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विश्व गर्भनिरोधक दिवस- 26 सितंबर

चर्चा में क्यों ?

  • विश्व गर्भनिरोधक दिवस हर साल 26 सितंबर को मनाया जाता है। यह एक वैश्विक जागरूकता अभियान है। 
  • वर्ष 2025 के लिए विश्व गर्भनिरोधक दिवस की थीम है:  “A choice for all – agency, intention, access.”

विश्व गर्भनिरोधक दिवस  

  • विश्व गर्भनिरोधक दिवस एक अंतर्राष्ट्रीय अभियान है जो गर्भनिरोधक और प्रजनन स्वास्थ्य के महत्व पर केंद्रित है।
  •  इस आयोजन का उद्देश्य सभी उम्र, लिंग और पृष्ठभूमि के लोगों को उपलब्ध विभिन्न गर्भनिरोधक विधियों, उनके लाभों और उन्हें प्राप्त करने के तरीकों के बारे में शिक्षित करना है। 
  • इस दिन शैक्षिक पहल, सार्वजनिक अभियान और सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं जो यौन और प्रजनन स्वास्थ्य के बारे में सूचित निर्णय लेने को प्रोत्साहित करते हैं।

आयोजन का इतिहास

  • विश्व गर्भनिरोधक दिवस की शुरुआत 2007 में एक वैश्विक अभियान के रूप में की गई थी जिसका उद्देश्य गर्भनिरोधकों के बारे में जागरूकता बढ़ाना और युवाओं को अपने प्रजनन स्वास्थ्य के बारे में सूचित निर्णय लेने में सक्षम बनाना है।
  • इस पहल को सरकारों, गैर-सरकारी संगठनों और स्वास्थ्य पेशेवरों सहित अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के एक गठबंधन का समर्थन प्राप्त है, जो अनचाहे गर्भधारण को कम करने और दुनिया भर में गर्भनिरोधक विधियों तक पहुँच बढ़ाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।
  • इसका नारा है “A world where every pregnancy is wanted” यानी ऐसी दुनिया, जहाँ हर बच्चा सोची-समझी योजना के बाद जन्म ले

उद्देश्य और महत्व:

इस दिवस को मनाने के कई महत्वपूर्ण उद्देश्य हैं, जो व्यापक रूप से यौन और प्रजनन स्वास्थ्य से जुड़े हैं:

  • जागरूकता बढ़ाना: गर्भनिरोधक के उपलब्ध विकल्पों (जैसे कंडोम, गर्भनिरोधक गोलियां, आईयूडी, इम्प्लांट, इंजेक्शन आदि) के बारे में सही और सटीक जानकारी प्रदान करना, ताकि लोग अपनी जीवनशैली और आवश्यकताओं के अनुसार सही तरीका चुन सकें।
  • अनचाही गर्भावस्था को रोकना: प्रभावी गर्भनिरोधक उपायों के उपयोग को बढ़ावा देकर अनचाही गर्भधारण की दर को कम करना
  • परिवार नियोजन को बढ़ावा देना: व्यक्तियों और जोड़ों को यह तय करने की स्वतंत्रता देना कि वे कब, कितने और कितने अंतराल पर बच्चे पैदा करना चाहते हैं।
  • स्वास्थ्य में सुधार: गर्भनिरोधक से महिलाओं और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य में सुधार होता है। यह सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करने और मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने में सहायक है।
  • एसटीआई/एचआईवी की रोकथाम: कुछ गर्भनिरोधक तरीके (जैसे कंडोम) यौन संचारित संक्रमणों (STIs) और एचआईवी (HIV) के प्रसार को रोकने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
  • लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण: गर्भनिरोधक तक पहुँच महिलाओं को उनके प्रजनन स्वास्थ्य पर नियंत्रण देती है, जिससे वे शिक्षा, करियर और आर्थिक स्वतंत्रता के अवसरों का बेहतर उपयोग कर पाती हैं।
  • जनसंख्या नियंत्रण: कई देशों में यह दिवस जनसंख्या स्थिरीकरण के प्रयासों को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण माना जाता है।
  • गलत धारणाओं को दूर करना: गर्भनिरोधक के बारे में फैली भ्रांतियों और डर को दूर करना तथा इसके उपयोग को सामान्य बनाना। 

प्रश्न. विश्व गर्भनिरोधक दिवस प्रतिवर्ष किस तिथि को मनाया जाता है ?

(a) 1 जनवरी

(b) 26 सितंबर

(c) 15 अगस्त

(d) 7 अप्रैल

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