New
GS Foundation (P+M) - Delhi : 19th Jan. 2026, 11:30 AM Spring Sale UPTO 75% + 10% Off, Valid Till : 6th Feb., 2026 GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 09th Jan. 2026, 11:00 AM Spring Sale UPTO 75% + 10% Off, Valid Till : 6th Feb., 2026 GS Foundation (P+M) - Delhi : 19th Jan. 2026, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 09th Jan. 2026, 11:00 AM

दिलमुन सभ्यता

(प्रारंभिक परीक्षा: अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व की सामयिक घटनाएँ)
(मुख्य परीक्षा, सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र- 1: भारतीय संस्कृति में प्राचीन काल से आधुनिक काल तक के कला के रूप, साहित्य और वास्तुकला के मुख्य पहलू)

संदर्भ

हाल ही में, कुवैत के फ़ैलाका द्वीप (Failaka Island) पर कुछ दशकों में सबसे महत्वपूर्ण रहस्यों में से एक उजागर हुआ है। यहाँ शक्तिशाली कांस्य युगीन दिलमुन (डिलमुन/तेलमुन) सभ्यता से संबंधित 4,000 वर्ष पुराना मंदिर खोजा गया है।

हालिया खोज से संबंधित बिंदु 

  • कुवैत एवं डेनमार्क की संयुक्त पुरातात्विक टीम द्वारा की गई यह असाधारण खोज वास्तव में ठीक एक ही स्थान पर पाया गया दूसरा मंदिर है, जो इस बात की पुष्टि करता है कि यह द्वीप पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण धार्मिक और प्रशासनिक केंद्र था।
  • इस खोज में प्राचीन संरचना का पूरा अभिन्यास (Layout), मुहरें व मृद्भांड शामिल हैं जिससे प्राचीन खाड़ी व्यापार एवं आस्था की पूरी तस्वीर समृद्ध हो जाती है।
  • इस मंदिर की स्तरित प्रकृति वास्तव में इस खोज को उल्लेखनीय बनाती है। इस कांस्य युगीन मंदिर का पूरा लेआउट एक अन्य दिलमुन कालीन मंदिर के ठीक नीचे स्थित पाया गया, जिसे पिछले वर्ष ही खोजा गया था।
  • यह एक दुर्लभ वास्तुशिल्प (स्थापत्य) प्रसंग की पुष्टि करता है-
    • एक ही स्थान पर क्रमिक रूप से दो मंदिर का निर्माण 
    • दोनों की निर्माण अवधि लगभग 4,000 वर्ष पूर्व, विशेष रूप से 1900 से 1800 ईसा पूर्व के बीच होना
  • फर्श का लेआउट और केंद्रीय कक्ष संरचना बहरीन व पूर्वी अरब में पाए जाने वाले अनुष्ठान भवनों के साथ निकटता से मेल खाती है। ये स्थान दिलमुन धार्मिक विरासत से भी जुड़े हैं।

दिलमुन सभ्यता के बारे में

  • दिलमुन अरब प्रायद्वीप के पूर्वी भाग में स्थित एक सभ्यता थी। यह सभ्यता मुख्यत: बहरीन के साथ-साथ कुवैत के फ़ैलाका द्वीप पर स्थित थी।
  • इसकी उपस्थिति सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत, कतर, ओमान एवं फारस की खाड़ी के निकटवर्ती ईरानी तट पर भी थी।
  • यद्यपि यह काफी प्राचीन सभ्यता थी किंतु यह प्राचीन विश्व की सभ्यता के चार उद्गम स्थलों, अर्थात् मेसोपोटामिया, प्राचीन मिस्र, सिंधु घाटी सभ्यता एवं पीली (पीत) नदी सभ्यता की तुलना में बहुत कम प्रसिद्ध है।

