New
Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 10th Aug 2026, 3:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 18th Aug 2026, 8:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th Aug 2026 English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 19th Aug 2026, 8:00 AM Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 10th Aug 2026, 3:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 18th Aug 2026, 8:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th Aug 2026 English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 19th Aug 2026, 8:00 AM

भारत का पहला इमर्सिव भाषा संग्रहालय

संदर्भ 

  • हाल ही में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा कोलकाता के राष्ट्रीय पुस्तकालय परिसर में भारत के पहले इमर्सिव भाषा संग्रहालय शब्दलोक (Museum of Word) की स्थापना की गई।  

इमर्सिव भाषा संग्रहालय के बारे में 

  • इस संग्रहालय का निर्माण केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय पुस्तकालय द्वारा कराया गया है।
  • संग्रहालय में मौखिक परंपराओं से लेकर लिखित साहित्य तक भारतीय भाषाओं के विकास की यात्रा को इंटरैक्टिव और डिजिटल प्रदर्शनों के जरिए दर्शाया गया है।

उद्देश्य: 

  • इसका उद्देश्य भारत की समृद्ध भाषाई एवं साहित्यिक विरासत को आधुनिक तकनीक के माध्यम से आमजन के सामने प्रस्तुत करना है।
  • इसके प्रथम चरण में भारत की विभिन्न भाषाओं, लिपियों और साहित्यिक परंपराओं की विविधता को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया है।

विशेषताएं: 

  • पारंपरिक संग्रहालयों से अलग, इसे डिजिटल स्क्रीन, होलोग्राम, मोशन-सेंसर और अन्य आधुनिक तकनीकों की सहायता से इस प्रकार विकसित किया गया है कि आगंतुक स्वयं अनुभव का हिस्सा बन सकें। 
  • संग्रहालय में कुल 9 विषयगत दीर्घाएँ (गैलरी) हैं, जो भारतीय भाषाओं की उत्पत्ति, विकास तथा देश की संस्कृति और सभ्यता के निर्माण में उनकी भूमिका को रेखांकित करती हैं।  
  • शब्दलोक भारत की 22 अनुसूचित भाषाओं का परिचय कराते हुए उनकी यात्रा को लोक परंपराओं, प्राचीन पांडुलिपियों, मुद्रित ग्रंथों और आधुनिक डिजिटल माध्यमों तक क्रमबद्ध रूप से प्रस्तुत करता है।  
  • संग्रहालय की सबसे आकर्षक विशेषताओं में एक ऐसा इंटरैक्टिव प्रदर्शन शामिल है, जिसके माध्यम से आगंतुक यह देख सकते हैं कि समय के साथ विभिन्न शब्दों के उच्चारण, अर्थ और प्रयोग में किस प्रकार परिवर्तन आया है।  

संस्कृति मंत्रालय (Ministry of Culture) के बारे में  

  • संस्कृति मंत्रालय का प्रमुख उद्देश्य प्राचीन सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण एवं संवर्धन करना तथा मूर्त (Tangible) और अमूर्त (Intangible) कला एवं संस्कृति को बढ़ावा देना है।  
  • मंत्रालय के अंतर्गत 2 संबद्ध कार्यालय (Attached Offices), 7 अधीनस्थ कार्यालय (Subordinate Offices) तथा 34 स्वायत्त संगठन (Autonomous Organizations) कार्यरत हैं, जिन्हें भारत सरकार द्वारा पूर्ण वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
  • संस्कृति मंत्रालय व्यापक स्तर पर देश की मूर्त सांस्कृतिक विरासत, अमूर्त सांस्कृतिक विरासत तथा ज्ञान विरासत (Knowledge Heritage) के संरक्षण, विकास और संवर्धन के लिए कार्य करता है।
  • इसके अतिरिक्त, मंत्रालय गांधीवादी विरासत (Gandhian Heritage) के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ-साथ महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाओं तथा महान विभूतियों की जयंती/शताब्दी समारोहों के आयोजन और स्मरण का दायित्व भी निभाता है। 
« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR