हाल ही में ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लुला डा सिल्वा की नई दिल्ली यात्रा के दौरान दोनों देशों ने दुर्लभ मृदा (Rare Earth) तत्वों सहित कुल नौ महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर कर अपने द्विपक्षीय संबंधों को एक नई ऊंचाई दी है।
चीन पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से भारत ने ब्राजील के साथ दुर्लभ खनिजों के दोहन हेतु समझौता किया है। ब्राजील के पास इन खनिजों का विशाल भंडार है, जिसका लाभ भारत अपने EV (इलेक्ट्रिक वाहन) और रक्षा उद्योगों के लिए उठाएगा।
रक्षा उत्पादन और समुद्री सुरक्षा में सहयोग के साथ-साथ दोनों देशों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर और ब्लॉकचेन जैसी भविष्य की प्रौद्योगिकियों के लिए एक 'डिजिटल पार्टनरशिप' का रोडमैप तैयार किया है।
नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में ब्राजील की जैव ईंधन (Biofuels) विशेषज्ञता और भारत की सौर ऊर्जा क्षमता मिलकर 'ग्लोबल बायोफ्यूल एलायंस' को मजबूती प्रदान कर रहे हैं।
यह यात्रा वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में विविधीकरण (Diversification) लाने और 'ग्लोबल साउथ' (Global South) की आवाज को अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। यह साझेदारी न केवल चीन जैसे देशों पर निर्भरता घटाएगी, बल्कि भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए एक मजबूत आधार भी तैयार करेगी।
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