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कोविड-19 तथा भारतीय पर्यटन क्षेत्र 

  • 25th October, 2021

(प्रारंभिक परीक्षा : राष्ट्रीय महत्त्व की सामायिक घटनाओं से सबंधित प्रश्न)
(मुख्य परीक्षा प्रश्नपत्र- 2; सरकारी नीतियों  और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिये हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय)

संदर्भ

कोविड-19 के पश्चात् भारतीय पर्यटन को पुन: पटरी पर लाने हेतु भारत सरकार ने हाल ही में 11,000 से अधिक पंजीकृत पर्यटक गाइडों तथा यात्रा और पर्यटन हितधारकों के लिये वित्तीय सहायता की घोषणा की है।

भारत में पर्यटन उद्योग की संभावनाएँ

  • भारत प्राचीन काल से ही वास्तुकला तथा अन्य ललित कलाओं में अग्रणी रहा है और प्राकृतिक दृश्यों के कारण भी भारत में पर्यटन उद्योग की असीम संभावनाएँ विद्यमान हैं।
  • कोविड-19 महामारी से पूर्व भारत का पर्यटन क्षेत्र लगातार बढ़ रहा था और यह सर्वाधिक रोज़गार प्रदान करने वाले क्षेत्रों में से एक था।
  • नीति आयोग के अनुसार पर्यटन क्षेत्र में 1 मिलियन रुपए का निवेश 78 नौकरियाँ सृजित करता है, जबकि कृषि क्षेत्र में यह 45 और विनिर्माण क्षेत्र में केवल 18 नौकरियों का सृजन होता है।
  •  यात्रा और पर्यटन प्रतिस्पर्धात्मकता रिपोर्ट, 2019 के अनुसार, भारत ने वर्ष 2013 में 65वें स्थान से वर्ष 2019 में 34वें स्थान पर आकर यात्रा और पर्यटन में अपनी प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार किया है।
  • भारत में सांस्कृतिक पर्यटन के साथ-साथ चिकित्सा-पर्यटन भी एक महत्त्वपूर्ण क्षेत्र के रूप में उभर रहा है। 
  • अन्य उद्योगों के विपरीत पर्यटन उद्योग कम अवधि तथा पूंजी निवेश के साथ विकसित होता है, साथ ही पर्यटन क्षेत्र का आय सृजन पर गुणक प्रभाव पड़ता है। यह कम पूंजी निवेश के साथ रोज़गार प्रधान उद्योग भी है। 

भारत में पर्यटन के समक्ष चुनौतियाँ

  • भारत के महत्त्वपूर्ण पर्यटन स्थलों पर फ़ैली गंदगी घरेलू व विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने में आड़े आती है।
  • पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की सुरक्षा भी एक महत्त्पूर्ण मुद्दा है, भारत इस क्षेत्र में कुछ हद तक ही सफल रहा है।
  • भारत को अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रचार प्रसार में उतनी सफलता नहीं मिली है, जितना पश्चिमी देशों को मिली है।
  • भारत के पर्यटन स्थल प्राचीन कलात्मकता में तो उत्कृष्ट है, परंतु आधुनिक आधारभूत संरचनाओं के अभाव के कारण ये पर्यटकों को आकर्षित करने में अधिक सक्षम नहीं हो हैं।

सरकार द्वारा उठाए गए कदम

  • कोविड-19 के पश्चात् अंतर्राष्ट्रीय यात्रा फिर से शुरू होने पर पहले पाँच लाख विदेशी पर्यटकों को मुफ्त में वीज़ा जारी किया जाएगा।
  • महामारी से पूर्व भी सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु विशेष देशों के लोगों के लिये विभिन्न श्रेणियों के तहत ई-वीज़ा प्रदान करना, ग्लोबल मीडिया कैंपेन, हेरिटेज ट्रेन और पर्यटन पर्व उत्सव जैसे उपायों को अपनाया था।
  • सरकार विभिन्न भारतीय सांस्कृतिक विरासतों के वैश्विक प्रचार हेतु इन्हें ‘यूनेस्को के  विश्व विरासत स्थलों में शामिल करने के लिये प्रयासरत रहती है, जैसे इसी वर्ष रामप्पा मंदिर (तेलांगना) तथा धौलावीरा को इसमें शामिल किया गया है।
  • भारत सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन के माध्यम से पर्यटन स्थलों पर स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया है।
  • सुगम्य भारत अभियान के माध्यम से भी पर्यटन स्थलों को दिव्यांगों हेतु अनुकूल बनाया जा रहा है।
  • सरकार आधारभूत अवसंरचनाओं में निवेश कर पर्यटन स्थलों के उन्नयन हेतु इन स्थलों पर थीम पार्क, लेज़र शो, फ़ूड प्लाज़ा आदि का निर्माण कर पर्यटकों को आकर्षित करने का प्रयास कर रही है।

आगे की राह  

  • सरकार द्वारा निजी निवेश के माध्यम से पर्यटन स्थलों को वैश्विक बनाने का प्रयास किया जाना चाहिये।
  • पर्यटन क्षेत्र में नवाचारी स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने की आवश्यकता है और इसके लिये स्टार्टअप्स को सरकार द्वारा वित्तीय सहायता दी जानी चाहिये।
  • भारत में कार्यबल को प्रशिक्षित करने की आवश्यकता है, ताकि श्रमिक यात्रा और पर्यटन क्षेत्र में कार्य करने के लिये कौशल विकसित कर सकें।
  • पर्यटन क्षेत्र में डिजिटल क्रांति को अपनाने की आवश्यकता है, ताकि सार्वजनिक-निजी पहल तथा मध्यम एवं छोटे आकार के उद्यमों के विकास को बढ़ावा देते हुए पर्यटन उद्योग को और विकसित किया जा सके।
  • स्थानीय पर्यटन उद्योगों की शुरुआत हेतु ब्लॉकचैन तकनीक का प्रयोग किया जा सकता है जो वस्तुओं की ऑनलाइन ट्रेकिंग को सक्षम बनता है। साथ ही, धन आधारित समाधानों में भी इसकी महत्त्वपूर्ण भूमिका है।
  • स्वास्थ्य देखभाल हेतु इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स (IOT) उपकरणों तथा ब्लॉकचेन तकनीक का संयोजन चिकित्सा पर्यटन पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

निष्कर्ष 

सरकार ने पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने हेतु अनेक कदम उठाए हैं। निजी निवेश एवं स्थानीय भागीदारी के माध्यम से इस क्षेत्र को और भी विश्वस्तरीय बनाया जा सकता है ताकि वर्ष 2025 तक भारत के 5 ट्रिलियन अर्थव्यस्था के निर्धारित लक्ष्य में पर्यटन क्षेत्र भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सके।

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