आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले में स्थित शेषाचलम पर्वतमाला के घने जंगल एक बार फिर इतिहासकारों और पुरातत्वविदों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गए हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की एक विशेषज्ञ टीम ने सदाशिवकोना नामक प्राचीन तीर्थस्थल से 16वीं शताब्दी के तीन दुर्लभ शिलालेख खोजे हैं। यह खोज न केवल विजयनगर साम्राज्य के इतिहास पर नई रोशनी डालती है, बल्कि क्षेत्र के धार्मिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक स्वरूप को समझने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
सदाशिवकोना में मिले ये शिलालेख केवल कुछ पत्थरों पर उकेरे गए लेख नहीं हैं, बल्कि वे विजयनगर काल की धार्मिक आस्था, प्रशासनिक संरचना, भूमि दान व्यवस्था और सांस्कृतिक बहुलता के जीवंत दस्तावेज हैं। तेलुगु, तमिल और कन्नड़ भाषाओं का एक साथ प्रयोग उस समय दक्षिण भारत में विभिन्न भाषाई समुदायों के बीच मौजूद सांस्कृतिक समन्वय को भी दर्शाता है।
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