भारत ने हाल ही में कार्ल्सबर्ग रिज में पॉलीमेटेलिक सल्फर नोड्यूल्स की खोज के लिए अंतर्राष्ट्रीय समुद्रतल प्राधिकरण के साथ एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं।
कार्ल्सबर्ग रिज
यह हिंद महासागर में स्थित एक मध्य-महासागरीय रिज (एक अपसारी प्लेट सीमा) है।
यह रिज अफ्रीकी, भारतीय और ऑस्ट्रेलियाई टेक्टोनिक प्लेटों के त्रि-जंक्शन (जहां यह मध्य-भारतीय रिज से जुड़ती है) से उत्तर-पश्चिम में अदन की खाड़ी तक फैली हुई है।
यह उत्तर-पूर्व में अरब सागर को दक्षिण-पश्चिम में सोमाली बेसिन से अलग करती है।
यह सोमाली प्लेट और भारतीय प्लेट के बीच की सीमा को चिह्नित करता है।
यह रिज सोकोत्रा द्वीप के चारों ओर पश्चिम की ओर मुड़ती है और अंततः अदन की खाड़ी के रास्ते पूर्वी अफ्रीकी रिफ्ट प्रणाली से जुड़ जाती है।
यह पश्चिमी हिंद महासागर का सबसे प्रमुख मध्य-महासागरीय रिज खंड है , जिसमें कई भूकंप केंद्र हैं।
कार्ल्सबर्ग रिज की औसत गहराई समुद्र सतह से लगभग 6,000 और 12,000 फीट (1,800 और 3,600 मीटर) के बीच है
यह समुद्र तल से लगभग 7,000 फीट (2,100 मीटर) की औसत ऊंचाई तक उठती है।
पॉलीमेटैलिक सल्फाइड (PMS)
पॉलीमेटैलिक सल्फ़ाइड समुद्र की गहराइयों में पाई जाने वाली एक महत्वपूर्ण खनिज संपदा है।
यह मुख्यतः समुद्रतल के हाइड्रोथर्मल वेंट्स (hydrothermal vents) के आसपास बनती है।
इसमें एक साथ कई धातुएँ (multi-metallic ores) सल्फ़ाइड के रूप में पाई जाती हैं।
ये समुद्र नितल पर पाए जाने वाली तांबा, जस्ता, सोना और चांदी जैसी धातुओं के स्रोत हैं।
अंतर्राष्ट्रीय समुद्रतल प्राधिकरण (ISA)
यह एक स्वायत्त अंतर्राष्ट्रीय संगठन है जिसकी स्थापना वर्ष 1982 के संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून अभिसमय (UNCLOS) और वर्ष 1994 के संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून अभिसमय (1994 समझौता) के भाग XI के कार्यान्वयन से संबंधित समझौते के तहत की गई थी।
इस संगठन के माध्यम से UNCLOS के पक्षकार राष्ट्र समग्र रूप से मानव जाति के लाभ के लिए क्षेत्र में सभी खनिज-संसाधन-संबंधी गतिविधियों का संचालन एवं नियंत्रण करते हैं।
आई.एस.ए. को गहरे समुद्रतल से संबंधित गतिविधियों से उत्पन्न होने वाले हानिकारक प्रभावों से समुद्री पर्यावरण की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करने का अधिदेश प्राप्त है।
इसका मुख्यालय जमैका के किंग्स्टन में है।
प्रश्न - हाल ही में भारत ने किस स्थान पर पॉलीमेटेलिक सल्फर नोड्यूल्स की खोज के लिए अंतर्राष्ट्रीय समुद्रतल प्राधिकरण के साथ समझौता किया ?