New
Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 21st Sept. 2026, 11:30 AM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 22nd Sept. 2026, 8:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th Aug 2026 English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 19th Aug 2026, 11:00 AM Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 21st Sept. 2026, 11:30 AM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 22nd Sept. 2026, 8:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th Aug 2026 English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 19th Aug 2026, 11:00 AM

फास्टैग पोर्टेबिलिटी सुविधा

संदर्भ 

फास्टैग उपयोगकर्ताओं के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी एनएचएआई ने एक महत्वपूर्ण सुविधा शुरू की है। फास्टैग पोर्टेबिलिटी सेवा ‘वनटैग’ अब राजमार्गयात्रा ऐप पर उपलब्ध है। इस पहल का उद्देश्य फास्टैग उपयोगकर्ताओं को अधिक विकल्प और सुविधा उपलब्ध कराना है। इसके तहत वाहन मालिक अपने वाहन पर पहले से लगे फास्टैग को बरकरार रखते हुए उसका जारीकर्ता बैंक बदल सकेंगे। यानी नया फास्टैग लेने और वाहन पर नया टैग लगाने की जरूरत नहीं होगी।  

मौजूदा फास्टैग ही रहेगा बरकरार 

  • ‘वनटैग’ फास्टैग पोर्टेबिलिटी सुविधा की सबसे बड़ी खासियत यह है कि जारीकर्ता बैंक बदलने के बावजूद वाहन पर लगा मौजूदा फास्टैग और उससे जुड़ी फास्टैग आईडी अपरिवर्तित रहेगी। इससे उपयोगकर्ता दूसरे जारीकर्ता बैंक के साथ उसी भौतिक टैग का इस्तेमाल जारी रख सकेंगे। 
  • एनएचएआई की इस पहल से फास्टैग उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध विकल्पों का विस्तार होगा और उन्हें जारीकर्ता बैंक बदलने की प्रक्रिया में अधिक लचीलापन मिलेगा। इसके साथ ही बार-बार नए फास्टैग जारी कराने की जरूरत भी कम होगी।  

राजमार्गयात्रा ऐप पर पूरी प्रक्रिया 

  • राजमार्गयात्रा ऐप उपयोगकर्ताओं को फास्टैग पोर्टेबिलिटी की पूरी प्रक्रिया में मार्गदर्शन प्रदान करता है। उपयोगकर्ता ऐप में लॉग इन करने के बाद अपनी वाहन पंजीकरण संख्या दर्ज कर यह जांच सकते हैं कि उनका फास्टैग पोर्टेबिलिटी के लिए पात्र है या नहीं। पात्रता की पुष्टि के बाद प्रक्रिया इस प्रकार पूरी की जा सकती है:
    • वर्तमान जारीकर्ता बैंक से उपयोगकर्ता को छह अंकों का मोबाइल सत्यापन कोड यानी एमवीसी प्राप्त होगा।
    • एमवीसी के माध्यम से प्रमाणीकरण पूरा किया जाएगा।
    • इसके बाद उपयोगकर्ता अपनी पसंद का नया जारीकर्ता बैंक चुन सकेगा।
    • नए जारीकर्ता के साथ ग्राहक सत्यापन प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
    • इसके बाद नए जारीकर्ता के साथ वॉलेट ऑनबोर्डिंग, यानी नया खाता स्थापित करने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
    • पोर्टेबिलिटी सफल होने के बाद वाहन पंजीकरण संख्या से जुड़ी मौजूदा फास्टैग आईडी में कोई बदलाव नहीं होगा।
    • इस तरह उपयोगकर्ता नया टैग लिए बिना अपने मौजूदा फास्टैग को दूसरे जारीकर्ता बैंक के साथ इस्तेमाल कर सकेगा। 

पुराना फास्टैग वॉलेट कैसे बंद होगा? 