उद्भव एवं विकास 

  • दिलमुन सभ्यता पहली बार चौथी सहस्राब्दी ईसा पूर्व के अंत में लगभग 3200 से 3000 ईसा पूर्व के बीच एक मामूली व्यापारिक केंद्र के रूप में विकसित हुई। 
  • तीसरी सहस्राब्दी ईसा पूर्व के प्रारम्भ तक यह स्थल इस क्षेत्र में एक मान्यता प्राप्त शक्ति के रूप में विकसित हो चुका था।
  • दिलमुन दो सबसे बड़ी प्राचीन सभ्यताओं ‘मेसोपोटामिया (आधुनिक इराक)’ और ‘सिंधु घाटी सभ्यता (आधुनिक पाकिस्तान व भारत)’ के बीच व्यापार के लिए एक केंद्रीय बिंदु के रूप में कार्य करता था।
  • तांबा, मोती एवं अन्य वस्तुएँ दिलमुन से होकर गुज़रती थीं। इससे यह एक समृद्ध एवं शक्तिशाली स्थान बन गया।

तांबा आपूर्ति में सहायक  

  • दिलमुन की सबसे महत्वपूर्ण भूमिकाओं में से एक तांबा उपलब्ध कराना था। कांस्य युग में तांबा एक महत्वपूर्ण धातु थी जिसका उपयोग औज़ारों, हथियारों एवं कला के लिए किया जाता था। 
  • दिलमुन ने मेसोपोटामिया को इस महत्वपूर्ण धातु की आपूर्ति में मदद की, जिसे अपने वृद्धिशील शहरों एवं सेनाओं के लिए इसकी आवश्यकता थी।

पतन का कारण 

  • 1600 ईसा पूर्व के बाद यह साम्राज्य क्षीण होने लगा और फिर धीरे-धीरे अन्य कई साम्राज्यों की तरह इसका भी पतन हो गया। अंतत: यह मेसोपोटामिया और फारस में समाहित हो गया।
  • पुरातत्वविदों को बहरीन और कुवैत में कई प्राचीन स्थल मिले हैं जो दिलमुन के विवरण से मेल खाते हैं। इन स्थलों में पुरानी बस्तियां, दफन टीले और अद्वितीय स्टाम्प मुहर जैसी कलाकृतियां शामिल हैं।

प्राचीन काल में फ़ैलाका द्वीप का महत्त्व 

  • फ़ैलाका द्वीप मेसोपोटामिया, पूर्वी अरब और निकटवर्ती सिंधु घाटी के बीच एक रणनीतिक समुद्री चौराहे पर स्थित है। कांस्य युग के दौरान इस सभ्यता ने लंबी दूरी के व्यापार मार्गों में एक महत्वपूर्ण मध्य स्थल के रूप में कार्य किया और तांबे, वस्त्र, मृद्भांड, मोती व कीमती रत्नों के आदान-प्रदान में सहायक रहा।
  • इसका प्रयोग संभवतः निम्नलिखित के रूप में होता था- 
    • सामुदायिक एवं धार्मिक समारोहों के लिए एक अनुष्ठान केंद्र के रूप में
    • अस्थायी कब्जे के बजाय प्रशासनिक महत्व वाली एक बस्ती के रूप में
    • व्यापारियों एवं यात्रियों के लिए एक मिलन स्थल के रूप में
  • इस खोज से यह भी पता चलता है कि अरब राज्यों के उदय से बहुत पहले खाड़ी क्षेत्र गौण नहीं था, बल्कि वैश्विक व्यापार नेटवर्क में मजबूती से एकीकृत था।
  • दिलमुन का उल्लेख प्राचीन मेसोपोटामिया के लेखन में शुद्धता, जल एवं जीवन की पौराणिक भूमि के रूप में मिलता है, जिसे प्राय: समृद्ध, शांतिपूर्ण व आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण बताया जाता है।

फ़ैलाका द्वीप के बारे में

  • फ़ैलाका द्वीप फारस की खाड़ी में स्थित एक द्वीप है। यह द्वीप फारस की खाड़ी में कुवैत शहर के तट से 20 किमी दूर स्थित है। वर्तमान में यह कुवैत का हिस्सा है। 
  • फ़ैलाका द्वीप उस स्थान से 50 किमी दक्षिण-पूर्व में स्थित है जहाँ टिगरिस और फ़रात नदियाँ फ़ारस की खाड़ी में गिरती हैं। आधुनिक युग में इस द्वीप पर सबसे पहले दर्ज उपस्थिति अल-अवाज़िम जनजाति के शेख मुसैद अल-आज़मी की है।
« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR