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पैट्रियट मिसाइल सिस्टम

संदर्भ 

  • अमेरिकी रक्षा कंपनी लॉकहीड मार्टिन ने हाल ही में बताया कि उसे जनरल मोटर्स से पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों के लिए जरूरी महत्वपूर्ण कलपुर्जों की एक खेप मिली है। कंपनी ने यह जानकारी ऐसे समय में दी है, जब दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में जारी संघर्षों के बीच वायु रक्षा प्रणालियों की मांग बढ़ी है और पैट्रियट मिसाइलों का उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
  • पैट्रियट दुनिया की प्रमुख जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइल रक्षा प्रणालियों में शामिल है। इसका इस्तेमाल दुश्मन के विमानों, क्रूज मिसाइलों और कुछ प्रकार की सामरिक बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने के लिए किया जाता है। 

क्या है पैट्रियट मिसाइल सिस्टम? 

  • पैट्रियट का पूरा नाम फेज्ड एरे ट्रैकिंग रडार फॉर इंटरसेप्ट ऑन टारगेट है। 
  • यह एक मोबाइल सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल रक्षा प्रणाली है। 
  • इसे मूल रूप से अमेरिकी हथियार निर्माता कंपनी रेथियॉन ने विकसित किया था। बाद में रेथियॉन के रक्षा कारोबार के पुनर्गठन के बाद यह प्रणाली रेथियॉन टेक्नोलॉजीज और वर्तमान रक्षा उद्योग संरचना का हिस्सा बनी।

उद्देश्य: 

  • पैट्रियट प्रणाली का मुख्य उद्देश्य हवा से आने वाले खतरों का पता लगाना, उन्हें ट्रैक करना और जरूरत पड़ने पर इंटरसेप्टर मिसाइल के जरिए उन्हें नष्ट करना है।
  • यह प्रणाली इस्तेमाल किए जा रहे इंटरसेप्टर के प्रकार के आधार पर अलग-अलग लक्ष्यों को निशाना बना सकती है। इनमें - 
    • लड़ाकू और अन्य विमान
    • सामरिक बैलिस्टिक मिसाइलें
    • क्रूज मिसाइलें शामिल हैं। 
  • पैट्रियट को अमेरिकी सेना की सबसे उन्नत वायु रक्षा प्रणालियों में से एक माना जाता है। 

पहली बार प्रयोग: 

  • पैट्रियट प्रणाली का पहला प्रमुख युद्धक इस्तेमाल 1991 के खाड़ी युद्ध के दौरान हुआ था। उस समय इसकी बैटरियों को सऊदी अरब, कुवैत और इजरायल की रक्षा के लिए तैनात किया गया था।
  • इसके बाद 2003 में इराक पर अमेरिकी आक्रमण के दौरान भी पैट्रियट प्रणाली का इस्तेमाल किया गया।
  • समय के साथ इसमें कई तकनीकी सुधार किए गए हैं और इसके अलग-अलग संस्करण विकसित हुए हैं। 
  • आज करीब 19 देश पैट्रियट प्रणाली का संचालन करते हैं। इनमें अमेरिका के अलावा जर्मनी, पोलैंड, यूक्रेन, जापान, कतर, सऊदी अरब और मिस्र जैसे देश शामिल हैं। 

पैट्रियट बैटरी के घटक:

  • पैट्रियट प्रणाली की मूल फायरिंग इकाई को पैट्रियट बैटरी कहा जाता है। एक बैटरी में कई प्रमुख उपकरण शामिल होते हैं। इनमें-
    • फेज्ड एरे रडार
    • एंगेजमेंट कंट्रोल स्टेशन
    • कंप्यूटर प्रणाली
    • बिजली पैदा करने वाले उपकरण
    • अधिकतम आठ लॉन्चर शामिल होते हैं। 
  • हर लॉन्चर में चार ऐसी मिसाइलें रखी जा सकती हैं जो तुरंत दागे जाने के लिए तैयार रहती हैं। इस तरह एक पैट्रियट बैटरी में बड़ी संख्या में इंटरसेप्टर मिसाइलें उपलब्ध हो सकती हैं।
  • एक बैटरी के साथ करीब 90 सैनिक तैनात हो सकते हैं। हालांकि, युद्ध की स्थिति में बैटरी को संचालित करने के लिए एंगेजमेंट कंट्रोल स्टेशन पर मौजूद केवल तीन सैनिकों की आवश्यकता हो सकती है। 

पैट्रियट सिस्टम लक्ष्य को कैसे ट्रैक करता है? 

