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SHE Marts: महिला उद्यमिता को नया बाज़ार मंच

चर्चा में क्यों ?

  • हाल ही में केंद्रीय वित्त मंत्री ने बजट में SHE-Marts (Self Help Entrepreneur Marts) की घोषणा की है। 
  • यह पहल ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों की महिला उद्यमियों, विशेष रूप से स्वयं सहायता समूहों (SHGs) से जुड़ी महिलाओं को संगठित बाज़ार मंच उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
  • इसे “लखपति दीदी” कार्यक्रम की सफलता का स्वाभाविक विस्तार भी माना जा रहा है।

SHE-Marts क्या हैं ?

  • SHE-Marts अर्थात स्वयं सहायता उद्यमी मार्ट्स (Self Help Entrepreneur Marts) को सामुदायिक स्वामित्व वाले खुदरा आउटलेट्स के रूप में परिकल्पित किया गया है। 
  • इन्हें क्लस्टर-स्तरीय संघों (Cluster Level Federations – CLFs) के भीतर स्थापित किया जाएगा और ये उन्नत तथा नवोन्मेषी वित्तीय साधनों द्वारा समर्थित होंगे।
  • सरल शब्दों में, ये ऐसे संगठित बाज़ार केंद्र होंगे जहाँ SHG महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं तक पहुँच सकेंगे।

SHE-Marts के प्रमुख उद्देश्य

SHE-Marts की स्थापना निम्नलिखित उद्देश्यों के साथ की जा रही है:

  1. स्थायी खुदरा केंद्रों की स्थापना
    • स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाए गए हस्तशिल्प, खाद्य उत्पाद, कपड़े, अचार, मसाले, घरेलू सजावट के सामान आदि के लिए स्थायी बिक्री केंद्र उपलब्ध कराना।
  2. प्रत्यक्ष बाज़ार पहुँच में सुधार
    • बिचौलियों पर निर्भरता कम करना और महिलाओं को सीधे ग्राहकों से जोड़ना।
  3. मूल्य संवर्धन (Value Addition) को बढ़ावा
    • केवल कच्चे उत्पाद बेचने के बजाय पैकेजिंग, ब्रांडिंग और प्रोसेसिंग के माध्यम से उत्पादों की गुणवत्ता और मूल्य बढ़ाना।
  4. नवीन वित्तपोषण साधनों का उपयोग
    • इन मार्ट्स को माइक्रो-क्रेडिट, बैंक लोन, डिजिटल भुगतान प्रणाली और सरकारी सहायता के माध्यम से वित्तीय रूप से सशक्त बनाना।
  5. महिला उद्यमिता को बढ़ावा
    • महिलाओं को केवल श्रमिक नहीं, बल्कि उद्यमी और व्यवसायी के रूप में स्थापित करना।

नीतिगत बदलाव का संकेत

SHE-Marts की घोषणा एक बड़ा नीतिगत बदलाव दर्शाती है:

  • पहले: महिलाओं को मुख्यतः सूक्ष्म ऋण (Microfinance) देकर छोटी-छोटी आजीविका गतिविधियों तक सीमित रखा जाता था।
  • अब: सरकार का फोकस संरचित, महिला-स्वामित्व वाले उद्यमों के निर्माण पर है, जहाँ वे उत्पादन, ब्रांडिंग और विपणन तक पूरी मूल्य श्रृंखला में भागीदार बनेंगी।

लखपति दीदी कार्यक्रम क्या है ?

  • लखपति दीदी कार्यक्रम ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा संचालित एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका लक्ष्य स्वयं सहायता समूहों (SHGs) से जुड़ी महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य

इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को इस स्तर तक सक्षम बनाना है कि वे:

  • अपना छोटा व्यवसाय शुरू कर सकें
  • सालाना कम से कम 1 लाख रुपये की स्थिर आय अर्जित कर सकें
  • आर्थिक रूप से परिवार पर निर्भर न रहें

प्रशिक्षण और कौशल विकास

इस कार्यक्रम के तहत महिलाओं को विभिन्न व्यावसायिक कौशलों में प्रशिक्षित किया जाता है, जैसे:

  • प्लंबिंग
  • LED बल्ब बनाना
  • ड्रोन चलाना और उसकी मरम्मत
  • सिलाई और बुनाई
  • खाद्य प्रसंस्करण
  • जैविक खेती और पशुपालन
  • डिजिटल भुगतान और ई-कॉमर्स

प्रशिक्षण के बाद क्या ?

प्रशिक्षण पूरा होने के बाद महिलाओं को:

  • स्वयं का व्यवसाय शुरू करने में सहायता दी जाती है
  • बैंक लोन और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है
  • सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाता है
  • स्थानीय बाजारों और अब SHE-Marts के माध्यम से बेहतर बिक्री मंच मिलता है

लखपति दीदी और SHE-Marts का आपसी संबंध

पहलू

लखपति दीदी

SHE-Marts

लक्ष्य

महिलाओं को कुशल बनाना

उनके उत्पाद बेचने का मंच देना

फोकस

प्रशिक्षण और आय

बाजार और विपणन

स्वरूप

कौशल विकास योजना

खुदरा बाजार मंच

भूमिका

उद्यमी तैयार करना

उद्यमियों को बाजार देना

अर्थात्, लखपति दीदी महिलाओं को “बनाना” सिखाती है और SHE-Marts उन्हें “बेचना” सिखाता है।

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