हबली हवाई अड्डे को उसकी हरित पहलों के लिए एयरपोर्ट्स काउंसिल इंटरनेशनल (ACI) के ग्रीन एयरपोर्ट्स रिकॉग्निशन 2025 में प्लेटिनम सम्मान मिला है।
हबली हवाई अड्डे को यह सम्मान वार्षिक छह मिलियन से कम यात्रियों वाले हवाई अड्डों की श्रेणी में "हवाई अड्डों पर सतत ऊर्जा" के लिए दिया गया है।
यह पुरस्कार 16 अप्रैल, 2025 को नई दिल्ली में आयोजित ACI एशिया-प्रशांत और मध्य पूर्व क्षेत्रीय असेंबली, सम्मेलन और प्रदर्शनी में प्रदान किया गया।
प्रमुख बिंदु:
यह पुरस्कार हबली हवाई अड्डे पर स्थापित 8 मेगावाट के सौर ऊर्जा संयंत्र की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है, जिसे दिसंबर 2022 में चालू किया गया था।
यह भारत का पहला ऐसा सौर ऊर्जा संयंत्र है जो एक ही राज्य के भीतर कई हवाई अड्डों - हबली, बेलगावी और मैसूरु को स्वच्छ ऊर्जा की आपूर्ति करता है और भविष्य में कर्नाटक के अन्य हवाई अड्डों को भी ऊर्जा प्रदान करने की योजना है।
इस संयंत्र से वार्षिक 11 मिलियन यूनिट से अधिक स्वच्छ बिजली उत्पन्न होने की उम्मीद है, जिससे इसके जीवनकाल में लगभग 215,000 टन कार्बन उत्सर्जन कम होगा।
यह उपलब्धि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) की टिकाऊ बुनियादी ढांचे के निर्माण और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
ACI ग्रीन एयरपोर्ट्स रिकॉग्निशन 2025:
यह एक अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार है, जिसे एयरपोर्ट्स काउंसिल इंटरनेशनल एशिया-प्रशांत और मध्य-पूर्व (ACI APAC & MID) द्वारा हवाई अड्डों की पर्यावरणीय स्थिरता और ऊर्जा प्रबंधन प्रयासों को मान्यता देने के लिए प्रदान किया जाता है।
वर्ष 2025 में इसका नौवां संस्करण आयोजित हुआ, जिसका विषय था: "Sustainable Energy at Airports"
एयरपोर्ट्स काउंसिल इंटरनेशनल (ACI):
एयरपोर्ट्स काउंसिल इंटरनेशनल (ACI) एक वैश्विक संगठन है, जो हवाई अड्डों के सामूहिक हितों का प्रतिनिधित्व करता है।
उद्देश्य:हवाई अड्डों की सुरक्षा, स्थिरता, और संचालन में उत्कृष्टता को बढ़ावा देना है।
स्थापना: वर्ष 1991
मुख्यालय:मॉन्ट्रियल, क्यूबेक, कनाडा में स्थित है।
ACI की पाँच प्रमुख क्षेत्रीय शाखाएँ हैं: एशिया-प्रशांत, यूरोप, उत्तर अमेरिका, लैटिन अमेरिकाऔर अफ्रीका।
प्रश्न. एयरपोर्ट्स काउंसिल इंटरनेशनल (ACI) के ग्रीन एयरपोर्ट्स रिकॉग्निशन 2025 में किस हवाई अड्डे को प्लेटिनम सम्मान मिला है?