New
Final Result - UPSC CSE Result, 2025 GS Foundation (P+M) - Delhi : 23rd March 2026, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 17th March 2026 Final Result - UPSC CSE Result, 2025 GS Foundation (P+M) - Delhi : 23rd March 2026, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 17th March 2026

विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर 16 वर्षों के उच्चतम स्तर पर

प्रारंभिक परीक्षा- समसामयिकी, विनिर्माण क्षेत्र, परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स
मुख्य परीक्षा- सामान्य अध्ययन, पेपर-3

संदर्भ:

HSBC इंडिया परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) के अनुसार मार्च 2024 में विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर 16 वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है।

PMI

मुख्य बिंदु:

  • मार्च 2024 में PMI 59.1 पर पहुंच गया। 
  • यह फरवरी 2024 में 56.9 था।
  • यह वर्ष 2008 के बाद उच्चतम स्तर है। 
  • HSBC इंडिया मैन्युफैक्चरिंग PMI को S&P ग्लोबल द्वारा संकलित किया गया है।

विनिर्माण क्षेत्र में वृद्धि का कारण: 

  • घरेलू और विदेशों में निर्यात दोनों बाजारों से नए कार्य का अंतर्वाह (Inflow) मजबूत हुआ। 
  • मई 2022 के बाद से नए निर्यात ऑर्डर तेज गति से बढ़े हैं।
    • इस दौरान उपभोक्ता, मध्यवर्ती और निवेश वस्तुओं के क्षेत्रों में वृद्धि हुई।
  • वर्ष 2023 के मध्य से खरीद की मात्रा में सबसे तेज दर से वृद्धि हुई और यह लगभग 13 वर्षों में सबसे मजबूत रही।
    • इसका प्रमुख कारण है कि कंपनियों ने बिक्री में अपेक्षित सुधार से पहले स्टॉक बनाने की कोशिश की थी।
  • भारत में निर्माताओं ने मार्च 2024 में अतिरिक्त कर्मचारियों को काम पर रखा। 
    • रोजगार सृजन की गति कम थी, लेकिन सितंबर 2023 के बाद से सबसे अच्छी है।
  • कीमतों में मामूली गिरावट के बावजूद लागत मूल्य पांच महीनों में अपने उच्चतम स्तर पर था। 
    • कंपनियों ने कपास, लोहा, मशीनरी उपकरण, प्लास्टिक और स्टील की खरीद पर अधिक भुगतान किया। 
    • बिक्री मूल्य में वृद्धि कम रही क्योंकि उत्पादकों ने ग्राहकों के हित में एक वर्ष में कम से कम सीमा शुल्क बढ़ाया।
  •  भारतीय विनिर्माण क्षेत्र के परिदृश्य पर कंपनियां औसतन आश्वस्त रहीं। 
    • कंपनियों ने वर्ष 2024 में 28% उत्पाद वृद्धि और 1% संकुचन का अनुमान लगाया।

पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्‍स (PMI): 

  • इसके द्वारा विनिर्माण और सेवा क्षेत्र की आर्थिक स्थिति का आंकलन किया जाता है। 
  • इसे अलग-अलग कारोबारी पहलुओं पर प्रबंधकों की राय के आधार पर तैयार किया जाता है।
  • इसमें शामिल सभी देशों की तुलना एक जैसे मापदंड के आधार पर की जाती है।
  • विनिर्माण क्षेत्र में PMI 5 प्रमुख कारकों पर आधारित होता है; 
    • नए ऑर्डर
    • स्टॉक का स्‍तर
    • उत्पादन
    • सेवा प्रतिपादन 
    • रोजगार वातावरण 
  • सेवा क्षेत्र में 6 कारकों को शामिल किया जाता है;
    • परिवहन एवं संचार
    • वित्तीय मध्यस्थता 
    • व्यापार सेवा 
    • व्यक्तिगत सेवा 
    • कंप्यूटिंग और सूचना प्रौद्योगिकी 
    • होटल एवं रेस्टोरेंट 
    • PMI इंडेक्स में 50 को आधार अंक माना गया है। 
    • 50 से ऊपर के PMI आंकड़े को कारोबारी गतिविधियों के विस्तार के रूप में देखा जाता है। 
    • 50 से नीचे के आंकड़े को कारोबारी गतिविधियों में गिरावट के रूप में  देखा जाता है।

विनिर्माण क्षेत्र:

  • कच्चे पदार्थ को मूल्यवान उत्पाद में परिवर्तित कर अधिक मात्रा में वस्तुओं के उत्पादन को विनिर्माण या वस्तु निर्माण कहा जाता है। 
  • विनिर्माण उद्योग आर्थिक विकास का आधार माने जाते हैं।
  • यह द्वितीयक श्रेणी के अंतर्गत आता है।

प्रारंभिक परीक्षा के लिए प्रश्न:

प्रश्न: निम्नलिखित पर विचार कीजिए।

  1. नए ऑर्डर
  2. स्टॉक का स्‍तर
  3. उत्पादन
  4. सेवा प्रतिपादन 
  5. रोजगार वातावरण 

उपर्युक्त में से किन कारकों पर विनिर्माण क्षेत्र का पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्‍स आधारित होता है।

(a) केवल 1 और 2

(b) केवल 2, 3 और 4

(c) केवल 1, 3 और 5

(d) 1, 2, 3, 4 और 5

उत्तर- (d)

मुख्य परीक्षा के लिए प्रश्न:

प्रश्न: HSBC इंडिया परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स में भारत में विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर मार्च 2024 में 16 वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। इसके प्रमुख कारणों को स्पष्ट करें।

« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR
X