बल्क ड्रग पार्कों को बढ़ावा देने की योजना को मंत्रिमंडल ने 20 मार्च, 2020 को मंजूरी दी थी।
प्रमुख बिंदु
- इसका उद्देश्य देश में तीन (3) बल्क ड्रग पार्क स्थापित करना है जिससे विश्व-स्तरीय सामान्य अवसंरचना सुविधाओं के निर्माण के माध्यम से बल्क ड्रग्स के उत्पादन की लागत को कम किया जा सके।
- इससे बल्क ड्रग्स के उत्पादन में पैमाने की अर्थव्यवस्थाओं को प्राप्त करने में भी मदद मिलेगी।
- केंद्र सरकार द्वारा दी जाने वाली वित्तीय सहायता प्रति पार्क अधिकतम 1000 करोड़ रुपए या सामान्य अवसंरचना सुविधाओं (CIF) की परियोजना लागत का 70% (पूर्वोत्तर व पहाड़ी राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेश, जैसे- हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू एवं कश्मीर तथा लद्दाख के मामले में 90%) तक सीमित है, जो भी कम हो।
- इस योजना के लिए आवंटित धनराशि 3000 करोड़ रुपए है। योजना की अवधि वित्त वर्ष 2020-2021 से वित्त वर्ष 2026-2027 तक है।
अवसंरचना सुविधाओं का निर्माण
- इस योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा सामान्य अवसंरचना सुविधाओं के निर्माण के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है, जैसे कि-
- केंद्रीय अपशिष्ट उपचार संयंत्र (CETP)
- ठोस अपशिष्ट प्रबंधन
- वर्षा जल निकासी नेटवर्क
- सामान्य विलायक भंडारण प्रणाली, विलायक पुनर्प्राप्ति और आसवन संयंत्र
- सामान्य वेयर हाउस
- फ़ैक्टरी गेट पर आवश्यक ट्रांसफ़ॉर्मर के साथ समर्पित पावर सब-स्टेशन एवं वितरण प्रणाली
- कच्चा, पीने योग्य व खनिज रहित पानी
- भाप उत्पादन एवं वितरण प्रणाली
- सामान्य शीतलन प्रणाली और वितरण नेटवर्क
- सामान्य लॉजिस्टिक्स
- उन्नत प्रयोगशाला परीक्षण केंद्र, ए.पी.आई. (सक्रिय फार्मास्युटिकल) की जटिल परीक्षण/अनुसंधान आवश्यकताओं के लिए भी उपयुक्त, जिसमें माइक्रोबायोलॉजी प्रयोगशाला व स्थिर चैम्बर शामिल हैं
- आपातकालीन प्रतिक्रिया केंद्र
- सुरक्षा/खतरनाक संचालन लेखा परीक्षा केंद्र और
- उत्कृष्टता केंद्र आदि।