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राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन 2.0

हाल ही में केंद्रीय वित्त और कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय मंत्रालयों और सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों के परिसंपत्ति मुद्रीकरण पाइपलाइन के दूसरे चरण - 'राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन 2.0 (एनएमपी 2.0)' का शुभारंभ किया।

राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन 2.0 के बारे में 

  • एनएमपी 2.0 ने वित्त वर्ष 2026 से वित्त वर्ष 2030 तक की पांच वर्षीय अवधि के लिए 16.72 लाख करोड़ की कुल मुद्रीकरण संभावनाओं का अनुमान लगाया है, जिसमें केंद्रीय मंत्रालयों और सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों के परिसंपत्ति मुद्रीकरण पाइपलाइन के तहत निजी क्षेत्र के निवेश का 5.8 लाख करोड़ शामिल है। 
  • पहले परिसंपत्ति मुद्रीकरण पाइपलाइन की सफलता को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय बजट 2025-26 ने सार्वजनिक संपत्तियो के मुद्रीकरण की पहचान सतत अवसंरचना वित्तपोषण के एक प्रमुख साधन के रूप में की। 
  • नीति आयोग ने अवसंरचना से संबंधित मंत्रालयों के परामर्श से एनएमपी 2.0 पर रिपोर्ट तैयार की है। 

उद्देश्य 

  • सार्वजनिक संपत्ति मालिकों के लिए कार्यक्रम का एक मध्यम-अवधि का रोडमैप प्रदान करना 
  • निजी क्षेत्र के लिए संभावित संपत्तियों की दृश्यता भी उपलब्ध कराना  
  • एनएमपी 2.0 पर रिपोर्ट की संरचना एक मार्गदर्शन पुस्तक के रूप में तैयार की गयी है, जिसमें कार्यप्रणाली और मुद्रीकरण के लिए रोडमैप का विवरण दिया गया है। 

फ्रेमवर्क 

  • एनएमपी 2.0, व्यापक रूप से एनएमपी 1.0 में प्रस्तुत परिसंपत्ति मुद्रीकरण की अवधारणा का पालन करेगा। 
  • परिसंपत्ति मुद्रीकरण में निम्नलिखित तत्व शामिल होंगे, जैसे सीमित अवधि के लिए संपत्तियों का हस्तांतरण, अतिरिक्त पूंजी जुटाने के लिए सूचीबद्ध संस्थाओं के हिस्सों का विनिवेश, नकदी प्रवाह का प्रतिभूतिकरण या रणनीतिक व्यावसायिक नीलामी।

एनएमपी 2.0 लक्ष्य  

  • वित्त वर्ष 2026-2030 की पांच साल की अवधि के लिए एनएमपी 2.0 के तहत कुल परिसंपत्ति पाइपलाइन का अनुमानित मूल्य 16.72 लाख करोड़ रुपये है, जिसमें 5.8 लाख करोड़ रुपये का निजी क्षेत्र का निवेश शामिल है। 
  • इसमें शामिल किए गए क्षेत्र हैं: 
    • राजमार्ग (एमएमएलपी, रोपवे सहित), 
    • रेलवे, 
    • बिजली, 
    • पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, 
    • नागरिक उड्डयन, 
    • पत्तन, 
    • गोदाम और भंडारण, 
    • शहरी अवसंरचना, कोयला, खनन, दूरसंचार और पर्यटन। 
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