हाल ही में, भारत के मेंढक विशेषज्ञ एस.डी. बिजू के नेतृत्व में वैज्ञानिकों के एक समूह ने अरुणाचल प्रदेश के दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों से मेंढक की दो नई प्रजातियों की पहचान की है। इनका नाम सोमन स्लेंडर आर्म फ्रॉग (Leptobrachium somani) और मेचुका स्लेंडर आर्म फ्रॉग (Leptobrachium mechuka) रखा गया है।
सोमन स्लेंडर आर्म फ्रॉग (Leptobrachium somani)
- यह पतली भुजाओं वाले मेंढकों की एक नवीन प्रजाति है जिसकी खोज अरुणाचल प्रदेश के तिवारीगांव क्षेत्र में की गई।
- इसका नाम दिवंगत पत्रकार ई. सोमनाथ की स्मृति में रखा गया है जो पर्यावरण पत्रकारिता के प्रति उनके आजीवन योगदान का सम्मान है।
- इस छोटे आकार के मेंढक की लंबाई लगभग 55 मिमी होती है। इसका शरीर भूरे-धूसर रंग का होता है जिस पर हल्के भूरे रंग के अनियमित धब्बे दिखाई देते हैं। इसकी आंखें चांदी-धूसर से लेकर हल्के नीले रंग की विशिष्ट आभा लिए होती हैं।
- यह प्रजाति सदाबहार वनों में पाई जाती है और इसके नर आमतौर पर तेज़ या धीमी गति से बहने वाली जलधाराओं के किनारों से आवाज़ करते हुए देखे जाते हैं।
मेचुका स्लेंडर आर्म फ्रॉग (Leptobrachium mechuka)
- यह भी पतली भुजाओं वाले मेंढकों की एक नई प्रजाति है। इसका नाम अरुणाचल प्रदेश के मेचुका नगर के नाम पर रखा गया है।
- लगभग 60 मिमी. लंबी यह प्रजाति सदाबहार वनों तथा उनसे सटे घास के मैदानों में पाई जाती है।
- इसका शरीर समान रूप से भूरे रंग का होता है जिसमें हल्की लालिमा झलकती है जबकि इसकी आंखें आकर्षक चांदी जैसी सफेद रंग की होती हैं।