गुजरात में एशियाई शेरों की संख्या बढ़कर 891 हुई

चर्चा में क्यों?

  • मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शेरों की गिनती के बाद नए आंकड़े जारी किए. साल 2020 में 674 शेर थे, जो अब बढ़कर 891 हो गए हैं।
  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 'प्रोजेक्ट लायन' के तहत किए जा रहे प्रयासों की सराहना की, जो गुजरात में शेरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ उन्हें अनुकूल वातावरण भी प्रदान कर रहे हैं।

एशियाटिक शेर:

  • यह भारत का एक गौरवशाली और दुर्लभ वन्यजीव है। 
  • यह प्रजाति अब केवल भारत के गुजरात राज्य के गिर राष्ट्रीय उद्यान और उसके आसपास के क्षेत्रों में पाई जाती है।  
  • वैज्ञानिक नाम: Panthera leo persica
  • परिवार: Felidae (बिल्ली प्रजाति)

मुख्य विशेषताएँ:

विशेषता

विवरण

आकार व रंग

नर शेर के गले के चारों ओर अयाल (mane) हल्के होते हैं, जो अफ्रीकी शेर की तुलना में कम घने होते हैं। शरीर का रंग हल्का पीला-भूरा होता है।

वजन

नर: 160–190 किलोग्राम, मादा: 110–120 किलोग्राम

लंबाई

2.75 मीटर तक

समूह जीवन

ये शेर "प्राइड" में रहते हैं, जिसमें एक से अधिक मादा और एक या दो नर होते हैं।

आवाज

इनकी दहाड़ अफ्रीकी शेरों की तुलना में कम तीव्र होती है।

जीवनकाल

लगभग 16-18 वर्ष

संरक्षण की स्थिति

श्रेणी

विवरण

IUCN स्थिति

Endangered (लुप्तप्राय)

CITES सूची

Appendix I

भारत में संरक्षण

अनुसूची-I (वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972)

प्रोजेक्ट लायन: 

विशेषता

विवरण

घोषणा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 15 अगस्त 2020 को लाल किले से की गई

लक्ष्य

एशियाटिक शेरों की जनसंख्या में वृद्धि, स्वस्थ आवास और वैकल्पिक स्थानों पर पुनर्वास

प्रमुख क्षेत्र

गिर राष्ट्रीय उद्यान और इसके बाहर के विस्तारित क्षेत्र

कार्यन्वयन निकाय

भारत सरकार का पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) एवं गुजरात वन विभाग

प्रश्न. एशियाटिक शेर की वर्तमान में सर्वाधिक आबादी कहाँ पाई जाती है?

(a) काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान

(b) रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान

(c) गिर राष्ट्रीय उद्यान

(d) सुंदरबन टाइगर रिजर्व

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