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भारत में रक्षा निर्माण को बढ़ावा

(प्रारंभिक परीक्षा: राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व की सामयिक घटनाएँ)
(मुख्य परीक्षा, सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र- 3: संचार नेटवर्क के माध्यम से आंतरिक सुरक्षा को चुनौती, विभिन्न सुरक्षा बल और संस्थाएँ तथा उनके अधिदेश)

संदर्भ

  • सरकारी स्वामित्व वाली हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और अमेरिकी रक्षा क्षेत्र की दिग्गज कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक (GE) एयरोस्पेस द्वारा लड़ाकू जेट इंजन के संयुक्त उत्पादन के लिए व्यावसायिक बातचीत शुरू किए जाने की संभावना है।
  • इसके अतिरिक्त, फ्रांसीसी कंपनी सफ्रान को बेंगलुरु स्थित गैस टर्बाइन अनुसंधान प्रतिष्ठान के साथ भारत में एक उन्नत जेट इंजन के संयुक्त निर्माण के लिए रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने अंतिम रूप दे दिया है।
    • यह इंजन भारत के स्वदेशी पाँचवीं पीढ़ी के उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान (Advanced Medium Combat Aircraft: AMCA) को शक्ति प्रदान करेगा।

एच.ए.एल.-जी.ई. समझौता

  • जून 2023 में जी.ई. एयरोस्पेस ने लड़ाकू जेट इंजन के उत्पादन के लिए एच.ए.एल. के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया था।
  • इसका उद्देश्य अगले तीन महीनों के भीतर वाणिज्यिक वार्ता को पूरा करना तथा F 414 इंजनों के सह-उत्पादन के लिए सौदे को अंतिम रूप देना है।
  • F 414 इंजन भारतीय वायुसेना के लिए हल्के लड़ाकू विमान एमके 2 (Mk 2) जेट को शक्ति प्रदान करेगा।
    • Mk 2 उन्नत पेलोड, रेंज व एवियोनिक्स के साथ 4.5-पीढ़ी का विमान है।
    • एल.सी.ए. तेजस Mk 1A की अगली पीढ़ी का विमान है।

संबंधित मुद्दे 

  • जी.ई. एयरोस्पेस ने 80% इंजन प्रौद्योगिकी भारत को हस्तांतरित करने पर सहमति व्यक्त की थी किंतु उसने कुछ प्रमुख घटकों के हस्तांतरण को रोक रखा था।
  • किसी भी जेट इंजन के प्रमुख घटकों में कंप्रेसर, दहन कक्ष (Combustion Chamber) एवं टरबाइन शामिल हैं।
  • इससे पहले वर्ष 2012 में जी.ई. एयरोस्पेस ने केवल 58% तकनीक हस्तांतरित करने पर सहमति व्यक्त की थी।

फ्रांसीसी कंपनी सफ्रान के साथ रक्षा समझौता

  • भारत ए.एम.सी.ए. के लिए उच्च थ्रस्ट क्षमता वाले उन्नत जेट इंजनों के लिए फ्रांस की सफ्रान एसए और ब्रिटेन की रोल्स-रॉयस सहित विभिन्न वैश्विक जेट इंजन निर्माताओं के साथ प्रौद्योगिकी हस्तांतरण व बौद्धिक संपदा अधिकार प्राप्त करने के लिए बातचीत कर रहा है।
  • डी.आर.डी.ओ. जल्द ही सफ्रान से पूर्ण प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के साथ भारत में उन्नत जेट इंजन के डिजाइन, विकास एवं उत्पादन के लिए सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति से अनुमोदन प्राप्त करने की अपील करेगा।

रणनीतिक महत्त्व

  • रक्षा निर्माण में भारत के आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा देता है।
  • महत्त्वपूर्ण एवं उभरती प्रौद्योगिकियों पर पहल के तहत भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी को मजबूत करता है।
  • बदलती भू-राजनीति के बीच रूसी प्लेटफार्मों पर भारत की निर्भरता कम करता है।
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