हाल ही में, भारत के संचार मंत्री ने उमरी गाँव में एक समृद्धि केंद्र का उद्घाटन किया। यह केंद्र समृद्ध ग्राम फिजिटल सर्विसेज पायलट पहल के अंतर्गत स्थापित किया गया है जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक सेवाओं की पहुंच को मजबूत करना है।
परियोजना का उद्देश्य
- समृद्ध ग्राम फिजिटल सेवाएँ पायलट परियोजना को एक अभिनव ‘फिजिटल’ (Physical + Digital = Phygital) मॉडल के रूप में तैयार किया गया है। इस मॉडल में भौतिक सुविधाओं और डिजिटल तकनीक को एक साथ जोड़कर ग्रामीण नागरिकों को विभिन्न सेवाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी।
- इस पहल का मुख्य लक्ष्य ग्रामीण भारत में विकास को गति देना है ताकि लोगों को आवश्यक सेवाएँ भौतिक केंद्रों और डिजिटल प्लेटफॉर्म दोनों के माध्यम से आसानी से प्राप्त हो सकें।
- यह परियोजना भारतनेट (BharatNet) नेटवर्क की कनेक्टिविटी का उपयोग करके ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाओं की निर्बाध एवं स्थायी उपलब्धता सुनिश्चित करने का प्रयास करती है।
पायलट परियोजना के लिए चयनित गांव
- इस पहल के तहत तीन राज्यों के कुछ गांवों को पायलट परियोजना के लिए चुना गया है जिनमें शामिल हैं-
- अरी गाँव और उमरी गाँव (मध्य प्रदेश)
- नरकोदुरु गाँव (आंध्र प्रदेश)
- चौरवाला गाँव (उत्तर प्रदेश)
- इन सभी चयनित गांवों में समृद्धि केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जो एक एकीकृत डिजिटल सेवा केंद्र के रूप में कार्य करेंगे। इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण नागरिकों को विभिन्न सरकारी और डिजिटल सेवाएँ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी।
समृद्धि केंद्र द्वारा प्रदान की जाने वाली प्रमुख सेवाएँ
1. शिक्षा एवं कौशल विकास
- स्मार्ट क्लासरूम की सुविधा
- AR/VR आधारित शिक्षण प्रणाली
- सरकारी योजनाओं के अनुरूप डिजिटल कौशल प्रशिक्षण
2. कृषि क्षेत्र से संबंधित सेवाएँ
- IoT आधारित मृदा परीक्षण
- कृषि कार्यों के लिए ड्रोन सहायता
- आधुनिक स्मार्ट सिंचाई प्रणाली
3. स्वास्थ्य सेवाएँ
- टेली-कंसल्टेशन के माध्यम से डॉक्टर से परामर्श
- हेल्थ ए.टी.एम. की सुविधा
- आपातकालीन चिकित्सा सेवाएँ
4. ई-गवर्नेंस सेवाएँ
- विभिन्न सरकारी सेवाओं तक आसान पहुंच
- दस्तावेज़ तैयार करने में सहायता
- शिकायतों के निवारण की सुविधा
5. ई-कॉमर्स और उद्यमिता
- ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) से जुड़ाव
- डिजिटल बाजारों के माध्यम से स्थानीय उद्यमियों को व्यापार के अवसर प्रदान करना
6. वित्तीय समावेशन
- डिजिटल बैंकिंग सेवाएँ
- ऑनलाइन भुगतान और डिजिटल लेन-देन की सुविधा
कनेक्टिविटी अवसंरचना
- इस परियोजना के अंतर्गत भारतनेट (BharatNet) की FTTH (Fiber to the Home) कनेक्टिविटी को और मजबूत किया जाएगा।
- इसके साथ ही गांवों में विलेज एरिया नेटवर्क (Village Area Network) तथा सार्वजनिक वाई-फाई हॉटस्पॉट भी स्थापित किए जाएंगे, जिससे डिजिटल सेवाओं की पहुंच अधिक बेहतर होगी।
कार्यान्वयन एजेंसी
इस परियोजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी दूरसंचार विभाग (DoT) को सौंपी गई है जो इसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सशक्तिकरण को बढ़ावा देने का प्रयास कर रहा है।