संदर्भ
हाल ही में, नीति आयोग द्वारा ‘संपूर्णता अभियान 2.0’ की शुरुआत की गई।
संपूर्णता अभियान 2.0 के बारे में
- तीन माह का यह अभियान 28 जनवरी से 14 अप्रैल, 2026 तक संचालित होगा, जिसका उद्देश्य देश के आकांक्षी जिलों में 5 प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों (KPI) तथा आकांक्षी ब्लॉकों में 6 प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों का पूर्ण सैचुरेशन सुनिश्चित करना है।
- इसके अंतर्गत आकांक्षी जिला एवं आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम के तहत देश के 112 आकांक्षी जिलों तथा 513 आकांक्षी ब्लॉकों में चयनित महत्वपूर्ण प्रदर्शन संकेतकों का शत-प्रतिशत सैचुरेशन सुनिश्चित किया जाएगा।
आकांक्षी ब्लॉकों के लिए 6 चिन्हित प्रमुख प्रदर्शन संकेतक
- आई.सी.डी.एस. कार्यक्रम के अंतर्गत 6 माह से 6 वर्ष तक के बच्चों में नियमित रूप से पूरक पोषण प्राप्त करने वाले बच्चों का प्रतिशत
- रिपोर्टिंग माह के दौरान आंगनवाड़ी केंद्रों में नामांकित बच्चों की मापन दक्षता
- कार्यात्मक शौचालय सुविधा वाले संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों का प्रतिशत
- पेयजल सुविधा से युक्त संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों का प्रतिशत
- कुल स्कूलों की संख्या के सापेक्ष बालिकाओं के लिए पर्याप्त शौचालय सुविधा वाले स्कूलों का प्रतिशत
- एफ.एम.डी. के विरुद्ध टीकाकृत गोवंश का प्रतिशत
आकांक्षी जिलों के लिए 5 प्रमुख के.पी.आई.
- जन्म के समय वजन किए गए जीवित बच्चों का अनुपात
- अनुमानित मामलों की तुलना में क्षय रोग (टीबी) मामलों की अधिसूचना दर (सरकारी एवं निजी स्वास्थ्य संस्थान)
- पिछले एक माह में कम-से-कम एक ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस अथवा शहरी स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस आयोजित करने वाले आंगनवाड़ी केंद्रों/शहरी पीएचसी का प्रतिशत
- कार्यात्मक बालिका शौचालयों वाले स्कूलों का प्रतिशत
- टीकाकृत पशुओं का प्रतिशत
- नीति आयोग द्वारा उन गतिविधियों की एक विस्तृत सूची भी साझा की गई है जिन्हें जिलों एवं ब्लॉकों द्वारा ‘संपूर्णता अभियान 2.0’ के शुभारंभ के अवसर पर आयोजित किया जा सकता है।
- इसके साथ ही, अभियान की निरंतरता बनाए रखने और समुदाय की भागीदारी को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से नियमित आउटरीच गतिविधियाँ संचालित करने के लिए जिलों व ब्लॉकों को प्रोत्साहित किया गया है।
अभियान की सफलता के लिए प्रभावी कदम
- इस अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने तथा जमीनी स्तर पर ठोस परिणाम सुनिश्चित करने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए जाएंगे:
- जिले और ब्लॉक चयनित संकेतकों के शत-प्रतिशत सैचुरेशन हेतु तीन माह की विस्तृत कार्य योजना तैयार करेंगे।
- प्रत्येक माह लक्ष्यों की प्राप्ति की प्रगति की नियमित समीक्षा और ट्रैकिंग की जाएगी।
- जन-जागरूकता एवं व्यवहार परिवर्तन से जुड़े अभियानों का क्रियान्वयन किया जाएगा।
- जिला स्तरीय अधिकारी सतत निगरानी के लिए नियमित फील्ड विजिट करेंगे।
- नीति आयोग, संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों एवं विभागों के साथ-साथ राज्य व केंद्र शासित प्रदेश सरकारों के सहयोग से इन आकांक्षी जिलों और ब्लॉकों के तीव्र एवं प्रभावी विकास के लिए समन्वित रूप से कार्य करेगा।
- यह सहयोग बेहतर योजना निर्माण, प्रभावी कार्यान्वयन, क्षमता संवर्धन तथा उन्नत और सतत सेवा वितरण प्रणालियों की स्थापना पर केंद्रित होगा।
आकांक्षी जिला कार्यक्रम के बारे में
- देश के अल्पविकसित और दूरदराज के क्षेत्रों का त्वरित विकास सुनिश्चित करने के लिए वर्ष 2018 में 112 जिलों को कवर करने वाला आकांक्षी जिला कार्यक्रम (ADP) शुरू किया गया था।
- ए.डी.पी. का नागरिकों के जीवन को ऊपर उठाने वाले प्रमुख संकेतकों में सुधार पर मापन योग्य और ठोस प्रभाव पड़ा है।
ए.डी.पी. के अंतर्गत पांच विषयों पर फोकस
- स्वास्थ्य एवं पोषण
- शिक्षा
- कृषि एवं जल संसाधन
- वित्तीय समावेशन एवं कौशल विकास
- ढांचागत सुविधाएँ
आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम (ABP) के बारे में
वर्ष 2023 में आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम (ABP) शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य और पोषण, शिक्षा, कृषि व जल संसाधन, वित्तीय समावेशन तथा सामाजिक विकास जैसे कई क्षेत्रों में देश भर के 500 ब्लॉकों में आवश्यक सरकारी सेवाओं को सैचुरेशन पर पहुंचाना है जिसे वर्ष 2025 में बढ़ाकर 513 ब्लॉक कर दिया गया था।
ए.बी.पी. के अंतर्गत पांच विषयों पर फोकस
- स्वास्थ्य एवं पोषण
- शिक्षा
- कृषि एवं संबंधित सेवाएँ
- बुनियादी ढांचा
- सामाजिक विकास