New
Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 14th Oct. 2026, 06:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 23rd Oct. 2026, 11:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 07th Dec. 2026, 5:30PM English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 03rd Oct. 2026, 11:00 AM Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 14th Oct. 2026, 06:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 23rd Oct. 2026, 11:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 07th Dec. 2026, 5:30PM English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 03rd Oct. 2026, 11:00 AM

एक संप्रभु खासी क्षेत्र की बढ़ती मांग

चर्चा में क्यों? 

हाल ही में, मेघालय की राजधानी शिलॉन्ग में हुए विस्फ़ोट की ज़िम्मेदारी प्रतिबंधित एच.एन.एल.सी उग्रवादी समूह ने ली है। 

एच.एन.एल.सी उग्रवादी समूह 

  • हाइनीवट्रेप नेशनल लिबरेशन काउंसिल (एच.एन.एल.सी) कई दशकों से मेघालय में एक संप्रभु खासी क्षेत्र की मांग कर रहा है। इसका गठन 1990 के दशक में किया गया था।
  • यह समुदाय खासी और जयंतिया समुदाय का प्रतिनिधित्व करता है। संगठन के प्रारंभिक वर्षों में इसमें गारो समुदाय भी शामिल था, किंतु बाद में आंतरिक मतभेद के कारण गारो समुदाय ने अलग होकर अचिक नेशनल वालंटियर्स काउंसिल (ए.एन.वी.सी) बना ली।
  • इसका प्रमुख उद्देश्य मेघालय को विशेष रूप से खासी जनजाति के लिये एक प्रांत के रूप में बदलना और इसे गारो जनजाति के ‘वर्चस्व’ से मुक्त करना है।
  • एक अन्य उद्देश्य, इस क्षेत्र में ‘बाहरी लोगों’ की उपस्थिति के विरुद्ध लड़ना है, क्योंकि एच.एन.एल.सी. का मानना है कि खासी समुदाय के युवाओं को राज्य में पर्याप्त रोज़गार नहीं मिल पा रहा है।
  • इस समुदाय के शीर्ष नेतृत्व बांग्लादेश से निर्देशित होते हैं।
« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR