चर्चा में क्यों ?
हाल ही में नेशनल एनुअल रिपोर्ट एंड इंडेक्स ऑन वुमेंस सेफ्टी (NARI) 2025 जारी की गई। इसमें देश के विभिन्न शहरों में महिलाओं की सुरक्षा की स्थिति पर महत्वपूर्ण आंकड़े प्रस्तुत किए गए। रिपोर्ट राष्ट्रीय महिला आयोग (NMC) की अध्यक्ष विजया राहटकर द्वारा जारी की गई।
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रिपोर्ट के प्रमुख बिंदु
- सबसे सुरक्षित शहर:
- कोहिमा, विशाखापट्टनम, भुवनेश्वर, आइजोल, गंगटोक, ईटानगर, और मुंबई महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित शहर हैं।
- क्यों रहे शीर्ष पर:
- लैंगिक समानता: सामाजिक और आर्थिक क्षेत्रों में महिलाओं की अधिक भागीदारी।
- प्रभावी पुलिसिंग: त्वरित प्रतिक्रिया और विश्वसनीय सुरक्षा व्यवस्था।
- महिला-अनुकूल इन्फ्रास्ट्रक्चर: सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन, अच्छी स्ट्रीट लाइटिंग, और रात में सुरक्षित सार्वजनिक स्थान।
- नागरिक भागीदारी: सामुदायिक जागरूकता और सहयोगी पहल।
- सबसे कम सुरक्षित शहर:
- पटना, जयपुर, फरीदाबाद, दिल्ली, कोलकाता, श्रीनगर, और रांची को सबसे कम सुरक्षित शहरों के रूप में चिह्नित किया गया।
- क्यों पिछड़े:
- कमजोर सुरक्षा उपाय: अपर्याप्त पुलिस गश्त और सुरक्षा संसाधन।
- उत्पीड़न की उच्च दर: सार्वजनिक परिवहन (29%) और पड़ोस (38%) में उत्पीड़न की घटनाएँ।
- शिकायतों पर कार्रवाई का अभाव: केवल 25% महिलाओं को शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई का भरोसा।
नेशनल एनुअल रिपोर्ट एंड इंडेक्स ऑन वुमेंस सेफ्टी (NARI):
- NARI महिलाओं की सुरक्षा से संबंधित एक वार्षिक रिपोर्ट और इंडेक्स है।
- इसे राष्ट्रीय महिला आयोग (NMC) द्वारा जारी किया जाता है।
- इसका उद्देश्य देश के विभिन्न शहरों और राज्यों में महिलाओं की सुरक्षा की वास्तविक स्थिति को आँकड़ों और सर्वेक्षण के आधार पर सामने लाना है।
मुख्य उद्देश्य
- महिला सुरक्षा की स्थिति का आकलन – शहर/राज्यवार तुलनात्मक स्थिति।
- सुधार के क्षेत्र चिन्हित करना – कमजोर और मजबूत पहलुओं को उजागर करना।
- नीति-निर्माण में सहायक – सरकार, पुलिस और शहरी प्रशासन को ठोस सुझाव प्रदान करना।
- महिलाओं की धारणा और अनुभव को शामिल करना – केवल अपराध आँकड़ों पर आधारित नहीं, बल्कि ग्राउंड रियलिटी पर आधारित।
प्रश्न. निम्नलिखित में से कौन सा शहर NMC की रिपोर्ट के अनुसार महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित शहरों में शामिल है ?
(a) दिल्ली
(b) कोहिमा
(c) जयपुर
(d) लखनऊ
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