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विकिमीडिया केस और जनता का जानने का अधिकार

(प्रारंभिक परीक्षा : समसामयिक राजनीतिक घटनाक्रम)
(मुख्य परीक्षा, सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र- 2: कार्यपालिका एवं न्यायपालिका की संरचना, संगठन व कार्य; शासन व्यवस्था, पारदर्शिता और जवाबदेही के महत्त्वपूर्ण पक्ष)

संदर्भ

9 मई, 2025 को सर्वोच्च न्यायालय ने दिल्ली उच्च न्यायालय के उस आदेश को रद्द कर दिया है जिसमें विकिमीडिया फाउंडेशन को विकिपीडिया का एक पेज हटाने का निर्देश दिया गया था। यह पेज ए.एन.आई. (ANI) के मानहानि मुकदमे से संबंधित था। इस फैसले ने जानने के अधिकार को अनुच्छेद 19(1)(a) एवं 21 के तहत मौलिक अधिकार के रूप में पुनः स्थापित किया है।

ANI बनाम विकिमीडिया विवाद के बारे में

  • जुलाई 2024 में ANI ने विकिमीडिया के खिलाफ मानहानि मुकदमा दायर किया, जिसमें दावा किया था कि विकिपीडिया का एक पेज (लेख) उन्हें ‘सरकारी प्रचार उपकरण’ बताकर बदनाम करता है।
  • अक्तूबर 2024 में उपयोगकर्ताओं ने मुकदमे के विवरण से संबंधित एक नया पेज बनाया, जिसे उच्च न्यायालय ने अवमानना मानकर हटाने का आदेश दिया। विकिमीडिया ने आदेश को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन बताते हुए अपील की। 
  • जस्टिस अभय एस. ओका व उज्जल भुइयां की पीठ ने दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश को रद्द किया, क्योंकि यह ‘आवश्यकता एवं अनुपातिकता’ के मानदंडों को पूरा नहीं करता है।

इसे भी जानिए!

आवश्यकता एवं अनुपातिकता परीक्षण मानदंडों के बारे में

  • आवश्यकता (Necessity) : यह परीक्षण सुनिश्चित करता है कि कोई क्रिया या नियम वास्तव में आवश्यक है और किसी महत्वपूर्ण उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए आवश्यक है।
  • समानुपातिकता (Proportionality) : यह परीक्षण सुनिश्चित करता है कि किसी नियम या क्रिया का प्रभाव उस आवश्यकता के अनुपात में उचित हो।

सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के प्रमुख बिंदु

  • जानने का अधिकार : अनुच्छेद 19(1)(a) एवं 21 के तहत मौलिक अधिकार है जो जनता को सार्वजनिक विकास एवं न्याय तक पहुँच में सक्षम बनाता है।
  • न्यायिक जवाबदेही : न्यायालय सार्वजनिक बहस एवं आलोचना के लिए खुली रहें। न्यायपालिका व मीडिया लोकतंत्र के आधार स्तंभ हैं।
    • न्यायाधीशों ने भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ के जेरेमी बेंथम के कथन को उद्धृत करते हुए कहा कि अदालती कार्यवाही के बारे में प्रचार .........न्यायाधीश को मुकदमा चलाने के दौरान परीक्षण के अधीन रखता है।
  • अवमानना का दुरुपयोग : सामग्री हटाने का आदेश न्याय प्रशासन या निष्पक्ष सुनवाई के लिए वास्तविक व पर्याप्त जोखिम होने पर ही उचित है।
  • मीडिया की स्वतंत्रता : अदालतें मीडिया को सामग्री हटाने का निर्देश न दें।

निर्णय का महत्व

  • अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का संरक्षण
  • उच्च न्यायालयों को मौलिक अधिकारों के प्रति संवेदनशीलता
  • मध्यस्थ दायित्व की मान्यता 
  • टिप्पणियों को अवमानना नहीं माना जाना चाहिए 

मामले का व्यापक प्रभाव

  • लोकतांत्रिक पारदर्शिता : न्यायिक कार्यवाहियों पर बहस को प्रोत्साहन
  • डिजिटल अभिव्यक्ति : ऑनलाइन सूचना का मुक्त प्रवाह
  • मध्यस्थ सुरक्षा : सुरक्षित हार्बर प्रावधान
  • न्यायिक सुधार : संयम की आवश्यकता

जानने का अधिकार: संवैधानिक परिप्रेक्ष्य

संवैधानिक आधार

  • अनुच्छेद 19(1)(a): अभिव्यक्ति एवं सूचना का अधिकार
  • अनुच्छेद 21: सूचित नागरिकों के लिए आवश्यक

वैश्विक परिप्रेक्ष्य

  • जानने का अधिकार मानव अधिकारों का सार्वजनिक घोषणापत्र (UDHR) और अंतर्राष्ट्रीय नागरिक एवं राजनीतिक अधिकार प्रसंविदा (ICCPR) का हिस्सा है। 
  • विकिमीडिया डिजिटल युग में इसे बढ़ावा देता है।

विकिमीडिया की मध्यस्थ स्थिति

  • सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम : विकिमीडिया धारा 79 के तहत मध्यस्थ है जिस पर उपयोगकर्ता-जनित सामग्री के लिए सीमित दायित्व है।
  • उपयोगकर्ता स्वतंत्रता : विकिपीडिया का मॉडल उपयोगकर्ताओं को स्वतंत्र संपादन की अनुमति देता है जो जानने के अधिकार को मजबूत करता है।
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