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वर्तमान वैश्विक स्थिति का बाल जीवन पर प्रभाव

(प्रारंभिक परीक्षा : आर्थिक और सामाजिक विकास- सतत् विकास, गरीबी, समावेशन)
(मुख्य परीक्षा, सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र- 3 : स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय)

संदर्भ

  • 13 जनवरी, 2025 को संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने ‘2025 में बच्चों के लिए संभावनाएं: बच्चों के भविष्य के लिए लचीली प्रणालियों का निर्माण' नाम से एक नई रिपोर्ट प्रकाशित की। 
  • इसके अनुसार, जलवायु परिवर्तन, आर्थिक अस्थिरता, संघर्ष एवं डिजिटल असमानता से बच्चों का जीवन बाधित हो रहा है और उनकी संभावनाओं को सीमित हो रही है।

रिपोर्ट के मुख्य निष्कर्ष 

सशस्त्र संघर्ष

  • विगत कई दशकों की अपेक्षा वर्तमान में दुनिया सर्वाधिक संख्या में सशस्त्र संघर्षों का सामना कर रही है और इसमें कमी आने की प्रवृत्ति नहीं दिख रही है। वर्ष 2025 भी बच्चों के लिए खतरनाक समय रहेगा।
  • वर्ष 2023 में 473 मिलियन से अधिक बच्चे यानी दुनिया भर में छह में से एक से अधिक बच्चे संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में रह रहे थे। संघर्ष से प्रभावित बच्चों की संख्या 1990 के दशक से लगभग दोगुनी होकर वर्तमान में 19% हो गई है।
  • सशस्त्र संघर्ष (बाह्य एवं आंतरिक दोनों) युवा आबादी को अत्यधिक प्रभावित करता हैं। इससे जीवन के जोखिम के अलावा बच्चों को विस्थापन, भुखमरी तथा बीमारी के जोखिम का सामना करना पड़ता है और उनके मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य को भी काफी खतरा है।

ऋण संकट से बच्चों के भविष्य पर प्रभाव

  • लगभग 400 मिलियन बच्चे ऋण में डूबे देशों में रहते हैं तथा तत्काल विशेष सुधारों के बिना यह आंकड़ा बढ़ेगा। ऋण प्रबंधन का व्यय शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा एवं सामाजिक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में निवेश को सीमित कर रहा है।
  • विश्व बैंक के अनुसार, निम्न एवं मध्यम आय वाले देशों में बाह्य ऋण में प्रत्येक 5% की वृद्धि से शिक्षा व्यय में 12.8 बिलियन डॉलर की कमी आ सकती है।
  • सुरक्षा अंतराल बढ़ गया है और लगभग 1.8 बिलियन बच्चों की नकद लाभ तक पहुंच नहीं है जिससे वे आर्थिक आघात के मुहाने पर हैं जो परिवारों को अधिक गरीबी की ओर ले जाता है।
  • ऋण संबंधित दबाव कई कारकों पर निर्भर करता है जिसमें निरंतर मुद्रास्फीति का प्रभाव, विकास सहायता में कमी और घरेलू कराधान से कम राजस्व की प्राप्ति आदि शामिल है। 

बजट आवंटन में कमी 

  • बहुपक्षीय जलवायु वित्त का केवल 2.4% हिस्सा बच्चों के लिए लक्षित परियोजनाओं एवं बाल-उत्तरदायी पहलों के लिए आवंटित किया जाता है। इससे बच्चों के लिए आवश्यक सामाजिक सेवाओं के लिए जलवायु लचीलापन कमजोर हो रहा है।
  • हानि एवं क्षति को संबोधित करने के लिए अतिरिक्त व लक्षित वित्त महत्वपूर्ण है। इससे समुदायों को निम्नलिखित के लिए सहायता प्राप्त हो सकती है- 
    • समुदायों के पुनर्निर्माण के लिए 
    • जलवायु आपदाओं के दौरान उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक निरंतर पहुँच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आवश्यक सेवाओं को बहाल करने के लिए   
    • स्वास्थ्य सेवा प्रणालियों और निरंतर पोषण कार्यक्रमों की बहाली के लिए 
    • गंभीर जलवायु घटनाओं से प्रभावित बच्चों को मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान करने के लिए 

डिजिटल सेवाओं तक पहुँच में कमी 

  • डिजिटल पहुंच में लगातार असमानता से डिजिटल सार्वजनिक ढांचा (DPI) का लाभ प्रत्येक बच्चे को नहीं मिल पा रहा है। यह समस्या अल्प विकसित देशों में अधिक है। 
  • उच्च आय वाले देशों में अधिकांश युवा इंटरनेट से जुड़े हुए हैं जबकि अफ्रीका में केवल 53% युवा (15-24 वर्ष) ही ऑनलाइन हैं।
  • किशोर बालिकाएँ एवं विकलांग बच्चे विशेष रूप से प्रभावित हैं। निम्न आय वाले देशों में 10 में से 9 किशोर बालिकाएँ व युवा महिलाएँ (15-24 वर्ष की आयु) ऑफ़लाइन हैं।

बच्चों के जीवन एवं भविष्य के अवसरों को बेहतर बनाने के लिए सुझाव

  • संघर्षों की रोकथाम के लिए राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विशेष प्रयास की आवश्यकता 
  • ऋण संबंधित दबाव पर नियंत्रण के लिए नीतियों की आवश्यकता 
  • समावेशी, निष्पक्ष व जिम्मेदारीपूर्ण प्रणालियों पर ध्यान केंद्रित करना
  •  बाल अधिकार और उनकी आवश्यकताओं को सर्वाधिक प्राथमिकता प्रदान करना
  • राष्ट्रीय प्रणालियों को मजबूत करने की तत्काल आवश्यकता
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