(प्रारंभिक परीक्षा : विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी) (मुख्य परीक्षा सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र- 3: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में भारतीयों की उपलब्धियाँ; देशज रूप से प्रौद्योगिकी का विकास और नई प्रौद्योगिकी का विकास)
संदर्भ
भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (TDB) ने नई दिल्ली स्थित स्टार्टअप मेसर्स मेटा तत्त्व सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड को मल्टी-स्पेक्ट्रल कैमोफ्लाज (MSC) सामग्री व शेल्टर्स के निर्माण के लिए एक औद्योगिक सुविधा स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की है।
यह परियोजना मेटामटेरियल सरफेस क्लोकिंग सिस्टम (MSCS) को व्यावसायिक रूप से विकसित करने का लक्ष्य रखती है जो रक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण तकनीकी प्रगति है।
क्या है मेटामटेरियल सरफेस क्लोकिंग सिस्टम (MSCS)
क्या है :यह एक उन्नत रक्षा प्रौद्योगिकी है, जो सैन्य उपकरणों, जैसे- टैंक, विमान एवं मोबाइल कमांड पोस्ट को दृश्य (Visible), पराबैंगनी (UV) व अवरक्त (IR) स्पेक्ट्रम में सेंसरों तथा निगरानी प्रणालियों से छिपाने के लिए डिज़ाइन की गई है।
इसे मल्टी-स्पेक्ट्रल कैमोफ्लाज सिस्टम (MSCS) भी कहा जाता है।
सामग्री : यह प्रणाली मेटामटेरियल्स पर आधारित है। इस विशेष सामग्री को प्रकाश व अन्य तरंगों को अवशोषित करने या मोड़ने के लिए इंजीनियर किया जाता है, जिससे उपकरणों की दृश्यता कम होती है।
विकास एवं पेटेंट : इसे भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर द्वारा विकसित एवं पेटेंट कराया गया है।
निर्माण : मेसर्स मेटा तत्त्व सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा
मेटामटेरियल सरफेस क्लोकिंग सिस्टम की विशेषताएँ
मल्टी-स्पेक्ट्रल छिपाव : यह प्रणाली रक्षा उपकरणों को दृश्य, UV एवं IR स्पेक्ट्रम में सेंसरों से बचाने में सक्षम है, जिससे युद्धक्षेत्र में छिपने की क्षमता में क्रांतिकारी सुधार होता है।
हल्का एवं त्वरित तैनाती : MSCS सामग्री हल्की, जलरोधक एवं अग्निरोधी है जो इसे रैपिड इरेक्ट सन शेल्टर्स (RESS) जैसे अनुप्रयोगों के लिए उपयुक्त बनाती है।
उच्च शक्ति एवं टिकाऊपन : इसकी सैंडविच संरचना उच्च तन्यता एवं कतरनी शक्ति प्रदान करती है जो इसे कठिन परिस्थितियों में उपयोगी बनाती है।
MIL PRF मानकों का अनुपालन : यह प्रणाली सैन्य प्रदर्शन मानकों (MIL PRF) को पूरा करती है और उपकरण-विशिष्ट छिपाव प्रदान करती है।
स्वदेशी विकास : यह तकनीक पूर्ण रूप से स्वदेशी है और इसे TDB द्वारा समर्थित नई सुविधा में पूरी तरह से इन-हाउस प्रोसेस किया जाएगा।
रणनीतिक एवं सामरिक महत्व
सामरिक लाभ :यह आधुनिक युद्ध में निगरानी-रोधी (Counter-surveillance) क्षमता प्रदान करता है जो इलेक्ट्रॉनिक युद्ध और ड्रोन-आधारित निगरानी के युग में महत्वपूर्ण है। यह सशस्त्र बलों को सामरिक बढ़त और परिचालन गोपनीयता प्रदान करता है, जिससे हमले की योजना व निष्पादन में लाभ मिलता है।
रक्षा आत्मनिर्भरता और आयात पर निर्भरता में कमी : यह तकनीक IIT कानपुर द्वारा विकसित और मेटा तत्त्व सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा निर्मित एक स्वदेशी समाधान है, जो आत्मनिर्भर भारत व मेक इन इंडिया पहल को मजबूत करता है। यह प्रणाली भारत की रक्षा आपूर्ति श्रृंखला में विदेशी प्रौद्योगिकी पर निर्भरता को कम करती है।
रक्षा उपकरणों की उन्नत सुरक्षा :यहतकनीकटैंक, विमान एवं मोबाइल कमांड पोस्ट जैसे रक्षा उपकरणों को दृश्य, पराबैंगनी व अवरक्त स्पेक्ट्रम में सेंसरों (अर्थात रडार, थर्मल इमेजिंग) से छिपाता है। यह नजदीकी-परिपूर्ण तरंग अवशोषण प्रदान करता है, जिससे उपकरणों की दृश्यता न्यूनतम होती है और उनकी सुरक्षा भी होती है।
त्वरित तैनाती एवं परिचालन लचीलापन : MSCS की हल्की, जलरोधक एवं अग्निरोधी सैंडविच संरचना इसे रैपिड इरेक्ट सन शेल्टर्स (RESS) जैसे अनुप्रयोगों के लिए उपयुक्त बनाती है जो युद्धक्षेत्र में त्वरित तैनाती की सुविधा देता है। उपकरण-विशिष्ट छिपाव (Asset-specific Masking) इसे विभिन्न रक्षा उपकरणों और परिदृश्यों के लिए अनुकूलित करता है।