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एमपेंबा प्रभाव

संदर्भ

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के एक स्वायत्त संस्थान ‘जवाहरलाल नेहरू उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्र (JNCASR)’ के शोधकर्ताओं ने सुपरकंप्यूटरों का उपयोग करके बर्फ निर्माण का पहला सिमुलेशन विकसित किया है जो पानी के एमपेंबा प्रभाव (Mpemba Effect) को सिद्ध करता है। साथ ही, यह इस बात को भी दर्शाता है कि यह पानी के अलावा अन्य प्रणालियों में तरल से ठोस संक्रमण के दौरान भी प्रकट हो सकता है। 

प्रमुख बिंदु  

  • शोधकर्ताओं ने समझाया है कि जब पानी ठंडा होता है तो वास्तविक बर्फ बनने से पहले वह अल्पकालिक आणविक व्यवस्थाओं की मध्यवर्ती अवस्थाओं में फंस सकता है। अलग-अलग प्रारंभिक तापमानों पर यह अवस्थाएँ अलग-अलग समय तक बनी रहती हैं। 
  • गर्म पानी कभी-कभी बर्फ के निर्माण की प्रक्रिया (न्यूक्लिएशन) के लिए एक तीव्र मार्ग ‘चुन’ सकता है जिससे ठंडे पानी में होने वाली देरी से बचा जा सकता है।
  • इस बात की अब तक की सबसे अच्छी व्याख्या कि ‘ठंडे पानी की तुलना में गर्म पानी तेजी से क्यों जम सकता है’ असंतुलित भौतिकी की दुनिया में एक महत्वपूर्ण कदम है। 

एमपेंबा प्रभाव के बारे में

  • एमपेंबा प्रभाव एक असामान्य व विरोधाभासी घटना है जिसमें कुछ विशेष परिस्थितियों में गर्म तरल पदार्थ ठंडे तरल की तुलना में अधिक तेजी से ठंडा या जम सकता है। 

  • इस प्रभाव का उल्लेख प्राचीन दार्शनिक अरस्तू ने अपनी पुस्तक मेटेरोलोजिका में किया था।
  • इसका नाम तंजानियाई छात्र एरास्टो एमपेंबा के नाम पर रखा गया है जिन्होंने 1969 में इस अप्रत्याशित घटना को पहली बार नोट किया और इसके परिणामस्वरूप रोचक वैज्ञानिक अवलोकन सामने आए। 

स्पष्टीकरण 

  • सूक्ष्म बुलबुले: वैज्ञानिकों का मानना है कि उबलते पानी में गर्म करने के बाद बने सूक्ष्म बुलबुले एमपेंबा प्रभाव का एक कारण हो सकते हैं। ये छोटे बुलबुले संवहन (Heat Convection) को बढ़ावा देते हैं और पानी के ठंडा होने पर ऊष्मा को तेजी से बाहर निकालने में मदद करते हैं।
  • वाष्पीकरण: गर्म पानी अधिक तेजी से वाष्पित होता है और यह वाष्प अपने साथ कुछ ऊष्मा भी ले जाता है। (वाष्पीकरण स्वाभाविक रूप से ऊष्मा अवशोषित करता है, जैसे कि पसीना हमारी त्वचा को ठंडा करता है)। इससे गर्म पानी में संवहन और ऊष्मा स्थानांतरण दोनों तेज़ हो जाते हैं क्योंकि गर्म पानी का घनत्व ठंडे पानी से कम होता है।
  • पाले की मौजूदगी: ठंडे पानी में पाले की उपस्थिति ऊष्मा हानि को धीमा कर सकती है जिससे गर्म पानी अपेक्षाकृत तेजी से जम सकता है।
  • घुलनशील यौगिक: वैज्ञानिकों ने यह भी विचार किया है कि पानी में मौजूद कैल्शियम कार्बोनेट जैसे यौगिक उबालने पर अवक्षेपित हो सकते हैं और बाद में फिर से घुल सकते हैं जिससे पानी का जमाव बिंदु (Freezing Point) प्रभावित हो सकता है।

निष्कर्ष

हाल के शोधों से पता चला है कि एमपेंबा प्रभाव केवल पानी तक ही सीमित नहीं है। सिमुलेशन और प्रयोग दिखाते हैं कि अन्य तरल पदार्थों में भी द्रव से ठोस अवस्था में परिवर्तन के दौरान इसी तरह का व्यवहार देखा जा सकता है।

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