New
Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 14th Oct. 2026, 06:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 23rd Oct. 2026, 11:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 12th Oct. 2026, 5:30PM English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 19th Aug 2026, 11:00 AM Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 14th Oct. 2026, 06:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 23rd Oct. 2026, 11:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 12th Oct. 2026, 5:30PM English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 19th Aug 2026, 11:00 AM

युद्ध अभ्यास 2026

संदर्भ 

  • हाल ही में भारत-अमेरिका के संयुक्त सैन्य अभ्यास “युद्ध अभ्यास” के 22वें संस्करण का उद्घाटन समारोह उत्तराखंड के औली विदेशी प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित किया गया। इस अवसर पर सेना की 14वीं इन्फैंट्री डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल अमरेश गुंजन और अमेरिकी सेना की 11 वीं एयरबोर्न डिवीजन की पहली इन्फैंट्री ब्रिगेड कॉम्बैट टीम के कमांडर कर्नल बेंजामिन जैकमैन ने दोनों पक्षों के 600-600 जवानों वाले प्रतिभागी दलों को संबोधित किया। यह अभ्यास राजस्थान के औली और महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में भी एक ही समय पर आयोजित किया जा रहा है।

पृष्ठभूमि 

  • युद्ध अभ्यास भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय रूप से आयोजित होने वाला एक संयुक्त सैन्य अभ्यास है। इसकी शुरुआत 2002 में हुई थी और रक्षा सहयोग को बढ़ावा देने के लिए दोनों देशों की सेनाओं द्वारा इसका संचालन किया जाता है।

युद्ध अभ्यास 2026 के बारे में  

उद्देश्य:

  • इस अभ्यास का उद्देश्य पर्वतीय और अर्ध-पर्वतीय क्षेत्रों में एकीकृत युद्ध समूहों के उपयोग के लिए दोनों सेनाओं की संयुक्त सैन्य क्षमता में वृद्धि करना है जिसमें पैदल सेना-प्रधान अभियानों पर विशेष बल दिया गया है। 
  • इससे अंतर-संचालनीयता सुदृढ़ होगी, सर्वोत्तम परिचालन पद्धतियों का आदान-प्रदान सुगम होगा और संयुक्त योजना तथा क्रियान्वयन को मजबूत बनाया जा सकेगा।

विशेषताएं:

  • इस अभ्यास में प्रौद्योगिकी के समावेश पर प्रमुख रूप से ध्यान दिया जाएगा। इस दौरान प्रशिक्षण में निगरानी और टोही कार्यों के लिए ड्रोन और स्वायत्त प्रणालियों का उपयोग शामिल होगा। साथ ही महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में आधुनिक हथियार प्रणालियों का प्रदर्शन भी किया जाएगा। 
  • दोनों सेनाओं के विषय विशेषज्ञ उभरती प्रौद्योगिकियों और बहु-क्षेत्रीय युद्ध में हो रहे बदलावों पर भी अपने विचार साझा करेंगे।
  • यह अभ्यास दोनों सेनाओं को रणनीति, तकनीक और प्रक्रियाओं को साझा करने का अवसर प्रदान करेगा और विभिन्न भूभागों तथा परिचालन संबंधी वातावरणों में समन्वित सैन्य कार्रवाइयां करने की उनकी क्षमता को बढ़ाएगा। 
« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR