ऑस्टियोपोरोसिस एक अस्थि-अपक्षयी (Degenerative Bone Disorder) रोग है जिसमें हड्डियाँ पतली, कमजोर और भंगुर हो जाती हैं तथा मामूली चोट या गिरने से भी फ्रैक्चर होने का खतरा बढ़ जाता है।
इसे अक्सर “Silent Disease (मौन रोग)” कहा जाता है क्योंकि प्रारम्भिक अवस्था में कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते।
यह विशेष रूप से वृद्धजन, रजोनिवृत्ति (Menopause) के बाद की महिलाओं तथा कैल्शियम-विटामिन-D की कमी वाले लोगों में अधिक पाया जाता है।
भारत में तेजी से वृद्ध होती आबादी के कारण यह एक उभरती हुई सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या बनती जा रही है।

हड्डी का सामान्य निर्माण (Bone Remodeling)
मानव शरीर में हड्डियाँ स्थिर नहीं होतीं बल्कि लगातार टूटती और बनती रहती हैं।
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प्रक्रिया
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कार्य
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ऑस्टियोक्लास्ट (Osteoclast)
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पुरानी हड्डी को तोड़ते हैं
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ऑस्टियोब्लास्ट (Osteoblast)
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नई हड्डी बनाते हैं
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जब हड्डी टूटने की दर बनने की दर हो अधिक जाती है तब हड्डी का घनत्व कम इसे ऑस्टियोपोरोसिस कहते है ।
कारण (Causes)
(A) जैविक कारण
- बढ़ती उम्र
- रजोनिवृत्ति के बाद एस्ट्रोजन की कमी
- हार्मोन असंतुलन (थायरॉयड, पैराथायरॉयड)
- आनुवंशिक कारक
(B) पोषण सम्बन्धी कारण
- कैल्शियम की कमी
- विटामिन-D की कमी
- प्रोटीन की कमी
(C) जीवनशैली कारण
- धूम्रपान
- शराब सेवन
- शारीरिक निष्क्रियता
- धूप का अभाव
(D) चिकित्सकीय कारण
- स्टेरॉयड दवाओं का लम्बे समय तक उपयोग
- किडनी या लीवर रोग
- रुमेटॉइड आर्थराइटिस
लक्षण (Symptoms)
प्रारम्भ में लक्षण नहीं होते, बाद में -
- पीठ दर्द (कशेरुकाओं के धंसने से)
- लंबाई कम होना
- झुकी हुई कमर (Dowager’s hump)
- हल्की चोट में फ्रैक्चर
सबसे सामान्य फ्रैक्चर स्थल:
- कूल्हा (Hip)
- रीढ़ (Vertebrae)
- कलाई (Wrist)
जांच (Diagnosis)
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जांच
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उद्देश्य
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DEXA Scan
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हड्डी घनत्व मापने की सबसे विश्वसनीय जांच
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X-Ray
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फ्रैक्चर पहचान
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रक्त परीक्षण
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कैल्शियम/विटामिन-D स्तर
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उपचार (Treatment)
(i) जीवनशैली सुधार
- नियमित व्यायाम (Weight-bearing exercise)
- धूप लेना
- संतुलित आहार
(ii) पोषण
- कैल्शियम सप्लीमेंट
- विटामिन-D सप्लीमेंट
(iii) दवाएं
- बिसफॉस्फोनेट्स
- हार्मोन थेरेपी
- मोनोक्लोनल एंटीबॉडी (Denosumab)
नवीन वैज्ञानिक शोध: “व्यायाम सेंसर” प्रोटीन Piezo1
हाल ही में हांगकांग विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने खोजा कि शरीर व्यायाम को कैसे “महसूस” करता है और उससे हड्डियाँ कैसे मजबूत होती हैं।
शोध का सार
- अध्ययन अस्थि मज्जा की मेसेनकाइमल स्टेम कोशिकाओं (BMMSC) पर किया गया
- ये कोशिकाएँ दो प्रकार बन सकती हैं:
- ऑस्टियोब्लास्ट (हड्डी बनाने वाली)
- एडिपोसाइट (वसा कोशिका)
Piezo1 प्रोटीन की भूमिका
- यह एक मैकेनो-सेंसर (Mechanical Sensor) प्रोटीन है
- शरीर की हलचल/दबाव को पहचानता है
- सक्रिय होने पर:
- हड्डी निर्माण बढ़ता
- वसा जमाव घटता
प्रयोग परिणाम (चूहों पर)
- Piezo1 हटाने पर:
- हड्डी घनत्व घट गया
- वसा कोशिकाएँ बढ़ गईं
- व्यायाम का लाभ नहीं मिला
महत्व
भविष्य में ऐसी दवा बन सकती है जो: बिना व्यायाम के भी शरीर को “व्यायाम कर रहा है” जैसा संकेत दे
सामाजिक-आर्थिक महत्व
- वृद्धजन आबादी में वृद्धि
- फ्रैक्चर → विकलांगता → स्वास्थ्य खर्च
- भारत में महिलाओं में उच्च जोखिम
- “Healthy Ageing” नीति से सम्बद्ध
चुनौतियाँ
- ग्रामीण क्षेत्रों में कम जागरूकता
- पोषण की कमी
- जांच महंगी
- नई दवाओं की सुरक्षा (Piezo1 शरीर में कई भूमिकाएँ निभाता है)