भारत के भाषा-आधारित एआई पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाने के उद्देश्य से इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा नई दिल्ली में भाषिनी समुदाय (BHASHINI Samudaye) का आयोजन किया जा रहा है।
भाषिनी समुदाय के बारे में
- यह भाषिनी पहल के अंतर्गत विकसित एक सहयोगात्मक मंच है जो शिक्षाविदों, नागरिक समाज संगठनों और तकनीकी नवाचारकर्ताओं के साथ मिलकर भारतीय भाषाओं से जुड़े एआई टूल्स, डेटासेट व सेवाओं के संयुक्त विकास, संचालन एवं व्यापक उपयोग को संभव बनाता है।
- इसका संचालन इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के अंतर्गत डिजिटल इंडिया भाषिनी डिवीजन (DIBD) द्वारा किया जाता है। यह राष्ट्रीय भाषा अनुवाद मिशन (NLTM) का एक प्रमुख हिस्सा है।
प्रमुख विशेषताएँ
- पारिस्थितिकी-तंत्र आधारित एआई प्रशासन: यह शोध संस्थानों, राज्य सरकारों, गैर-सरकारी संगठनों और स्टार्टअप्स की भागीदारी वाला समावेशी एवं सहभागी ढांचा है।
- भाषिनी प्लेटफॉर्म और ए.पी.आई.: भारतीय भाषाओं में रियल-टाइम अनुवाद, स्पीच-टू-टेक्स्ट और टेक्स्ट-टू-स्पीच जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराता है।
- भाषादान पहल: नागरिकों की सहभागिता से खुले एवं समृद्ध भारतीय भाषा डेटासेट तैयार करने का मंच प्रदान करता है।
- नैतिक डेटा ढांचा: सहमति-आधारित, मानकीकृत और समावेशी डेटा निर्माण को सुनिश्चित करता है।
- वास्तविक उपयोग मामलों का प्रदर्शन: शासन, शिक्षा एवं सार्वजनिक सेवाओं में भाषिनी के व्यावहारिक अनुप्रयोगों को प्रस्तुत करता है।