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ग्रैंड इथियोपियन रेनेसां बांध

चर्चा में क्यों

इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद ने ब्लू नील नदी पर अफ्रीका की सबसे बड़ी जलविद्युत परियोजना ‘ग्रैंड इथियोपियन रेनेसां बांध’ (GERD) का उद्घाटन किया है।

GERD के बारे में

  • अवस्थिति : इथियोपिया के बेनिशांगुल-गुमुज़ क्षेत्र में ब्लू नील नदी पर स्थित।
  • क्षमता: 5,150 मेगावाट 
  • लागत : 4 अरब डॉलर
  • इथियोपिया की बिजली ज़रूरतों और क्षेत्रीय बिजली निर्यात के लिए महत्त्वपूर्ण।
  • राष्ट्रीय गौरव और आर्थिक परिवर्तन का प्रतीक।
  • विद्युत् उतपादन क्षमता के दृष्टिकोण से यह अफ्रीका का सबसे बड़ा बाँध है। हालाँकि यह अभी भी विश्व स्तर पर शीर्ष 10 से बाहर है।
  • विश्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, इथियोपिया की 13 करोड़ की आबादी में से लगभग 45 % के पास बिजली की उपलब्धता नहीं है। 

मिस्र द्वारा विरोध का कारण

  • नील नदी पर निर्भरता: मिस्र अपनी 90% से ज़्यादा मीठे पानी की ज़रूरतों के लिए नील नदी पर निर्भर है।
  • इथियोपिया के इस कदम से मिस्र को अपनी जल सुरक्षा को लेकर ख़तरा है।
  • प्रवाह में कमी का डर: बांध के जलाशय के तेज़ी से भरने से निचले इलाकों में पानी की उपलब्धता कम हो सकती है।
  • भू-राजनीतिक चिंता: ऐतिहासिक नील जल-बंटवारा संधियों (1929 और 1959) का कथित उल्लंघन।

सूडान का रुख

  • जल प्रवाह में कमी को लेकर चिंताएँ।
  • बाँध सुरक्षा को लेकर चिंताएँ, लेकिन नियंत्रित जल प्रवाह और बिजली आपूर्ति से संभावित लाभ।

अंतर्राष्ट्रीय दृष्टिकोण 

  • इस मुद्दे पर अफ़्रीकी संघ  और संयुक्त राष्ट्र ने वार्ता में मध्यस्थता की है, लेकिन अभी तक कोई बाध्यकारी समझौता नहीं हुआ है।
  • नील नदी बेसिन की स्थिरता में अमेरिका, चीन और खाड़ी देशों की हिस्सेदारी है।

इसे भी जानिए 

  • नील नदी, दुनिया की सबसे लंबी नदी, जिसे अफ़्रीकी नदियों का जनक कहा जाता है।

  •  यह भूमध्य रेखा के दक्षिण से निकलती है और उत्तर-पूर्वी अफ़्रीका से होकर उत्तर की ओर बहती हुई भूमध्य सागर में गिरती है। 
  • इसकी लंबाई लगभग 4,132 मील (6,650 किलोमीटर) है और यह अनुमानित 1,293,000 वर्ग मील (3,349,000 वर्ग किलोमीटर) क्षेत्र में फैली है। 
  • इसके बेसिन में तंजानिया, बुरुंडी, रवांडा, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, केन्या, युगांडा, दक्षिण सूडान, इथियोपिया, सूडान और मिस्र का कृषि योग्य क्षेत्र शामिल हैं। 
  • इसका सबसे दूरस्थ स्रोत बुरुंडी में कागेरा नदी है।
  • नील नदी तीन प्रमुख धाराओं से बनती है: नीली नील, अटबारा और सफेद नील। 
  • नील नदी का मुख्य उद्गम स्रोत विक्टोरिया झील है जो विश्व की दूसरी सबसे बड़ी मीठे पानी की झील है।

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