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व्यापार सुधार कार्य योजना - 2020

चर्चा में क्यों 

हाल ही में, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने व्यापार सुधार कार्य योजना (Business Reforms Action Plan : BRAP) 2020 के कार्यान्वयन के आधार पर राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की आकलन रिपोर्ट को जारी किया है। 

बी.आर.ए.पी. 2020 की श्रेणियाँ 

  • इस कार्य योजना में रैंकों के बजाय श्रेणियों की घोषणा की गई है, जिसमें चार श्रेणियाँ शामिल हैं - टॉप अचीवर्स, अचीवर्स, एस्पायर और इमर्जिंग बिजनेस इकोसिस्टम। 
  • ‘टॉप अचीवर्स’ की श्रेणी में सात राज्य - आंध्र प्रदेश, गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, पंजाब, तमिलनाडु और तेलंगाना शामिल हैं। 
  • अचीवर्स श्रेणी में हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश को वर्गीकृत किया गया है। 
  • एस्पायर श्रेणी में असम, केरल, गोवा, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और पश्चिम बंगाल शामिल हैं। 
  • इमर्जिंग बिजनेस इकोसिस्टम श्रेणी में अंडमान एवं निकोबार, बिहार, चंडीगढ़, दमन और दीव, दादरा और नगर हवेली, दिल्ली, जम्मू और कश्मीर, मणिपुर, मेघालय, नगालैंड, पुद्दुचेरी और त्रिपुरा को रखा गया है। 
  • इस रिपोर्ट का उद्देश्य निवेशकों के विश्वास को बढ़ाना, व्यापार अनुकूल माहौल बनाना तथा स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के माध्यम से देश भर में व्यापार सुगमता को बढ़ाना है।

बी.आर.ए.पी. 2020 

  • इस कार्य योजना का उद्देश्य एक-दूसरे की सर्वोत्तम प्रथाओं से सीखने की संस्कृति को बढ़ावा देना तथा भारत को पसंदीदा निवेश गंतव्य के रूप में उभारने के लिये व्यापारिक माहौल में सुधार करना है। 
  • इसमें 15 व्यावसायिक नियामक क्षेत्रों जैसे-सूचना तक पहुँच, एकल खिड़की प्रणाली, श्रम, पर्यावरण, भूमि प्रशासन एवं भूमि व संपत्ति के हस्तांतरण, उपयोगिता परमिट और अन्य को कवर करते हुए 301 सुधार बिंदुओं को शामिल किया गया है।  
  • उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) वर्ष 2014 से इस कार्य योजना के तहत निर्धारित सुधारों के कार्यान्वयन में उनके प्रदर्शन के आधार पर राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों का आकलन कर रहा है। अब तक इस कार्य योजना के तहत वर्ष 2015, 2016, 2017-18 और 2019 के लिये राज्यों/ केंद्रशासित प्रदेशों का मूल्यांकन जारी किया जा चुका है।
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