सरकार ने संपत्ति बिक्री के लिए पीएसयू बैंक ई-नीलामी को बढ़ाने के लिए बैंकनेट और ई-बीकेरे की शुरुआत की।
बैंक ई-नीलामी के माध्यम से प्राप्त बिक्री मूल्य को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय सेवा विभाग ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) से उनके ई-नीलामी प्लेटफ़ॉर्म को फिर से डिज़ाइन करने का अनुरोध किया था।
ई-बीकेरे प्लेटफ़ॉर्म:
28 फरवरी, 2019 को लॉन्च किया गया था।
बैंकों की परिसंपत्तियों की लिस्टिंग और नीलामी को सुव्यवस्थित करने के लिए डिज़ाइन किया गया।
ई-बीकेरे प्लेटफॉर्म की प्रमुख विशेषताएँ:
यह प्लेटफॉर्म बैंकों और वित्तीय संस्थानों को अपनी जब्त परिसंपत्तियों (जैसे भूमि, भवन, वाहन आदि) को ऑनलाइन सूचीबद्ध करने की सुविधा देता है।
ई-नीलामी के माध्यम से परिसंपत्तियों की बिक्री पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से की जाती है।
विभिन्न बैंकों की नीलामी योग्य परिसंपत्तियाँ एक ही मंच पर उपलब्ध होती हैं, जिससे खरीदारों को बेहतर विकल्प मिलते हैं।
यह प्लेटफॉर्म उपयोगकर्ताओं को आसानी से नेविगेट करने और नीलामी प्रक्रिया में भाग लेने की सुविधा देता है।
डिजिटल प्रक्रिया के कारण पारंपरिक नीलामी की तुलना में समय और लागत की बचत होती है।
संपत्तियों की नीलामी प्रक्रिया में स्वचालन (automation) के कारण गड़बड़ी या धोखाधड़ी की संभावना कम होती है।
बैंकनेट पोर्टल:
03 जनवरी, 2025 को शुरू किया गया।
पारदर्शिता बढ़ाने और एनपीए मामलों के निपटान की प्रक्रिया को गति देने के लिए डिज़ाइन किया गया।
अत्याधुनिक तकनीक, स्वचालित केवाईसी टूल, सुरक्षित भुगतान गेटवे और बैंक-सत्यापित संपत्ति शीर्षकों को एकीकृत करता है।
बैंकनेट पोर्टल की मुख्य विशेषताएं:
बैंकों और ऋण देने वाली संस्थाओं के लिए कुशल संपत्ति नीलामी को सक्षम बनाता है। एनपीए ऋणों की वसूली में सहायक।
मोबाइल और वेब इंटरफेस के माध्यम से निर्बाध और विश्वसनीय पहुंच प्रदान करता है।
पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
संपत्ति "खोज" से "बिक्री" तक एक सहज समाधान प्रदान करता है।
उपयोगकर्ता के अनुकूल और सुलभ इंटरफ़ेस प्रदान करता है।
बुद्धिमान नीलामी तंत्र के माध्यम से उचित मूल्य सुनिश्चित करता है।
हितधारकों का विश्वास और आत्मविश्वास बढ़ाता है।
सभी संपत्ति शीर्षक बैंकों द्वारा सत्यापित होते हैं, जिससे नीलामी प्रक्रिया की विश्वसनीयता सुनिश्चित होती है।
बैंकनेट का उपयोगकर्ता आधार:
सार्वजनिक क्षेत्र के सभी 12 बैंक
भारतीय दिवाला एवं शोधन अक्षमता बोर्ड (IBBI)
देशभर में संपत्तियों की सूचीकरण और नीलामी के लिए इस मंच का उपयोग किया जा रहा है।
प्रश्न. बैंकनेट और ई-बीकेरे का मुख्य उद्देश्य क्या है?
(a) बैंकिंग सेवाओं का डिजिटलीकरण
(b) बैंकों की परिसंपत्तियों की लिस्टिंग और नीलामी को सुव्यवस्थित करना