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राष्ट्रीय पार्कों और वन्यजीव अभायरण्यों का प्रबंधन प्रभावशीलता मूल्यांकन

(प्रारंभिक परीक्षा : राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय महत्त्व की सामयिक घटनाएँ; मुख्य परीक्षा, सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र – 3 : विषय - संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन।) 

संदर्भ

हाल ही में, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा देश में 146 राष्ट्रीय पार्क और वन्यजीव अभयारण्यों की ‘प्रबंधन प्रभावशीलता का मूल्यांकन’ (Management Effectiveness Evaluation- MEE) जारी किया गया। 

मुख्य बिंदु 

  • वर्तमान में, भारत में 903 संरक्षित क्षेत्रों के नेटवर्क में देश के कुल भौगोलिक क्षेत्र का 5% हिस्सा आता है।
  • संरक्षित क्षेत्रों के प्रभाव का आकलन करने के क्रम में प्रबंधन प्रभावशीलता के मूल्यांकन की ज़रूरत होती है।
  • भारत में बाघों की वैश्विक आबादी की 70%, एशियाई शेरों की 70% और तेंदुओं की 60% आबादी का होना भारत के जैव विविधता संपन्न देश होने का प्रमाण है, क्योंकि ये सभी जानवर खाद्य श्रृंखला में शीर्ष पर होते हैं और इनकी बढ़ती संख्या से पूरे पारिस्थितिकी तंत्र के बेहतर होने का पता चलता है।
  • इस वर्ष से प्रत्येक वर्ष देश में 10 सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रीय पार्कों, 5 तटीय एवं समुद्री पार्कों और शीर्ष 5 चिड़ियाघरों की सूची जारी की जाएगी तथा उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा।
  • संरक्षित क्षेत्रों (Protected Areas - PAs) का प्रबंधन प्रभावशीलता मूल्यांकन पी.ए. प्रबंधकों के लिये एक मुख्य साधन के रूप में उभरा है तथा सरकारों व अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा संरक्षित क्षेत्र प्रबंधन प्रणालियों की क्षमताओं व कमज़ोरियों को समझने में ज़्यादा से ज़्यादा प्रयोग किया जा रहा है।
  • वर्तमान मूल्यांकन के परिणाम औसतन 01% एम.ई.ई. अंक के साथ उत्साहजनक रहे हैं, जो 56 % के वैश्विक औसत से ज़्यादा है।
  • मूल्यांकन के इस चरण के साथ, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने वर्ष 2006 से वर्ष 2019 तक सभी स्थलीय राष्ट्रीय पार्कों और वन्यजीव अभायरण्यों के मूल्यांकन के एक चक्र को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।
  • पर्यावरण मंत्रालय द्वारा भारतीय चिड़ियाघरों के लिये प्रबंधन प्रभावशीलता मूल्यांकन (MEE-ZOO) की रूपरेखा भी लॉन्च की गई, जिसमें विशेष, समग्र और स्वतंत्र तरीके से प्रबंधन प्रभावशीलता मूल्यांकन प्रक्रिया के माध्यम से देश के चिड़ियाघरों के मूल्यांकन के लिये दिशानिर्देशों, मानदंडों और संकेतकों को प्रस्तावित किया गया। 

प्रबंधन प्रभावशीलता का मूल्यांकन (MEE)

  • MEE एक बेहद महत्त्वपूर्ण दस्तावेज है, जो वन्यजीव और संरक्षित क्षेत्र के विभिन्न पहलुओं पर मूल्यवान मार्गदर्शन उपलब्ध कराता है, साथ ही समुद्री संरक्षित क्षेत्रों के प्रबंधन प्रभावशीलता मूल्यांकन का विस्तार करता है।
  • MEE-ZOO की प्रक्रिया भारत भर में चिड़ियाघरों में उच्चतम मानकों के विकास की दिशा में बढ़ रही है और इस प्रक्रिया में लुप्तप्राय प्रजातियों के संरक्षण के लक्ष्य को हासिल करने के लिये जवाबदेही, पारदर्शिता, नवाचार, तकनीक के उपयोग, सहयोग और ईमानदारी के बुनियादी मूल्यों का पालन किया जा रहा है।
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