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पाइरोक्यूमुलोनिम्बस बादल

पाइरोक्यूमुलोनिम्बस बादल 

अमेरिका एवं कनाडा में जंगल की भीषण आग के कारण पाइरोक्यूमुलोनिम्बस बादलों (Pyrocumulonimbus Clouds) की आवृत्ति में वृद्धि देखी गई है।

Pyrocumulonimbus-Clouds

पाइरोक्यूमुलोनिम्बस बादल

  • सामान्य जंगल की आग से इन बादलों का निर्माण नहीं होता है। यह केवल तभी घटित होते हैं जब जंगल की आग अत्यधिक भीषण व गर्म होती है।
  • उदाहरण के लिए, ऐसे बादल 2019-2020 की ऑस्ट्रेलियाई बुशफायर के दौरान निर्मित हुए थे जब तापमान 800 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया था।
  • ज्वालामुखी विस्फोट से भी पायरोक्यूमुलोनिम्बस बादलों का निर्माण हो सकता है।
  • निर्माण प्रक्रिया : जब जंगलों की आग से निकलने वाली तीव्र ऊष्मा आसपास की वायु को गर्म कर देती है और ये वायु वायुमंडल में ऊपर की ओर बढ़ती है, तो इन बादलों का निर्माण होता है।
  • पाइरोक्यूम्यलस बादल : गर्म व तेज़ वायु अपने साथ जल वाष्प, धुआं एवं राख को भी ऊपर तक ले जाती है, जहाँ इसका विस्तार होने के साथ यह तेजी से ठंडी हो जाती है।
  • ठंडी होने पर जलवाष्प राख पर संघनित हो जाती है, जिससे धूसर या भूरे रंग के बादलों का निर्माण होता है। 
  • इस अवस्था में बादल को पाइरोक्यूम्यलस बादल या ‘अग्नि बादल’ (Fire Cloud) भी कहा जाता है।
  • पाइरोक्यूमुलोनिम्बस बादल : यदि पर्याप्त जलवाष्प उपलब्ध है और गर्म वायु की गति ऊपर की ओर तेज हो जाती है, पायरोक्यूम्यलस बादल, पायरोक्यूम्यलोनिम्बस बादल में विकसित हो सकते हैं।
  • ये बादल 50,000 फीट की ऊंचाई तक पहुंच सकते हैं और अपने स्वयं के तूफान तंत्र विकसित कर सकते हैं।
  • प्रभाव : पाइरोक्यूमुलोनिम्बस बादल तड़ित झंझा से बिजली पैदा कर सकते हैं, जिससे मुख्य आग से कई किलोमीटर दूर नई वनाग्नि का खतरा उत्पन्न हो सकता है। 
  • इन बादलों के कारण वायु की गति भी तेज हो जाती है जिससे वनाग्नि तेजी से और अप्रत्याशित रूप से फैल सकती हैं।
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