  • पोर्टेबिलिटी प्रक्रिया पूरी होने के बाद पिछला जारीकर्ता बैंक मौजूदा फास्टैग वॉलेट को बंद कर देगा। वॉलेट में उपलब्ध राशि को लागू समायोजन के बाद उपयोगकर्ता को वापस कर दिया जाएगा।
  • इसके अलावा, एक ही अंतरसंचालनीय फास्टैग को दोबारा पोर्ट करने से पहले छह महीने की अवधि निर्धारित की गई है। यानी पोर्टेबिलिटी पूरी होने के बाद उसी फास्टैग की अगली पोर्टेबिलिटी के लिए छह महीने का अंतर रहेगा।

राजमार्गयात्रा ऐप पर कई नागरिक-केंद्रित सेवाएं 

  • ‘वनटैग’ सुविधा के जुड़ने से राजमार्गयात्रा ऐप पर राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध नागरिक-केंद्रित सेवाओं का दायरा और बढ़ गया है। ऐप पर फास्टैग से संबंधित अन्य सुविधाओं के साथ फास्टैग वार्षिक पास, फास्टैग स्थानीय पास और आपातकालीन हेल्पलाइन 1033 जैसी सेवाएं भी उपलब्ध हैं।
  • इससे राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं को फास्टैग और राजमार्ग सेवाओं से जुड़ी कई सुविधाएं एक ही डिजिटल मंच के माध्यम से प्राप्त करने का अवसर मिलता है। 

बार-बार फास्टैग बनाने की जरूरत होगी कम 

  • ‘वनटैग’ पहल का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य फास्टैग के बार-बार उत्पादन की आवश्यकता को कम करना है। मौजूदा भौतिक टैग को बरकरार रखते हुए जारीकर्ता बदलने की सुविधा मिलने से फास्टैग के कार्यशील जीवन के प्रबंधन में सुधार होने की उम्मीद है। 
  • इसके साथ ही परिचालन लागत, प्रेषण और फास्टैग को दोबारा जारी करने से जुड़े खर्च में भी कमी आ सकती है। जारीकर्ता बदलने की प्रक्रिया आसान होने से ग्राहकों के लिए उपलब्ध विकल्प बढ़ेंगे और फास्टैग व्यवस्था को अधिक अंतरसंचालनीय तथा कुशल बनाने में मदद मिलेगी।

देश में फास्टैग उपयोगकर्ता 

  • देश में इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह प्रणाली में फास्टैग पहले ही व्यापक स्तर पर इस्तेमाल हो रहा है। फास्टैग की पैठ दर 98 प्रतिशत से अधिक है और इसके लगभग 13 करोड़ उपयोगकर्ता हैं।
  • इतने बड़े उपयोगकर्ता आधार के बीच ‘वनटैग’ जैसी पोर्टेबिलिटी सुविधा फास्टैग उपयोगकर्ताओं को अपने मौजूदा टैग को बनाए रखते हुए जारीकर्ता बैंक बदलने का विकल्प देती है। इससे डिजिटल टोल कर प्रणाली को और मजबूत करने तथा राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं के लिए सुविधा बढ़ाने में मदद मिल सकती है। 

डिजिटल टोलिंग व्यवस्था को मिलेगा और बल 

  • फास्टैग ने भारत में इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह को व्यापक रूप से अपनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अब ‘वनटैग’ पहल के जरिए उपयोगकर्ताओं को मौजूदा भौतिक टैग को बरकरार रखते हुए जारीकर्ता बैंक बदलने की सुविधा दी जा रही है।
  • इससे एक ओर ग्राहकों को अधिक लचीलापन मिलेगा, वहीं दूसरी ओर बार-बार टैग निर्माण और पुनः जारी करने की आवश्यकता कम हो सकती है। इस पहल से डिजिटल टोल कर प्रणाली को और मजबूत करने, फास्टैग व्यवस्था की दक्षता बढ़ाने और राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं को अधिक सुविधा देने की दिशा में मदद मिलने की उम्मीद है। 
« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR
X