APEDA ने ‘भारती’ पहल शुरू की

चर्चा में क्यों ?

कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) ने भारत के कृषि-खाद्य निर्यात को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने के लिए नई पहल ‘भारती’ का शुभारंभ किया।

 

प्रमुख बिंदु 

  • यह कार्यक्रम केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल, केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री श्री चिराग पासवान, और संयुक्त अरब अमीरात के विदेश व्यापार मंत्री डॉ. थानी बिन अहमद अल जायोदी की उपस्थिति में आयोजित खाद्य और पेय पदार्थ क्षेत्र के हितधारकों की बैठक के दौरान लॉन्च किया गया।

भारती के बारे में

  • ‘भारती’ का पूरा नाम है “भारत का कृषि प्रौद्योगिकी, लचीलापन, उन्नति और निर्यात सक्षमता हेतु इनक्यूबेशन केंद्र”। 
  • इसका उद्देश्य 100 कृषि-खाद्य और कृषि-तकनीक स्टार्टअप्स को सशक्त बनाना,नवाचार को बढ़ावा देना और युवाओं के लिए नए निर्यात अवसर उत्पन्न करना है।

मुख्य लक्ष्य:

  • वर्ष 2030 तक 50 बिलियन डॉलर कृषि-खाद्य निर्यात का लक्ष्य प्राप्त करना।
  • उन्नत प्रौद्योगिकियों और नवाचार के माध्यम से भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत करना।
  • जीआई-टैग वाले उत्पाद, जैविक खाद्य पदार्थ, सुपरफूड्स, पशुधन उत्पाद और आयुष उत्पाद जैसे उच्च मूल्य वाले क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देना।

प्रमुख पहलें और गतिविधियाँ:

  • पायलट समूह:
    • सितंबर 2025 से शुरू होगा।
    • 100 चयनित स्टार्टअप्स तीन महीने के त्वरण कार्यक्रम (Accelerator Program) से गुजरेंगे।
    • उत्पाद विकास, निर्यात तत्परता, नियामक अनुपालन और बाजार पहुंच जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण मिलेगा।
    • टेक्नोलॉजी फोकस:
    • AI-आधारित गुणवत्ता नियंत्रण, ब्लॉकचेन-सक्षम ट्रेसेबिलिटी, IoT-आधारित कोल्ड चेन, एग्री-फिनटेक और नवीन पैकेजिंग।
    • निर्यात संबंधी चुनौतियों जैसे नाशवानता, अपव्यय और लॉजिस्टिक्स के समाधान पर ध्यान।
  • सहयोगी पारिस्थितिकी तंत्र:
    • उद्योग और सरकार के नेतृत्व वाले इनक्यूबेशन कार्यक्रमों के पूरक।
    • एसपीएस-टीबीटी (SPS-TBT) केंद्रित स्टार्टअप्स को जोड़ना।
    • वैश्विक बाजारों में स्केलेबल और लागत प्रभावी समाधान विकसित करना।

सरकारी दृष्टिकोण और संरेखण:

  • आत्मनिर्भर भारत, वोकल फॉर लोकल, डिजिटल इंडिया और स्टार्ट-अप इंडिया जैसी योजनाओं के साथ पूरी तरह अनुकूल।
  • भारतीय कृषि, खाद्य और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों की वैश्विक मांग बढ़ाने की दिशा में कदम।
  • राष्ट्रव्यापी जागरूकता अभियान और एपीडा वेबसाइट के माध्यम से स्टार्टअप्स के चयन और आवेदन की प्रक्रिया।

कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA)

  • स्थापना: 1985 में भारत सरकार द्वारा।
  • प्रकार: केंद्रीय प्राधिकरण, वाणिज्य मंत्रालय के अंतर्गत।
  • मुख्य उद्देश्य:
    • भारत के कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देना।
    • किसानों और निर्यातकों के लिए वैश्विक बाजार में अवसर पैदा करना।
    • उत्पाद की गुणवत्ता और मानक सुनिश्चित करना।
  • प्रमुख गतिविधियाँ:
    • निर्यात को बढ़ावा देने के लिए प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता।
    • बाजार अनुसंधान और अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनियों का आयोजन।
    • गुणवत्ता नियंत्रण, पैकेजिंग और लेबलिंग के नियमों को लागू करना।
  • नियंत्रित उत्पाद:
    • फलों और सब्जियों, डेयरी, मांस, समुद्री उत्पाद, मसाले, जैविक और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद।

प्रश्न. हाल ही में APEDA द्वारा शुरू की गई ‘भारती’ पहल का पूरा नाम क्या है ?

(a) भारत का कृषि, नवाचार और निर्यात केंद्र

(b) भारत का कृषि प्रौद्योगिकी, लचीलापन, उन्नति और निर्यात सक्षमता हेतु इनक्यूबेशन केंद्र

(c) भारत कृषि विकास और निर्यात प्राधिकरण

(d) भारत कृषि तकनीक और निर्यात केंद्र

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