New
Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 10th Aug 2026, 3:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 18th Aug 2026, 8:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th Aug 2026 English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 19th Aug 2026, 8:00 AM Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 10th Aug 2026, 3:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 18th Aug 2026, 8:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th Aug 2026 English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 19th Aug 2026, 8:00 AM

जॉम्बी डियर डिजीज

चर्चा में क्यों ?

  • जॉम्बी डियर डिजीज को लेकर वैज्ञानिक और हेल्थ एक्सपर्ट्स चिंता जता रहे कि ये इवॉल्व होकर इंसानों में भी फैल सकता है। 

क्या है जॉम्बी डियर डिजीज?

  • जॉम्बी डियर डिजीज, जिसे वैज्ञानिक रूप से क्रॉनिक वेस्टिंग डिजीज (Chronic Wasting Disease - CWD) के नाम से जाना जाता है। 
  • यह  हिरण, मूज (moose), और रेनडियर जैसे जानवरों में फैलने वाली एक घातक न्यूरोलॉजिकल बीमारी है।
  • इस बीमारी का नाम "जॉम्बी" इसलिए दिया गया है क्योंकि प्रभावित जानवर असामान्य और अजीब व्यवहार करते हैं।

यह कैसे फैलती है?

  • यह बीमारी एक प्रकार के प्रीऑन (Prion) नामक असामान्य प्रोटीन के कारण होती है। 
  • ये प्रोटीन दिमाग में जमा होकर ब्रेन सेल्स को नष्ट कर देते हैं।

फैलने के प्रमुख तरीके

  • शारीरिक स्राव से संपर्क:
    • संक्रमित जानवरों के मल, मूत्र, या लार के संपर्क में आने से।
  • संक्रमित मांस का सेवन:
    • संक्रमित जानवर का मांस खाने से।
  • प्रदूषित मिट्टी और पानी से:
    • संक्रमित जानवरों के स्राव से दूषित मिट्टी या पानी के संपर्क में आने से।

जॉम्बी डियर डिजीज के लक्षण

यह बीमारी धीरे-धीरे विकसित होती है और लक्षण कई महीनों बाद नजर आते हैं:

  • वजन का तेजी से कम होना।
  • कमजोरी और थकावट।
  • अत्यधिक लार टपकाना।
  • चलने-फिरने में असंतुलन।
  • असामान्य आक्रामकता।
  • अत्यधिक प्यास लगना और बार-बार पेशाब करना।

मनुष्यों के लिए खतरा

  • फिलहाल जॉम्बी डियर डिजीज का इंसानों पर प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं देखा गया है।

वैज्ञानिकों की चिंता:

  • वैज्ञानिकों का मानना है कि यह बीमारी इवॉल्व (evolve) होकर इंसानों में फैल सकती है।
  • प्रायॉन बीमारियां (जैसे कि मैड काऊ डिजीज) इंसानों में जानलेवा साबित हो सकती हैं।
  • संक्रमित जानवरों का मांस खाने से खतरा बढ़ सकता है।

इसका इलाज क्या है?

  • फिलहाल क्रॉनिक वेस्टिंग डिजीज का कोई इलाज उपलब्ध नहीं है।
  • यह बीमारी संक्रमित जानवर की मौत का कारण बनती है|

इस बीमारी से बचाव के उपाय

  • संक्रमित जानवरों का पता लगाना और अलग करना।
  • शिकार के दौरान सावधानी:
    • केवल स्वस्थ जानवरों के मांस का सेवन करें।
  • संक्रमण फैलाव को रोकना:
    • दूषित मिट्टी और पानी को पहचानकर उसे अलग करें।

प्रश्न  - जॉम्बी डियर डिजीज को "जॉम्बी" नाम इसलिए दिया गया है क्योंकि –

(a) इससे प्रभावित जानवर असामान्य और अजीब व्यवहार करता है 

(b) इसका कोई इलाज उपलब्ध नहीं है 

(c) यह मनुष्यों में भी फ़ैल सकती है 

(d) यह संक्रमित मांस के सेवन से फैलती है 

« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR