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एफसीआरए 2.0 पोर्टल और ई-ओसीआई कार्ड

संदर्भ 

  • हाल ही में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने नई दिल्ली में एफसीआरए 2.0 पोर्टल (FCRA 2.0 पोर्टल) एवं ई-ओसीआई कार्ड (e-OCI कार्ड) का शुभारंभ किया।

एफसीआरए 2.0 पोर्टल के बारे में 

  • एफसीआरए 2.0 पोर्टल को विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम के अंतर्गत अनुपालन को सरल बनाने तथा निगरानी एवं प्रवर्तन की व्यवस्था को मज़बूत करने के लिए विकसित किया गया है। 
  • इसके अंतर्गत आवेदन, नवीनीकरण, वार्षिक विवरणी और अन्य सेवाओं से जुड़ी सभी प्रमुख प्रक्रियाएँ अब पूर्णतः डिजिटल (एंड-टू-एंड) कर दी गई हैं।

आवश्यकता:

  • वर्तमान में देश भर में लगभग 14,500 सक्रिय एफसीआरए संगठन कार्यरत हैं, और प्रतिवर्ष लगभग 15,000 से 20,000 आवेदन तथा करीब 17,000 वार्षिक विवरणियाँ प्राप्त होती हैं। इतनी बड़ी संख्या के कारण एक आधुनिक, तकनीक-सक्षम और सुरक्षित व्यवस्था की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। 

विभिन्न सुविधाएँ: 

  • नेशनल गवर्नमेंट क्लाउड (मेघराज) पर होस्ट किए गए इस पोर्टल में 
    • प्रक्रिया पुनर्संरचना, 
    • एकीकृत डैशबोर्ड, 
    • आधार-आधारित प्रमाणीकरण, 
    • ई-साइन सुविधा और ओसीआर-आधारित दस्तावेज़ विश्लेषण जैसी सुविधाएँ शामिल हैं। 
  • नए एफसीआरए संशोधन नियम, 2026 के प्रमुख प्रावधानों को भी इसमें समाहित किया गया है, और यह पोर्टल पैन, आधार, ओसीआई, एनजीओ दर्पण तथा आईसीएआई की यूडीआईएन प्रणाली समेत प्रमुख सरकारी डेटाबेस तथा बैंक से एकीकृत है। 

उपयोगिता:

  • यह पोर्टल संगठनों के लिए कागज़ी कार्यवाही को कम करता है, समय बचाता है और एक सरल व अधिक सुविधाजनक अनुभव देता है, जिसमें आवेदनों की तेज़ प्रोसेसिंग और एक एकीकृत, लॉगिन-आधारित डैशबोर्ड शामिल है। 
  • सरकार के लिए, प्रमुख डेटाबेस के साथ एपीआई-आधारित एकीकरण से सत्यापन तेज़ और अधिक सटीक होता है, अनुपालन निगरानी बेहतर होती है, तथा विदेशी अंशदान की प्राप्ति और उपयोग पर प्रभावी निगरानी सुनिश्चित होती है, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा और सुशासन दोनों समान रूप से मज़बूत होते हैं। 
  • इस मंच को भविष्य में एआई-सक्षम चैटबॉट और मोबाइल-आधारित पहुँच जैसी सुविधाओं को समाहित करने के अनुरूप भी तैयार किया गया है।

इलेक्ट्रॉनिक ओवरसीज़ सिटिज़न ऑफ इंडिया (ई-ओसीआई) कार्ड के बारे में 

  • इलेक्ट्रॉनिक ओवरसीज़ सिटिज़न ऑफ इंडिया (ई-ओसीआई) कार्ड एक प्रमुख नागरिक-केंद्रित पहल है। 
  • इसका उद्देश्य पूर्णतः डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से वैश्विक भारतीय प्रवासी समुदाय के लिए ओसीआई सेवाओं को रूपांतरित करना है।

कार्यप्रणाली: 

  • इस प्रणाली के तहत आवेदक पूरी ओसीआई प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी कर सकते हैं - 
    • आवेदन प्रस्तुत करना, 
    • सहायक दस्तावेज़ अपलोड करना और 
    • स्वीकृति के बाद डिजिटल रूप से तैयार कार्ड डाउनलोड करना
  • जबकि मौजूदा कार्डधारक अधिकांश मामलों में नए आवेदन या भौतिक सत्यापन के बिना ही अपना ई-ओसीआई कार्ड डिजिटल रूप से प्राप्त कर सकते हैं।  
  • नई व्यवस्था के अंतर्गत, 20 वर्ष की आयु के बाद नया पासपोर्ट बनने पर ओसीआई बुकलेट को पुनः जारी कराने की आवश्यकता समाप्त कर दी गई है; हालाँकि, कार्डधारकों को नया पासपोर्ट जारी होने पर अपने पासपोर्ट संबंधी विवरण ऑनलाइन अद्यतन करना आवश्यक होगा। 
  • आवेदकों के लिए यह प्रणाली एक सुविधाजनक, पूर्णतः डिजिटल अनुभव प्रदान करती है, जिसमें किसी भौतिक उपस्थिति की आवश्यकता नहीं होती। मोबाइल उपकरणों के माध्यम से कभी भी पहुँच संभव है, और डिजिटल जारी करने से प्रोसेसिंग तेज़ होती है; साथ ही यह भौतिक दस्तावेज़ों से जुड़े खोने या क्षतिग्रस्त होने के जोखिम को समाप्त करती है और आव्रजन में तेज़ी से मंज़ूरी देकर यात्रा को सुगम बनाती है।

 सरकार के लिए उपयोगी:

  • ई-ओसीआई प्रणाली पूर्णतः ऑनलाइन प्रोसेसिंग सुनिश्चित करती है।
  • कागज़ी कार्यवाही और प्रशासनिक लागत को कम करती है। 
  • डेटा प्रबंधन और केंद्रीकृत ट्रैकिंग को मज़बूत करती है।
  • हवाई अड्डों पर वास्तविक समय में सत्यापन हेतु डिजिटल आव्रजन प्रणालियों से एकीकृत होती है।
  • इससे पहचान का सत्यापन बेहतर होता है, सुरक्षा बढ़ती है और धोखाधड़ी का जोखिम कम होता है।
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