  • पैट्रियट की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में उसका उन्नत रडार और लक्ष्य पहचानने की क्षमता शामिल है।
  • इस प्रणाली में ट्रैक-वाया-मिसाइल यानी टीवीएम मार्गदर्शन प्रणाली का इस्तेमाल किया जाता है। इंटरसेप्टर के उड़ान भरने के बाद उसके मार्ग को आवश्यकतानुसार संशोधित करने के लिए मोबाइल एंगेजमेंट कंट्रोल सेंटर से मार्गदर्शन संबंधी कमांड भेजे जा सकते हैं।
  • पैट्रियट का रडार 150 किलोमीटर से अधिक दूरी तक लक्ष्य का पता लगा सकता है और एक साथ करीब 100 संभावित लक्ष्यों को ट्रैक करने में सक्षम है।
  • इस क्षमता की वजह से सिस्टम एक साथ कई हवाई खतरों पर नजर रख सकता है और उनमें से महत्वपूर्ण लक्ष्यों के खिलाफ प्रतिक्रिया की प्रक्रिया शुरू कर सकता है।

पीएसी-2 और पीएसी-3 में अंतर 

पैट्रियट प्रणाली में अलग-अलग प्रकार के इंटरसेप्टर इस्तेमाल किए जाते हैं। इनकी तकनीक और लक्ष्य को नष्ट करने का तरीका अलग हो सकता है।

  • पीएसी-2 इंटरसेप्टर: पीएसी-2 इंटरसेप्टर में ब्लास्ट-फ्रैगमेंटेशन वारहेड का इस्तेमाल किया जाता है। यह लक्ष्य के पास विस्फोट करके उत्पन्न हुए विस्फोटक प्रभाव और धातु के टुकड़ों के जरिए उसे नष्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है। 
  • पीएसी-3 इंटरसेप्टर: नया पीएसी-3 अधिक उन्नत हिट-टू-किल तकनीक का इस्तेमाल करता है। इसमें इंटरसेप्टर सीधे लक्ष्य से टकराकर उसे नष्ट करने का प्रयास करता है। 

इस तकनीक में इंटरसेप्टर की सटीकता बेहद महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि लक्ष्य को सीधे टक्कर के जरिए नष्ट करना इसका प्रमुख तरीका है।

कितनी ऊंचाई तक पहुंच सकती है पैट्रियट मिसाइल? 

  • इंटरसेप्टर के संस्करण के आधार पर इसकी क्षमता अलग-अलग होती है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलें 24 किलोमीटर से अधिक ऊंचाई तक पहुंच सकती हैं।
  • हालांकि, किसी विशेष मिसाइल की वास्तविक परिचालन क्षमता उसके संस्करण, लक्ष्य के प्रकार और परिस्थितियों पर निर्भर करती है। 

पैट्रियट मिसाइल की उपयोगिता 

  • आधुनिक युद्ध में ड्रोन, क्रूज मिसाइलों और बैलिस्टिक मिसाइलों जैसे हवाई खतरों की भूमिका बढ़ी है। ऐसे में जमीन पर मौजूद महत्वपूर्ण सैन्य और रणनीतिक ठिकानों की सुरक्षा के लिए बहु-स्तरीय वायु रक्षा प्रणालियां महत्वपूर्ण हो जाती हैं।
  • पैट्रियट प्रणाली इसी तरह की वायु रक्षा व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके उत्पादन और आपूर्ति में तेजी लाने की मौजूदा कोशिशें यह भी दिखाती हैं कि आधुनिक संघर्षों में इंटरसेप्टर मिसाइलों और वायु रक्षा प्रणालियों की मांग कितनी महत्वपूर्ण हो गई है। 
  • हालांकि, कोई भी वायु रक्षा प्रणाली हर प्रकार के खतरे को रोकने की गारंटी नहीं देती। इसकी प्रभावशीलता लक्ष्य, इंटरसेप्टर के संस्करण, तैनाती और परिचालन परिस्थितियों जैसे कई कारकों पर निर्भर करती है। 
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