New
Final Result - UPSC CSE Result, 2025 GS Foundation (P+M) - Delhi : 23rd March 2026, 11:30 AM Navratri offer UPTO 75% + 10% Off | Valid till 26th March GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 17th March 2026 Final Result - UPSC CSE Result, 2025 GS Foundation (P+M) - Delhi : 23rd March 2026, 11:30 AM Navratri offer UPTO 75% + 10% Off | Valid till 26th March GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 17th March 2026

ब्लैक प्लास्टिक से संबंधित अध्ययन

(मुख्य परीक्षा, सामान्य अध्ययन प्रश्नप्रत्र-3: प्रौद्योगिकी, आर्थिक विकास, जैव विविधता, पर्यावरण, सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन)

संदर्भ 

  • रिसाइकिल किए गए ब्लैक प्लास्टिक (Black Plastic) के संदर्भ में पिछले वर्ष एक अध्ययन में दावा किया गया कि इस सामग्री में जहरीले अग्निरोधी तत्व होते हैं जो खतरनाक स्तर पर आहार में मिल सकते हैं।
  • हालाँकि, हाल ही में यह पाया गया कि अध्ययन में एक विषैले रसायन के स्तर की गणना गलत तरीके से की गई थी जिसमें बाद में सुधार करना पड़ा।

ब्लैक प्लास्टिक से संबंधित अध्ययन के निष्कर्ष 

  • पिछले वर्ष अक्तूबर में केमोस्फीयर जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में अमेरिका में बिकने वाले 203 ब्लैक प्लास्टिक के घरेलू उत्पादों का विश्लेषण किया गया, जिनमें बर्तन, टेकअवे कंटेनर एवं खिलौने शामिल थे।
  • शोध में इन उत्पादों में डेकाब्रोमोडिफेनिल ईथर (BDE-209) नामक एक अग्नि-रोधी रसायन के स्तर का आकलन किया गया, जो पर्यावरण में आसानी से विघटित नहीं हो पाता है। 
    • हालाँकि, संभावित मानव स्वास्थ्य जोखिमों के कारण एक दशक से भी अधिक समय पहले अमेरिका में इसका उपयोग बंद कर दिया गया था। 
  • बर्तनों में BDE-209 का स्तर अमेरिका की पर्यावरण स्वास्थ्य संरक्षण एजेंसी (EPA) की सीमा से कम होने के बावजूद भी शोधकर्ताओं का सुझाव है कि इन अग्निरोधी पदार्थों की ‘सुरक्षित सीमा’ के बारे में अभी भी अपर्याप्त शोध का आभाव हैं जिससे इन बर्तनों के उपयोग में सावधानी बरतनी चाहिए।   

ब्लैक प्लास्टिक के बारे में 

  • क्या है : यह प्लास्टिक का एक प्रकार है जिसे प्राय: कंप्यूटर, टी.वी. एवं अन्य उपकरणों जैसे पुनर्चक्रित इलेक्ट्रॉनिक कचरे से बनाया जाता है। इससे बनाए गए उत्पादों को अधिक आकर्षक एवं एक समान रंग देने के लिए निर्माताओं द्वारा आमतौर पर रीसाइकिल किए गए उत्पादों में ‘कार्बन ब्लैक’ नामक डाई कलर मिलाया जाता है।
    • इलेक्ट्रॉनिक्स में आमतौर पर अग्नि मंदक ब्रोमीन, एंटीमनी एवं सीसा, कैडमियम व पारा जैसी भारी धातुएँ होती हैं। 
      • आग के खतरों को रोकने के लिए इन इलेक्ट्रॉनिक्स में अग्नि मंदक शामिल किए जाते हैं। 
    • उपर्युक्त पदार्थ एवं भारी धातुएँ उच्च स्तर पर मनुष्यों के लिए विषाक्त मानी जाती हैं और अब कई देशों में इन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
  • उपयोग : ब्लैक प्लास्टिक का उपयोग रोजमर्रा की कई वस्तुओं में किया जाता है जिनमें खाद्य कंटेनर, बर्तन व पैकेजिंग आदि शामिल हैं। 
    • इसका उपयोग लैपटॉप व टेलीविजन जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को रखने के लिए भी किया जाता है।

ब्लैक प्लास्टिक के दुष्प्रभाव

  • मानव स्वास्थ्य पर : ब्लैक प्लास्टिक में मौजूद BPA एवं फैथलेट्स (Phthalates) जैसे रसायन अंतःस्रावी तंत्र को बाधित करते हैं जिससे मोटापा, मधुमेह एवं प्रजनन संबंधी समस्याएँ हो सकती हैं। इस प्लास्टिक में कुछ विशेष तत्वों के संपर्क में आने से बच्चों में विकास संबंधी समस्या, बौद्धिक क्षमता में कमी तथा तंत्रिका संबंधी अन्य विकार भी हो सकते हैं।
  • पर्यावरणीय प्रभाव : ब्लैक प्लास्टिक आसानी से  रीसाइकिल नहीं होता है, इसलिए इसे प्राय: लैंडफिल या भस्मक संयंत्रों में भेज दिया जाता है जिससे डाइऑक्सिन एवं फ्यूरान जैसे जहरीले पदार्थ वायु में प्रसारित हो जाते हैं। ये ज्ञात कार्सिनोजेन (कैंसरकारक) हैं जो समय के साथ साँस लेने पर मानव स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
  • माइक्रोप्लास्टिक संदूषण : ब्लैक प्लास्टिक द्वारा माइक्रोप्लास्टिक संदूषण में भी वृद्धि होती है जो भोजन, पानी एवं हवा में पहुँच जाता है। इससे मानव शरीर में सूजन, ऑक्सीडेटिव तनाव एवं कोशिकीय क्षति होती है। 

निष्कर्ष

भोजन को भंडारित करने एवं बनाने में ब्लैक प्लास्टिक के स्थान पर कांच व स्टेनलेस स्टील जैसे सुरक्षित, हानिरहित रसायनों वाली सामग्री का ही उपयोग करना चाहिए। ब्लैक प्लास्टिक की रासायनिक संरचना और पर्यावरणीय प्रभाव से जुड़े संभावित जोखिम अत्यधिक हैं।

« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR
X