New
Final Result - UPSC CSE Result, 2025 GS Foundation (P+M) - Delhi : 23rd March 2026, 11:30 AM Navratri offer UPTO 75% + 10% Off | Valid till 26th March GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 17th March 2026 Final Result - UPSC CSE Result, 2025 GS Foundation (P+M) - Delhi : 23rd March 2026, 11:30 AM Navratri offer UPTO 75% + 10% Off | Valid till 26th March GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 17th March 2026

चन्नापटना खिलौना 

प्रारम्भिक परीक्षा – चन्नापटना खिलौना
मुख्य परीक्षा - सामान्य अध्ययन, पेपर-1

संदर्भ

चन्नापटना में बने खिलौने अब अफगानिस्तान में बच्चों की शैक्षणिक गतिविधियों का हिस्सा बन गए हैं। 

Channapatna-Toy

प्रमुख बिंदु:- 

  • कर्नाटक राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा दान किए गए खिलौने अफगानिस्तान में कई बच्चों तक पहुंच गए हैं।
  • मिशन निदेशक श्रीविद्या पीआई के अनुसार, कुछ समय पहले हाथी दांत और लकड़ी से बने 500 से अधिक खिलौने अफगानिस्तान में बच्चों के लिए भेजे गए थे, जिनका उपयोग शैक्षिक कार्यों में किया जा रहा है। 
  • इन खिलौनों का उपयोग 12 वर्ष तक की आयु के बच्चों के लिए शैक्षिक और मनोरंजन के लिए किया जाता है। 

चन्नापटना खिलौना:-

toys-afghanistan                                                                         

  • इस लकड़ी के खिलौने का निर्माण कर्नाटक के रामनगर जिले के चन्नापटना शहर में किया जाता है। 
  • इस खिलौने को बनाने की परंपरा 300 वर्ष पहले मैसूर के राजा टीपू सुल्तान के द्वारा शुरू की गई थी। 
  • चन्नापटना में 250 से अधिक कुटीर इकाइयाँ और लगभग 50 कारखाने स्थित हैं जो खिलौने बनाते हैं।    
  • कर्नाटक के इस पारंपरिक शिल्प को वर्ष 2005 में भौगोलिक संकेत (GI) टैग मिला है।
  • चन्नापटना शहर बेंगलुरु से लगभग 60 किमी दूर है। चन्नापटना में 250 से अधिक कुटीर इकाइयाँ और लगभग 50 कारखाने हैं जो खिलौने बनाते हैं।

विशेषता:- 

  • चन्नापटना खिलौने में रासायनिक डाई का उपयोग नहीं किया जाता है तथा ये खिलौने तेज किनारों वाले नहीं होते हैं जिससे बच्चों को कोई नुकसान नहीं होता है।
  • पारंपरिक रूप से इन खिलौनों का निर्माण आइवरी वुड(Ivory Wood) एवं लाख वृक्ष की लकड़ी से होता है लेकिन वर्तमान में इसे बनाने में आम और चन्दन की लकड़ी का भी उपयोग किया जा रहा है। 

चन्नापटना में बनने वाले प्रमुख खिलौने:-

  • इन खिलौनों के अंतर्गत लकड़ी की काठी वाला टकबक घोड़ा, गुड्डा, गुड़िया, बंदर, भालू, झुनझुना, डमरू, छोटे छोटे झूले, वॉल हैंगिंग आदि बनाये जाते हैं। 
  • यह राज्य और केंद्र सरकार का एक संयुक्त उद्यम है।
  • चन्नापटना में खिलौना क्लस्टर के लिए सरकार द्वारा 4.98 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। 
  • इन खिलौनों की मार्केटिंग के लिए ऑनलाइन, ऑफलाइन और अन्य प्लेटफार्मों का उपयोग किया जाता है।  
  • चन्नापटना में बने खिलौने अच्छी गुणवत्ता वाले होते हैं जिस कारण से इन्हें दूसरे देशों में भी भेजा जाता है ।

प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न:- चन्नापटना खिलौना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 

  1. इस लकड़ी के खिलौने का निर्माण कर्नाटक के रामनगर जिले के चन्नापटना शहर में किया जाता है। 
  2. चन्नापटना में बने खिलौने का उपयोग अफगानिस्तान में बच्चों की शैक्षणिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है। 
  3. इस खिलौने में रासायनिक डाई का उपयोग किया जाता है।

उपर्युक्त में से कितने सही हैं?

(a) केवल एक

(b) केवल दो

(c) सभी तीन

(d) कोई भी नहीं

उत्तर - (b)

« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR
X