न्यूनतम आहार विविधता

(मुख्य परीक्षा : सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र-2 शासन व्यवस्था, संविधान, शासन प्रणाली, सामाजिक न्याय तथा अंतर्राष्ट्रीय संबंध : गरीबी एवं भूख से संबंधित विषय।)

चर्चा में क्यों 

  • संयुक्त राष्ट्र सांख्यिकी आयोग ने सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में प्रगति को ट्रैक करने के लिए एक नया संकेतक न्यूनतम आहार विविधता (MDD) को अपनाया है। 
  • यह संकेतक कुपोषण को समाप्त करने और SDG-2 (जीरो हंगर) को प्राप्त करने की दिशा में प्रगति को ट्रैक करने के एक महत्त्वपूर्ण पहलू को दर्शाता है।

नए संकेतक के रूप में न्यूनतम आहार विविधता (MDD)

  • क्या है : न्यूनतम आहार विविधता प्रतिदिन उपभोग किए जाने वाले खाद्य पदार्थों की विविधता को दर्शाता है जो हमारे आहार की गुणवत्ता, स्वास्थ्य, वृद्धि, विकास और कल्याण के लिए आवश्यक है।
  • शामिल खाद्य पदार्थ : इस संकेतक के अंतर्गत 10 खाद्य समूहों का सेवन शामिल है –
  • अनाज,सफेद जड़ें (शलजम, चुकंदर, गाजर, चुकंदर और प्याज) और कंद (आलू एवं शकरकंद), और केला ,दालें (बीन्स, मटर और मसूर),मेवे और बीज,दूध और दूध से बने उत्पाद,मांस, मुर्गी एवं मछली,अंडे,हरी पत्तेदार सब्जियाँ,विटामिन A युक्त फल और सब्जियाँ। 
  • लक्षित जनसंख्या समूह : नए MDD संकेतक को पद्धतिगत रूप से मान्य किया गया है और इसे दो जनसंख्या समूहों के लिए मापा जाएगा। 
    • इसमें बच्चों एवं प्रजनन आयु की महिलाओं को क्रमशः ‘MDD-C’ और ‘MDD-W’ के रूप में शामिल किया गया है । 
    • खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) द्वारा विकसित MDD-W एक सरल संकेतक है। 
    • इसके तहत यह मापा जाता है कि क्या 15 से 49 वर्ष की महिलाओं ने पिछले 24 घंटों में 10 परिभाषित खाद्य समूहों में से कम से कम 5 का सेवन किया है।
    • यही प्रक्रिया MDD-C के तहत अपनाई गई है। 

महत्त्व  

  • यह संकेतक उन लगभग 250 संकेतकों में शामिल हो गया है, जिनकी निगरानी वर्ष 2017 में अपनाए गए सतत विकास लक्ष्यों (SDG) के लिए वैश्विक संकेतक ढांचे के तहत पहले से ही की जा रही है।
  • अस्वास्थ्यकर आहार पैटर्न को वैश्विक स्तर पर खराब स्वास्थ्य परिणामों और गैर-संचारी रोगों का प्राथमिक कारणों में से एक माना  जाता है। 
    • नए संकेतक को शामिल करने से देशों तथा अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को आहार संबंधी हस्तक्षेपों के माध्यम से पोषण एवं स्वास्थ्य परिणामों को बढ़ाने और एस.डी.जी. 2 को प्राप्त करने के लिए साक्ष्य-आधारित रणनीति तैयार करने में मदद मिलेगी। 
  • MDD मुख्य रूप से महिलाओं और बच्चों पर केंद्रित है क्योंकि ये विभिन्न प्रकार के कुपोषण के सबसे अधिक जोखिम में हैं। 
  • MDD संकेतक का उपयोग जनसंख्या स्तर पर आहार विविधता का आकलन करने, कार्यक्रमों के प्रभाव का मूल्यांकन करने, नीतियों को सूचित करने और लक्ष्य निर्धारित करने के लिए किया जा सकता है। 

इसे भी जानिए

संयुक्त राष्ट्र सांख्यिकी आयोग (UNSC)

  • परिचय : संयुक्त राष्ट्र सांख्यिकी आयोग अंतर्राष्ट्रीय सांख्यिकीय गतिविधियों के लिए सर्वोच्च निर्णय लेने वाला निकाय है। 
  • स्थापना : इसकी स्थापना आर्थिक एवं सामाजिक परिषद् द्वारा 16 फरवरी 1946 को एक संकल्प द्वारा की गई थी। 
  • मुख्यालय : न्यूयॉर्क (संयुक्त राज्य अमेरिका)
  • प्रमुख कार्य : यह सांख्यिकीय मानकों को निर्धारित करने तथा अवधारणाओं और विधियों के विकास के लिए जिम्मेदार है, जिसमें राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उनका कार्यान्वयन भी शामिल है।
  • यह विश्व भर के सदस्य देशों के मुख्य सांख्यिकीविदों को एक साथ लाता है। 
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