New
Solved - UPSC Prelims 2026 (Paper - 1 & 2) Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 8th June 2026, 6:30 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 1st June 2026, 5:30 PM English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 7th June 2026, 8:00 AM Solved - UPSC Prelims 2026 (Paper - 1 & 2) Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 8th June 2026, 6:30 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 1st June 2026, 5:30 PM English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 7th June 2026, 8:00 AM

पृथ्वी की आंतरिक कोर संरचना में परिवर्तन

(प्रारंभिक परीक्षा: भूगोल, समसामयिक घटनाक्रम)
(मुख्य परीक्षा, सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र- 1 : भूकंप, सुनामी, ज्वालामुखीय हलचल, चक्रवात आदि जैसी महत्त्वपूर्ण भू-भौतिकीय घटनाएँ, इसके प्रभाव)

संदर्भ 

वैज्ञानिकों ने पता लगाया है कि पिछले 20 वर्षों में पृथ्वी के आंतरिक कोर के आकार में महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए हैं। इस भाग को पहले ठोस एवं अपरिवर्तित माना जाता था।

Earth-inner-core

आंतरिक कोर संरचना में परिवर्तन पर शोध कार्य

  • यह शोध कार्य नेचर जियोसाइंस जर्नल में ‘पृथ्वी के आंतरिक कोर की घूर्णन दर और सतह के निकट वार्षिक स्तर पर परिवर्तनशीलता’ नामक शीर्षक से प्रकाशित किया गया है।
  • अध्ययन में वर्ष 1991 से 2023 तक जुटाए गए भूकंप के आंकड़ों का उपयोग करते हुए आकलन किया गया है।
    • उन्नत भूकंपीय विश्लेषण के माध्यम से 100 मीटर की ऊँचाई तक विकृति पाई गयी। यह खोज आंतरिक कोर की गतिशीलता और पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र पर इसके प्रभाव के बारे में नई जानकारी प्रदान करती है।
  • अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ साउदर्न कैलिफोर्निया के प्रोफेसर जॉन विडाले के नेतृत्व में इस शोध को पूरा किया गया। 

शोध के प्रमुख निष्कर्ष

  • विगत 20 वर्षों से पृथ्वी के आतंरिक कोर में संरचनात्मक परिवर्तन हुए हैं।
  • आकार में यह बदलाव आंतरिक कोर की बाह्य सीमा पर हुए हैं जहाँ ठोस आंतरिक कोर का किनारा अत्यधिक गर्म तरल बाह्य कोर के संपर्क में रहता है।
  • इसका सर्वाधिक संभावित कारण बाह्य कोर द्वारा आंतरिक कोर को खींचना रहा है जो इसकी सामान्य संरचना स्थिति को थोड़ा परिवर्तित कर रहा है।
  • कुछ दशक पहले आंतरिक कोर बाहरी परतों की तुलना में थोड़ा तेज़ घूमता हुआ दिखाई देता था और अब यह थोड़ा धीमा घूम रहा है।
    • आंतरिक कोर पृथ्वी के बाकी हिस्सों की तरह बिल्कुल उसी दर से नहीं घूमता है। इसके घूमने की गति बदलती रहती है।

शोध का महत्त्व

  • पृथ्वी के आतंरिक कोर की संरचना में परिवर्तन पर शोध अध्ययन पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र और उसके भविष्य को समझने के लिए महत्वपूर्ण सिद्ध होगा।
  • पृथ्वी के आतंरिक कोर के घूर्णन का संबंध दिन एवं रात के समयावधि से भी होता है, जिसके बारे में वैज्ञानिकों को जानने में मदद मिलेगी।

इसे भी जानिए!

पृथ्वी की आतंरिक कोर के बारे में 

  • इसका निर्माण लौह एवं निकेल की मिश्र धातु से हुआ है।
  • इसकी त्रिज्या लगभग 1221 किलोमीटर है।
  • यह ठोस भाग चंद्रमा के आकार का लगभग 70% है।
  • आंतरिक कोर में तापमान 9800 °C से भी अधिक होता है।
  • यहाँ दाब 365 गीगापास्कल तक पहुंच सकता है जो धरती के औसत वायुमंडलीय दाब का 30 लाख गुना अधिक है।
  • कोर को सीधे देख पाना असंभव है। ऐसे में वैज्ञानिक भूकंपीय तरंगों के आकार और इसमें होने वाले परिवर्तनों का विश्लेषण करके इसका अध्ययन करते हैं क्योंकि ये तरंगे कोर से होकर गुजरती हैं।
« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR