New
Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 10th Aug 2026, 3:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 18th Aug 2026, 8:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th Aug 2026 English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 15th July 2026, 8:00 AM Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 10th Aug 2026, 3:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 18th Aug 2026, 8:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th Aug 2026 English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 15th July 2026, 8:00 AM

शहरी चुनौती कोष (UCF)

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बाजार आधारित शहरी परिवर्तन को गति देने के लिए 1 लाख करोड़ रुपए की केंद्रीय सहायता से अर्बन चैलेंज फंड (Urban Challenge Fund: UCF) के शुभारंभ को मंजूरी दे दी है।

अर्बन चैलेंज फंड (UCF) के बारे में 

  • अर्बन चैलेंज फंड (UCF) केंद्र प्रायोजित एक योजना है जिसे प्रतिस्पर्धी ‘चैलेंज मोड’ ढांचे के माध्यम से परिवर्तनकारी और ऋणयोग्य शहरी अवसंरचना परियोजनाओं का समर्थन करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
  • इसमें कार्यान्वयन एवं निगरानी के लिए नोडल मंत्रालय ‘आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA)’ है।  

उद्देश्य

  • लचीले, समावेशी, उत्पादक एवं जलवायु के प्रति संवेदनशील शहरों का निर्माण करना
  • शहरी अवसंरचना में बाजार वित्त और निजी भागीदारी को जुटाना 
  • शहरों को भारत के आर्थिक विकास के अगले चरण को गति देने वाले विकास केंद्रों के रूप में स्थापित करना

अर्बन चैलेंज फंड की प्रमुख विशेषताएँ

  • 1 लाख करोड़ रुपए की केंद्रीय सहायता: निवेश को बढ़ावा देने के लिए परियोजना लागत का 25% हिस्सा केंद्र सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
  • बाजार-आधारित वित्तपोषण मॉडल: परियोजना के लिए न्यूनतम 50% वित्तपोषण बाजार स्रोतों से जुटाया जाना चाहिए।
  • चुनौती-आधारित चयन: उच्च प्रभाव वाले, सुधार-उन्मुख प्रस्तावों को प्राथमिकता देने वाला प्रतिस्पर्धी ढांचा
  • सुधार-संबंधी निधि: शासन, वित्तीय, योजना एवं परिचालन सुधारों से जुड़ी निधि जारी करना
  • 5,000 करोड़ का ऋण संवर्धन कोष: 4,223 शहरों, विशेष रूप से टियर-2 और टियर-3 शहरों की ऋणयोग्यता को मजबूत करता है।
  • ऋण चुकौती गारंटी योजना: छोटे स्थानीय स्थानीय निकायों को पहली बार दिए गए ऋणों के लिए 7 करोड़ रुपए तक की गारंटी प्रदान करती है।
  • परिचालन अवधि: वित्तीय वर्ष 2025-26 से वित्तीय वर्ष 2030-31 तक (जिसे 2033-34 तक बढ़ाया जा सकता है)।
  • परियोजना क्षेत्र: विकास केंद्रों के रूप में शहरों पर ध्यान केंद्रित करना, रचनात्मक पुनर्विकास और जल एवं स्वच्छता
  • डिजिटल निगरानी: एक ही MoHUA डिजिटल पोर्टल के माध्यम से कागज रहित ट्रैकिंग
  • परिणाम-उन्मुख मूल्यांकन: परियोजनाओं का मूल्यांकन आर्थिक प्रभाव, जलवायु लचीलापन और सेवा समानता के आधार पर किया जाता है।

महत्व

  • इससे पांच वर्षों में अनुमानित 4 लाख करोड़ के कुल शहरी निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
  • यह वित्तीय अनुशासन को प्रोत्साहित करता है और यू.एल.बी. की साख में सुधार करता है।
  • शहरी अवसंरचना में नगरपालिका बांड और पी.पी.पी. पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देता है।
« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR