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यूनेस्को ने ऑस्ट्रेलिया की ग्रेट बैरियर रीफ को खतरे की सूची से हटाया

प्रारंभिक परीक्षा – ग्रेट बैरियर रीफ
मुख्य परीक्षा - सामान्य अध्ययन, पेपर- 3

संदर्भ

  • यूनेस्को ने ऑस्ट्रेलिया की ग्रेट बैरियर रीफ को "खतरे की" सूची से हटा दिया है।

Great-Barrier-Reef

प्रमुख बिंदु 

यूनेस्को ने ऑस्ट्रेलिया की ग्रेट बैरियर रीफ को खतरे की सूची में क्यों रखा था ? 

  • वर्तमान में जलवायु परिवर्तन कारकों से रीफ प्रतिकूल और महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित हो रहा था, बार-बार ब्लीचिंग की घटनाओं के कारण कई चट्टानें बंजर हो गई थीं। 
  • जल की गुणवत्ता में भी गिरावट आ गया था, जिस कारण से यूनेस्को ने ऑस्ट्रेलिया की ग्रेट बैरियर रीफ को खतरे की सूची में रख दिया था लेकिन आस्ट्रेलिया सरकार के प्रयासों से इसे इस सूची से हटा लिया गया है ।

ग्रेट बैरियर रीफ

  • ग्रेट बैरियर रीफ पृथ्वी का सबसे बड़ा मूंगा चट्टान पारिस्थितिकी तंत्र है। यह दुनिया और ऑस्ट्रेलिया में सबसे महत्वपूर्ण प्राकृतिक घटकों और पर्यटक आकर्षणों में से एक है।
  • हाल ही में, यह चट्टान,जल प्रदूषण, महासागरों के गर्म होने और लगातार प्रवाल विरंजन घटनाओं से "गंभीर खतरे" में था। इसलिए यूनेस्को समिति ने चट्टान को खतरे की सूची में डाल दिया था। 
  • यूनेस्को पैनल ने अपनी नवीनतम रिपोर्ट जारी की जिसमें ऑस्ट्रेलियाई सरकार की प्रतिबद्धताओं और कार्यों की सराहना की गई है।
  • ऑस्ट्रेलिया लंबे समय से ग्रेट बैरियर रीफ को खतरे की सूची से हटाने की कोशिश कर रहा था। ऐसा इसलिए था क्योंकि इससे इसकी विरासत का दर्जा ख़त्म हो सकता था। इससे देश में एक प्रमुख आकर्षण के रूप में रीफ की प्रतिष्ठा को नुकसान होता।
  • रिपोर्टों के अनुसार, रीफ अर्थव्यवस्था में लगभग 56 बिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (4 बिलियन डॉलर) का योगदान देता है और लगभग 64000 नौकरियां भी प्रदान करता है।

मूंगा चट्टानों के बारे में

  • ग्रेट बैरियर रीफ दुनिया की सबसे बड़ी मूंगा चट्टान प्रणाली है। इसमें 2900 से अधिक व्यक्तिगत चट्टानें और 2300 किमी से अधिक तक फैले 900 द्वीप शामिल हैं।
  • मूंगा चट्टान एक पानी के नीचे का पारिस्थितिकी तंत्र है। ये चट्टानें कैल्शियम कार्बोनेट द्वारा एक साथ जुड़े हुए मूंगा पॉलीप्स की कॉलोनियों से बनी होती हैं। 
  • अधिकांश प्रवाल भित्तियाँ पथरीले मूंगों से बनी होती हैं जिनमें पॉलीप्स एक साथ एकत्रित होते हैं।
  • मूंगा पशु संघ निडारिया का सदस्य है, जिसमें समुद्री एनीमोन और जेलिफ़िश भी शामिल हैं।
  • उथली मूंगा चट्टानें, जिन्हें समुद्री वर्षावनों के रूप में भी जाना जाता है।
  • मूंगे की चट्टानें कुछ पोषक तत्वों के साथ समुद्र के पानी में पनपती हैं। वे आमतौर पर उष्णकटिबंधीय पानी में उथली गहराई पर पाए जाते हैं, लेकिन कहीं- कहीं पर गहरे पानी और ठंडे पानी की मूंगा चट्टानें अन्य क्षेत्रों में छोटे पैमाने पर पायी जाती हैं।

प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न : निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 

1.विश्व की अधिकांश मूंगा चट्टानें उष्णकटिबंधीय जल में स्थित हैं।

2.विश्व की एक तिहाई से अधिक मूंगा चट्टानें ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया और फिलीपींस के क्षेत्रों में स्थित हैं।

3.मूंगा चट्टानें उष्णकटिबंधीय वर्षावनों की तुलना में कहीं अधिक संख्या में पशु फ़ाइला (Animal phyla) की मेजबानी करती हैं।

उपर्युक्त में से दिए गए कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?

(a) केवल 1 और 2

(b) केवल 3

(c) केवल 1 और 3

(d) 1, 2 और 3

उत्तर: (d) 

मुख्य परीक्षा प्रश्न : मूंगा चट्टान से आप क्या समझते हैं? इसके पारिस्थिकी महत्त्व की  विवेचना कीजिए।

स्रोत : डाउन टू अर्थ

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