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भारत का व्यापार घाटा

चर्चा में क्यों?

  • फरवरी 2025 में भारत का माल व्यापार घाटा 42 महीने के निचले स्तर $14.05 बिलियन पर पहुँच गया।
    • यह गिरावट सोने, चांदी और कच्चे तेल के आयात में कमी के कारण हुई है।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के आँकड़ों के अनुसार-

व्यापार घाटा:

  • फरवरी 2025 में माल व्यापार घाटा 14.05 बिलियन डॉलर रहा।
    • फरवरी 2024 में यह 19.5 बिलियन डॉलर था।
  • जनवरी 2025 में आयात एवं निर्यात के बीच का अंतर 22.9 बिलियन डॉलर था।
  • वित्त वर्ष 2025 के पहले 10 महीनों के दौरान व्यापार घाटा 23 बिलियन डॉलर के औसत से भी काफी कम था।

आयात:

  • फरवरी 2025 में आयात 16.3% घटकर 50.9 बिलियन डॉलर के 22 माह के निचले स्तर पर आ गया।
  • सोने एवं चाँदी का आयात: 2.7 बिलियन डॉलर (जून 2024 के बाद सबसे कम)।
  • कच्चे तेल एवं पेट्रोलियम आयात: 11.89 बिलियन डॉलर (जुलाई 2023 के बाद सबसे कम, जब यह 11.81 बिलियन डॉलर था)।
  • भारत ने फरवरी 2025 में 16.55 बिलियन डॉलर मूल्य की सेवाओं का आयात किया।

निर्यात:

  • फरवरी 2025 में माल का निर्यात 36.9 बिलियन डॉलर रहा।
  • सेवाओं का निर्यात 28.33 बिलियन डॉलर (फरवरी 2024) से बढ़कर 35.03 बिलियन डॉलर (फरवरी 2025) हो गया।
  • वार्षिक आधार पर निर्यात में 10.84% की गिरावट दर्ज की गई।

चालू खाता अधिशेष

  • वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में लगभग 5 बिलियन डॉलर का अधिशेष देखने को मिल सकता है।
  • यह चालू तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के लगभग 0.5% के बराबर होगा।

प्रश्न. फरवरी 2025 में भारत का माल व्यापार घाटा कितने बिलियन डॉलर था?

(a) 19.5 बिलियन डॉलर

(b) 22.9 बिलियन डॉलर

(c) 14.05 बिलियन डॉलर

(d) 23 बिलियन डॉलर

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