संदर्भ
विश्व आर्थिक मंच (WEF) द्वारा हाल ही में जारी ग्लोबल जेंडर गैप इंडेक्स 2026 में भारत 131वें स्थान पर बना हुआ है। वहीं आइसलैंड, फिनलैंड और नॉर्वे ने क्रमशः शीर्ष तीन स्थान बरकरार रखे हैं।
ग्लोबल जेंडर गैप इंडेक्स के बारे में
- ग्लोबल जेंडर गैप इंडेक्स एक वार्षिक सूचकांक है।
- इसका उद्देश्य विभिन्न देशों में लैंगिक समानता की स्थिति और उसमें समय के साथ होने वाले बदलावों को मापना है।
- इसे विश्व आर्थिक मंच (WEF) जारी करता है।
लैंगिक समानता का मापन:
- यह सूचकांक लैंगिक समानता को चार प्रमुख क्षेत्रों के आधार पर मापता है:
- आर्थिक भागीदारी और अवसर
- शैक्षिक उपलब्धि
- स्वास्थ्य और उत्तरजीविता
- राजनीतिक सशक्तिकरण
- वर्ष 2006 में इसकी शुरुआत हुई थी। तब से यह विभिन्न देशों में लैंगिक अंतर को कम करने की दिशा में हुई प्रगति पर लगातार नजर रखने वाले प्रमुख सूचकांकों में शामिल है।
2026 के प्रमुख निष्कर्ष
वैश्विक स्तर पर अब तक 69.2 प्रतिशत लैंगिक अंतर समाप्त किया जा चुका है। पिछले वर्ष की तुलना में इसमें 0.4 प्रतिशत अंक की वृद्धि हुई है।
- आइसलैंड 93 प्रतिशत लैंगिक अंतर पाटकर लगातार पहले स्थान पर है।
- फिनलैंड 87.2 प्रतिशत के साथ दूसरे और नॉर्वे 85.7 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर है।
- नामीबिया 84.5 प्रतिशत के साथ चौथे स्थान पर है।
- इसके बाद यूनाइटेड किंगडम, न्यूजीलैंड, स्वीडन, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी और आयरलैंड शीर्ष देशों में शामिल हैं।
- ऑस्ट्रेलिया पहली बार शीर्ष 10 में शामिल हुआ है।
- 2025 और 2026 दोनों संस्करणों में शामिल 143 अर्थव्यवस्थाओं का औसत स्कोर 0.4 प्रतिशत अंक बढ़ा है।
- चारों उप-सूचकांकों में शैक्षिक उपलब्धि में सबसे बड़ी सालाना वृद्धि दर्ज की गई। इसका स्कोर 95.3 प्रतिशत से बढ़कर 96.9 प्रतिशत हो गया।
- आर्थिक भागीदारी और अवसर का स्कोर 61.3 प्रतिशत से बढ़कर 61.7 प्रतिशत हुआ।
- स्वास्थ्य और उत्तरजीविता का स्कोर 96.1 प्रतिशत से बढ़कर 96.2 प्रतिशत हुआ।
- राजनीतिक सशक्तिकरण का स्कोर 22.5 प्रतिशत से घटकर 22.1 प्रतिशत रह गया।
भारत की स्थिति
- 2026 के सूचकांक में भारत 145 देशों में 131वें स्थान पर है और उसका कुल लैंगिक समानता स्कोर 64.5 प्रतिशत है।
- भारत से नीचे 14 देश हैं। इनमें पापुआ न्यू गिनी, कुवैत, ओमान, कतर, ताजिकिस्तान, सऊदी अरब, मिस्र, मोरक्को, माली, अल्जीरिया और कांगो सहित अन्य देश शामिल हैं।
- सूचकांक में चाड सबसे निचले स्थान पर है, जबकि ईरान और पाकिस्तान भी निचले तीन देशों में शामिल हैं।
- 2006 के बाद से भारत की लैंगिक समानता में कुल 4.3 प्रतिशत अंकों का सुधार हुआ है। इस प्रगति में सबसे प्रमुख योगदान शैक्षिक उपलब्धि के क्षेत्र में हुए सुधार का रहा है।
- आर्थिक भागीदारी और अवसर के उप-सूचकांक में भारत का लैंगिक समानता स्कोर 41.2 प्रतिशत रहा। यह पिछले संस्करण की तुलना में 0.5 प्रतिशत अंक अधिक है, हालांकि 2013 में दर्ज भारत के सर्वोच्च स्तर से यह अभी भी 3.5 प्रतिशत अंक कम है।
विश्व आर्थिक मंच (WEF) के बारे में
- विश्व आर्थिक मंच (WEF) एक गैर-लाभकारी अंतरराष्ट्रीय संगठन है।
- इसकी स्थापना जनवरी 1971 में हुई थी।
- इसका मुख्यालय स्विट्जरलैंड के कोलोनी, जिनेवा में स्थित है।
- इसकी स्थापना का उद्देश्य वैश्विक परिस्थितियों में सुधार लाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों के लोगों और संस्थानों को एक मंच पर लाना था।
- प्रारंभ में इसे यूरोपीय प्रबंधन मंच (European Management Forum) के नाम से जाना जाता था।