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भारतीय अक्षय ऊर्जा दिवस-2025: 20 अगस्त

चर्चा में क्यों ?

  • भारतीय अक्षय ऊर्जा दिवस प्रतिवर्ष 20 अगस्त को मनाया जाता है। इस दिवस का मुख्य उद्देश्य जनता में अक्षय ऊर्जा के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना और इसके उपयोग को प्रोत्साहित करना है।

अक्षय ऊर्जा

अक्षय ऊर्जा वह ऊर्जा है जो प्राकृतिक रूप से लगातार उपलब्ध होती है और जिसे समाप्त नहीं किया जा सकता। इसके प्रमुख स्रोतों में सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, जल ऊर्जा, बायोमास ऊर्जा और भू-तापीय ऊर्जा शामिल हैं।

 इतिहास और पृष्ठभूमि

  • भारत में ऊर्जा की मांग लगातार बढ़ रही है। पारंपरिक ऊर्जा स्रोत जैसे कोयला, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस सीमित हैं और इनके उपयोग से पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। 
  • इसी कारण भारत सरकार ने अक्षय ऊर्जा के महत्व को व्यापक जनसाधारण तक पहुँचाने के लिए भारतीय अक्षय ऊर्जा दिवस की स्थापना की।
  • भारतीय अक्षय ऊर्जा दिवस की शुरुआत वर्ष 2004 में हुई थी। 
  • तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने 20 अगस्त, 2004 को दिल्ली में इस दिवस का पहला आयोजन किया था। 
  • 20 अगस्त की तारीख का चयन इसलिए किया गया क्योंकि यह भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती है। 
  • राजीव गांधी ने भारत में अक्षय ऊर्जा और प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया था।

अक्षय ऊर्जा का महत्व

  • अक्षय ऊर्जा स्रोत जैसे सूर्य, पवन और जल हमेशा उपलब्ध रहते हैं, इसलिए कभी खत्म नहीं होते।
  • यह ऊर्जा प्रदूषण नहीं फैलाती और वातावरण को स्वच्छ रखती है।
  • इससे जीवाश्म ईंधन पर खर्च कम होता है और ऊर्जा की लागत धीरे-धीरे घटती है।
  • यह कार्बन उत्सर्जन कम करती है और ग्लोबल वार्मिंग से लड़ने में मदद करती है।

अक्षय ऊर्जा के प्रमुख स्रोत

  • सौर ऊर्जा  
    • सूर्य की किरणों से बिजली या गर्म पानी उत्पन्न करना।
    • उदाहरण: सोलर पैनल, सोलर वाटर हीटर।
    • भारत में राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और तमिलनाडु सौर ऊर्जा उत्पादन के प्रमुख केंद्र हैं।
  • पवन ऊर्जा  
    • हवा की गति द्वारा बिजली उत्पादन।
    • प्रमुख क्षेत्र:मिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र और गुजरात।
    • पवन टरबाइन के माध्यम से विद्युत उत्पादन किया जाता है।
  • जल ऊर्जा  
    • नदियों और बांधों से जल की धारा का उपयोग कर बिजली उत्पादन।
    • उदाहरण: भाखड़ा नांगल, टिहरी हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट।
    • यह ऊर्जा स्थायी और पर्यावरण के अनुकूल है।
  • बायोमास ऊर्जा  
    • कृषि अपशिष्ट, कचरा और जीवित जीवों से ऊर्जा उत्पादन।
    • उदाहरण: बायोगैस संयंत्र, बायो पावर प्लांट।
  • भू-तापीय ऊर्जा  
    • पृथ्वी की आंतरिक गर्मी का उपयोग करके बिजली या ताप उत्पन्न करना।

प्रश्न. भारतीय अक्षय ऊर्जा दिवस किस तिथि को मनाया जाता है ?

(a)  15 अगस्त

(b) 26 जनवरी

(c) 20 अगस्त

(d) 5 जून

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