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हिम तेंदुआ एक फ्लैगशिप प्रजाति के रूप में नामित

चर्चा का कारण

प्रत्येक वर्ष 23 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय हिम तेंदुआ दिवस मनाया जाता है।

हिम तेंदुआ (Snow Leopard)

  • यह बिल्ली प्रजाति का लम्बे फर वाला तथा ऊँचे व ठंडे स्थानों पर पाया जाने वाला जीव है। यह जीव दहाड़ नहीं सकता है।
  • यह एक दुर्लभ जीव है, जिसे घोस्ट ऑफ माउंटेन भी कहा जाता है।
  • हिम तेंदुआ उच्च हिमालयी तथा ट्रांस हिमालयी क्षेत्र के 4 राज्यों हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम एवं अरुणाचल प्रदेश तथा 2 केंद्र-शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर व लद्दाख के भूभाग में पाया जाने वाला जीव है।
  • हिम तेंदुआ आई.यू.सी.एन. की सुभेद्द (Vulnerable) एवं भारतीय वन्य जीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 की अनुसूची 1 में शामिल है।
  • हिम तेंदुआ हिमाचल प्रदेश का राजकीय पशु है।

भारत के प्रयास

  • भारत वर्ष 2013 से ग्लोबल स्नो लेपर्ड एंड इकोसिस्टम प्रोटेक्शन (जी.एस.एल.ई.पी.) कार्यक्रम में शामिल है। इस बहुआयामी कार्यक्रम में हिम तेंदुए की रेंज वाले 12 देश शामिल हैं। इन देशों द्वारा हिम तेंदुए की व्यवहार्य आबादी हेतु उपयुक्त बड़े भूदृश्यों की पहचान की गई है।
  • भारत सरकार द्वारा हिम तेंदुए की पहचान अत्यधिक ऊंचाई वाले हिमालयी क्षेत्र की प्रमुख प्रजाति (flagship species) के रूप में की गई है।
  • भारत द्वारा तीन बड़े भूदृश्यों (Landscapes) की पहचान की गई है

1. लद्दाख तथा हिमाचल प्रदेश में हेमिस-स्पीति
2. उत्तराखंड के गंगोत्री में नंदा देवी
3. अरुणाचल प्रदेश में खंगचेंदजोंगा- तवांग

  • हाल ही में, पर्यावरण जल एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा एक सामुदायिक स्वयंसेवी कार्यक्रम ‘हिमाल संरक्षक’ की शुरुआत की गई है तथा वन्य जीवों के अवैध व्यापार से निपटने के विषय पर आधारित एक नोटबुक जारी की गई।
  • भारत सरकार द्वारा प्रोजेक्ट स्नो लेपर्ड के माध्यम से हिम तेंदुए तथा उनके निवास स्थान का संरक्षण किया जा रहा है।
  • प्रोजेक्ट स्नो लेपर्ड की शुरुआत वर्ष 2009 में की गई थी।
  • भारत द्वारा वर्ष 2019 में हिम तेंदुए की आबादी की निगरानी हेतु राष्ट्रीय प्रोटोकाल जारी किया गया था, जिसके परिणाम काफी सकारात्मक रहे हैं।
  • भारत सरकार द्वारा अक्टूबर 2019 में नई दिल्ली में आयोजित जी.एस.एल.ई.पी. कार्यक्रम की चौथी संचालन समिति की मेजबानी की गई थी। इस बैठक में मध्य तथा दक्षिण एशिया के पर्वतीय पारिस्थितिक तंत्र के संरक्षण हेतु हिम तेंदुए की रेंज वाले देशों में सहयोग को मज़बूत करने हेतु ‘नई दिल्ली स्टेटमेंट’ जारी किया गया था।
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