बताया कि कंपनियों ने 82,000 से अधिक इंटर्नशिप प्रस्ताव दिए किंतु इनमें से केवल 28,000 को ही स्वीकार किया गया। इसका अर्थ है कि स्वीकृति दर केवल 34% रही।
  • यही पैटर्न पहले चरण के दौरान भी देखने को मिला। पी.एम.आई.एस. पायलट में 1.27 लाख इंटर्नशिप अवसरों के मुकाबले 6.21 लाख आवेदन प्राप्त हुए, यानी अवसरों की तुलना में आवेदन लगभग पाँच गुना अधिक थे। किंतु 30 नवंबर, 2025 तक केवल 2,066 प्रशिक्षुओं ने ही अपनी इंटर्नशिप पूरी की।
  • दूसरे चरण में भी स्थिति बेहतर नहीं थी। 1.18 लाख अवसरों के लिए 83,000 से अधिक प्रस्ताव आए किंतु इनमें से केवल 24,600 से कम प्रस्ताव स्वीकार किए गए, जिससे स्वीकृति दर 30% से नीचे गिर गई।

प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के बारे में 

  • भारत सरकार ने 3 अक्टूबर, 2024 को प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (PMIS) शुरू की। 
  • इस पहल का उद्देश्य अगले पांच वर्षों में एक करोड़ युवा भारतीयों को देश की शीर्ष कंपनियों में 12 महीने की सवैतनिक इंटर्नशिप प्रदान करना है जिससे अकादमिक शिक्षा एवं उद्योग की मांगों के बीच के अंतर को कम किया जा सके। 
  • प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (PMIS) भारत के सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में लागू की जा रही है। इसे देश की मौजूदा कौशल विकास, शिक्षुता, इंटर्नशिप और छात्र प्रशिक्षण योजनाओं से पूरी तरह अलग व स्वतंत्र रूप में संचालित किया जाएगा। 
  • यह प्लेटफॉर्म अब एक सरलीकृत पी.एम.आई.एस. पोर्टल के साथ-साथ एक समर्पित मोबाइल ऐप भी प्रदान करता है जिससे उपयोगकर्ता जिले, राज्य, क्षेत्र एवं स्थान के आधार पर अवसरों को आसानी से फ़िल्टर कर सकते हैं। 
  • पी.एम.आई.एस. का उद्देश्य एवं कार्यक्षेत्र

प्रशिक्षुओं के लिए लाभ

  • छात्रों को भारत की शीर्ष कंपनियों में 12 महीने का व्यावहारिक कार्य अनुभव प्राप्त होता है। इसका अर्थ है कि वे केवल कक्षा में नहीं, बल्कि उद्योग और सरकारी संस्थानों के वास्तविक कार्य वातावरण में सीखते हैं।
  • भारत सरकार प्रत्येक प्रशिक्षु को 4,500/- प्रति माह देती है जबकि उद्योग समूह द्वारा अतिरिक्त 500/- प्रति माह का योगदान दिया जाता है।
  • प्रशिक्षुओं के आकस्मिक व्यय के लिए 6,000 का एक एकमुश्त अनुदान प्रदान किया जाता है।
  • प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के तहत प्रत्येक प्रशिक्षु को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत बीमा कवरेज मिलता है।

पात्रता 

  • उम्मीदवार के लिए मुख्य पात्रता शर्तें इस प्रकार हैं:

  1. उम्मीदवार भारतीय नागरिक होना चाहिए।
  2. उम्मीदवार की आयु 21 से 24 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
  3. उम्मीदवार कहीं पूर्णकालिक रूप से काम नहीं कर रहा होना चाहिए।
  4. उम्मीदवार कहीं पूर्णकालिक शिक्षा पाठ्यक्रम में नामांकित नहीं होना चाहिए।
  5. ऑनलाइन या दूरस्थ शिक्षा कार्यक्रम में नामांकन करने वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं।
  6. शैक्षणिक योग्यता: उम्मीदवार के पास निम्न में से किसी एक में से कोई भी होना चाहिए-
    • हाई स्कूल (10वीं) उत्तीर्ण
    • हायर सेकेंडरी स्कूल (12वीं) उत्तीर्ण
    • ITI प्रमाणपत्र
    • पॉलिटेक्निक डिप्लोमा
  7. स्नातक डिग्री (बीए, बीएससी, बीकॉम, बीसीए, बीबीए, बीफार्मा आदि)
    • उम्मीदवार के परिवार की वार्षिक आय 8,00,000/- से अधिक नहीं होनी चाहिए। 

पायलट चरण में प्राप्त उपलब्धियाँ– पहला चरण (अक्टूबर-दिसंबर 2024)

प्रायोगिक चरण में विस्तार- दूसरा चरण (जनवरी-मार्च 2025)

  • इसमें सभी 735 जिलों में 1.18 लाख से अधिक इंटर्नशिप के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। 
  • इसमें 327 प्रतिष्ठित कंपनियों की भागीदारी है। 
  • अवसर, ऑटोमोबाइल, यात्रा एवं आतिथ्य, बैंकिंग एवं वित्त, विनिर्माण, धातु एवं खनन, एफ.एम.सी.जी. आदि जैसे विविध क्षेत्रों में फैले हुए हैं जो विभिन्न शैक्षणिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों के लिए उपयुक्त हैं। 

पायलट चरण के दूसरे दौर की मुख्य विशेषताएँ

इंटर्नशिप के अवसर

  • स्नातकों (बीए, बीएससी, बीकॉम, बीबीए, बीसीए, आदि) के लिए 37,000 रुपए
  • आई.टी.आई. धारकों के लिए 23,000 रुपए
  • डिप्लोमा धारकों के लिए 18,000 रुपए
  • 12वीं पास उम्मीदवारों के लिए 15,000 रुपए 
  • दसवीं उत्तीर्ण उम्मीदवारों के लिए 25,000 रुपए 
« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR
X