JKIM और AAC विधिविरुद्ध संगठन घोषित

चर्चा में क्यों ?

  • भारत सरकार ने 'जम्मू और कश्मीर इत्तिहादुल मुस्लिमीन' (JKIM) और 'अवामी एक्शन कमेटी' (AAC) को गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) 1967 की धारा 3(1) के तहत पांच साल के लिए विधिविरुद्ध संगठन घोषित कर दिया है।
    "देश की शांति, कानून और संप्रभुता के खिलाफ गतिविधियों में लिप्त पाए जाने के करण यह प्रतिबंध लगाया गया है 

संगठनों पर लगाए गए आरोप

इन संगठनों के सदस्य निम्नलिखित राष्ट्र-विरोधी और विध्वंसक गतिविधियों में शामिल रहे हैं—

  • भारत से जम्मू और कश्मीर के अलगाव को बढ़ावा देना और उसका समर्थन करना।
  •  लोगों के बीच असंतोष के बीज बोना और कानून-व्यवस्था को अस्थिर करने के लिए उकसाना।
  • आतंकवाद का समर्थन करना और स्थापित सरकार के खिलाफ नफरत फैलाना।
  • जनता को कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगाड़ने के लिए उकसाना।

आतंकवादी घोषित करने की प्रक्रिया 

  • गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) संशोधन अधिनियम, 2019 के अनुसार, केंद्र सरकार किसी संगठन या व्यक्ति को आतंकवादी संगठन निर्दिष्ट कर सकती है, अगर वह- 
    1. आतंकवादी कार्रवाई करता है या उसमें भाग लेता है। 
    2. आतंकवादी घटना को अंजाम देने की तैयारी करता है। 
    3. आतंकवाद को बढ़ावा देता है
    4.  आतंकवादी गतिविधि में शामिल हो 
  • जिस व्यक्ति को आंतकी घोषित किया गया है, वह गृह सचिव के समक्ष अपील कर सकता है
  • गृह सचिव को 45 दिन के भीतर अपील पर निर्णय लेना होगा।

गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA), 1967

  • इसे भारत की सम्प्रभुता और एकता के लिये खतरा उत्पन्न करने वाली गतिविधियों को रोकने के लिए वर्ष 1967 में पारित किया गया   
  • अधिनियम के तहत गैर-कानूनी गतिविधि -
    • किसी व्यक्ति या संगठन द्वारा की गई ऐसी कार्रवाई जो -
      • भारत के राज्यक्षेत्र के किसी भाग पर अधिकार या नियंत्रण स्थापित करती हो  
      • भारत की संप्रभुता को खंडित या भारत की अखंडता को बाधित करती हो
  • यह निम्नलिखित अधिकारों पर युक्तियुक्त निर्बंधन आरोपित करता है -
    • अनुच्छेद 19 द्वारा प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता
    • बिना शस्त्रों के शांतिपूर्वक समूह में एकत्रित होने का अधिकार
    • संघ बनाने का अधिकार
  • केंद्र सरकार को किसी गतिविधि को गैरकानूनी गतिविधि घोषित करने का पूर्ण अधिकार है
  • इसके तहत भारतीय एवं विदेशी दोनों प्रकार के नागरिकों पर मुकदमा चलाया जा सकता है 
  • यह भारत तथा विदेशी भूमि पर होने वाले अपराध पर समान रूप से लागू होता है 
  • UAPA के तहत मृत्युदंड और आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान है 

प्रश्न - गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA) को कब पारित किया गया था ?

(a) वर्ष 1960

(b) वर्ष 1962

(c) वर्ष 1967

(d) वर्ष 1968

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