चर्चा में क्यों ?
- हैदराबाद स्थित नैटको फार्मा को हाल ही में केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) से भारत में जेनेरिक सेमाग्लूटाइड इंजेक्शन के निर्माण एवं विपणन की अनुमति मिली है।
- यह महत्वपूर्ण है क्योंकि अब तक यह दवा अत्यंत महंगी थी और सीमित वर्ग तक उपलब्ध थी।
- जेनेरिक उपलब्धता से मधुमेह और मोटापा प्रबंधन में बड़ा परिवर्तन संभव है।

सेमाग्लूटाइड क्या है ?
- सेमाग्लूटाइड एक एंटी-डायबिटिक और एंटी-ओबेसिटी दवा है जो दवाओं के एक वर्ग GLP-1 Receptor Agonists (GLP-1 RA) से संबंधित है।
GLP-1 क्या होता है ?
- GLP-1 (Glucagon-Like Peptide-1) एक हार्मोन है जो भोजन करने के बाद आंत से स्रावित होता है।
सेमाग्लूटाइड का कार्य-तंत्र (Mechanism of Action)
यह शरीर में प्राकृतिक GLP-1 हार्मोन की नकल करता है:
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क्रिया
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प्रभाव
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अग्न्याशय से इंसुलिन स्राव बढ़ाता है
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रक्त शर्करा कम
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ग्लूकागॉन कम करता है
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ग्लूकोज उत्पादन घटता
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पेट खाली होने की गति धीमी करता है
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भूख कम लगती
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मस्तिष्क के भूख-नियंत्रण केंद्र पर असर
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वजन घटता
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इसलिए यह केवल शुगर कंट्रोल नहीं बल्कि मेटाबोलिक रोगों की दवा मानी जाती है।
उपयोग (Indications)
(A) टाइप-2 मधुमेह
- रक्त शर्करा नियंत्रित करता है
- इंसुलिन प्रतिरोध कम करता है
- लंबे समय तक HbA1c कम रखने में प्रभावी
(B) हृदय रोग जोखिम कम करना
मधुमेह + हृदय रोग वाले वयस्कों में:
- हार्ट अटैक
- स्ट्रोक
- कार्डियोवैस्कुलर मृत्यु का जोखिम घटाता है
(C) किडनी रोग में उपयोग
टाइप-2 मधुमेह + किडनी रोग में:
- किडनी फेल्योर की गति धीमी
- मृत्यु जोखिम कम
(D) मोटापा (Obesity) उपचार
WHO अब मोटापे को क्रॉनिक मेटाबोलिक डिज़ीज मानता है।
सेमाग्लूटाइड:
- भूख कम करता है
- कैलोरी सेवन घटाता है
- 10–20% तक वजन घटा सकता है (क्लिनिकल ट्रायल में)
इसलिए इसे “Medical Weight-loss therapy” की क्रांतिकारी दवा कहा जाता है।
वैश्विक महत्व
सेमाग्लूटाइड को पश्चिमी देशों में “weight-loss revolution drug” कहा गया क्योंकि:
- मोटापा महामारी (Global obesity epidemic)
- मधुमेह का बढ़ता बोझ
- जीवनशैली रोगों में वृद्धि
भारत में भी यह अत्यंत प्रासंगिक है क्योंकि:
भारत = विश्व की डायबिटीज कैपिटल (International Diabetes Federation के अनुसार)
दवा के रूप
- इंजेक्शन (साप्ताहिक)
- टैबलेट (कुछ देशों में उपलब्ध)
दुष्प्रभाव (Side Effects)
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सामान्य
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गंभीर (दुर्लभ)
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उल्टी, मितली
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अग्नाशयशोथ (Pancreatitis)
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कब्ज
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पित्ताशय रोग
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पेट दर्द
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थायरॉयड ट्यूमर का जोखिम (कुछ पशु अध्ययन)
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भारत में महत्व
(1) जेनेरिक उपलब्धता
नैटको फार्मा को मंजूरी मिलने से:
- कीमत घटेगी
- मध्यम वर्ग तक पहुँच बढ़ेगी
- सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों में उपयोग संभव
(2) NCD नियंत्रण में भूमिका
भारत में बढ़ते:
- मधुमेह
- मोटापा
- हृदय रोग
को नियंत्रित करने में मदद
चुनौतियाँ
- जीवनशैली परिवर्तन का विकल्प नहीं
- दीर्घकालिक सुरक्षा अध्ययन आवश्यक
- “कॉस्मेटिक वजन घटाने” के लिए दुरुपयोग की आशंका
- महंगी चिकित्सा पर निर्भरता