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रूस द्वारा एंटी-सैटेलाइट मिसाइल का परीक्षण

चर्चा में क्यों?

हाल ही में, रूस ने ‘डायरेक्ट-एसेंट एंटी-सैटेलाइट’ (Direct-Ascent Anti-Satellite: DA-ASAT) का सफलतापूर्वक परीक्षण किया। यह रूस द्वारा पूर्व में किये गए ‘ए-सैट’ परीक्षण की तुलना में अधिक उन्नत है। 

प्रमुख बिंदु

  • इस परीक्षण में रूस ने वर्ष 1982 में लॉन्च किये गए ‘कॉसमॉस-1408’ नामक एक उपग्रह को ध्वस्त कर दिया।
  • ‘ए-सैट हथियार’ संचार और निगरानी क्षमता को बाधित करके उपग्रहों को उनकी कक्षा में ही नष्ट करने की क्षमता प्रदान करता है।
  • अभी तक केवल भारत, चीन, रूस और अमेरिका ने ही इस क्षमता का प्रदर्शन किया है।

मूल्यांकन 

  • इस परीक्षण से ‘लो अर्थ ऑर्बिट’ में अंतरिक्ष मलबे की समस्या उत्पन्न होने से अंतरिक्ष यात्रियों के जीवन, अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की सुरक्षा और उपग्रहों के लिये खतरा पैदा हो गया है। उपग्रहों के संचालन में बाधा से सामान्य जनजीवन प्रभावित होगा।
  • इससे बाह्य अंतरिक्ष गतिविधियों के लिये भी खतरा पैदा हो गया है। बाह्य अंतरिक्ष के अन्वेषण और उपयोग गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिये वर्ष 1967 में ‘बाह्य अंतरिक्ष संधि’ को लागू किया गया था।

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